सम सामयिक लेख
माँ का आँचल
माँ का आँचल माँ का आँचल कोई साधारण कपड़ा नहीं होता, वह तो दुनिया का सबसे नरम और सुरक्षित कोना होता है। जहाँ हर डर छिप जाता है, आँसू थम जाते हैं, और नींद भी बिना बुलाए चली आती है। जब मैं हारकर और थककर लौटता हूँ, उस आँचल की छाँव में सुकून मिल जाता … Read more
आखिरी पेन
आखिरी पेन मदुरै, मीनाक्षी मंदिर का प्रवेश द्वार। व्यक्ति: पेरियासामी। उम्र 60 वर्ष। हर रोज सुबह 6 बजे वह मंदिर के प्रवेश द्वार पर बैठते थे। उनके सामने एक छोटा सा कपड़ा बिछा होता, जिस पर पेन, पेंसिल, रबर और कंपास बॉक्स जैसी चीजें सजी होतीं। एक फुटपाथ की दुकान। लेकिन खास कोई धंधा नहीं। … Read more
भक्तिसूत्र प्रेम-दर्शन देवर्षि नारद विरचित सूत्र~४२
भक्तिसूत्र प्रेम-दर्शन देवर्षि नारद विरचित सूत्र~४२ प्रिय बच्चों ! मैं पुनःआप सबकी सेवामें देवर्षि नारद कृत भक्ति-सूत्र का सूत्र प्रस्तुत कर रहा हूँ,यहाँ कहते हैं कि- “साध्यतास् तदेव साध्यतास्।।४२।।” इसलिए उसकी ही साधना करो, उसकी ही साधना करो। देवर्षि नारद जी इस सूत्र के माध्यम से पुन:श्च इसी परम सत्य को स्थापित करना चाहते हैं कि — छोड दो नाना प्रकार के विवादों को … Read more
अनकहा अध्याय-पिता(कहानी)
अनकहा अध्याय-पिता(कहानी) रात काफी गहरी हो चली थी।घड़ी की सुइयां साढ़े दस बजा रहीं थीं और अब शहर की सड़कों पर धीरे-धीरे सन्नाटा उतरने लगा था। फैक्टरी की मशीनों की तेज आवाज के बीच आदित्य अपनी दूसरी शिफ्ट पूरी कर रहे थे। पसीने से भीगा उनका चेहरा थकान से भरा था, मैले-कुचैले से कपड़े, लेकिन … Read more
सम्राट की सरकार में परिवार की अमरबेल
सम्राट की सरकार में परिवार की अमरबेल राधा रमण बिहार में सरकार गठन के 22 वें दिन सम्राट चौधरी सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार किया गया। इसमें 32 नये सदस्यों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। सात लोग पहली बार मंत्री बने। इनमें दो किसी सदन के सदस्य नहीं हैं। उन्हें छह माह के भीतर … Read more
पीड़ा के अंधेरों में उम्मीद का दीप जलाता रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट आंदोलन।
पीड़ा के अंधेरों में उम्मीद का दीप जलाता रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट आंदोलन। -सुनील कुमार महला हर साल 8 मई को मानवता, सेवा, करुणा और निःस्वार्थ सहायता के भाव को समर्पित विश्व रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट दिवस मनाया जाता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि संकट, युद्ध, आपदा या महामारी जैसी … Read more
‘अपराजेय’ कोई नहीं, इसलिए जन-हित न भूलिए
‘अपराजेय’ कोई नहीं, इसलिए जन-हित न भूलिए अजय जैन ‘विकल्प’, इंदौर (मप्र) ===== जैसे खेल में बहुत कुछ तय होने पर भी अनेक बार नया इतिहास रचा जाता है, ऐसे ही राजनीति में भी सबका समय आता है और जनादेश किसी को सत्ता देता है, तो किसी के किलों की दीवारें दरक जाती है। … Read more
बेटी त्याग की मूरत है
बेटी त्याग की मूरत है सनातनी धार्मिक मान्यतानुसार ” यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता: ” यानी जहाँ नारियों को पूजा जाता है वहाँ देवता निवास करते है लेकिन दहेज कुप्रथा के कारण बेटियों को परिवार का बोझ समझा जाता है जो कि सरासर गलत है। हम सब जानते है कि दहेज कुप्रथा के कारण … Read more
सही चुनाव करे।
सही चुनाव करे। मनुष्य को परिस्थिति के अनुरूप सही चुनाव करना चाहिए वरना एक गलत चुनाव जीवन भर पछताने पर मजबूर कर देता है। मेरा चुनाव का अर्थ सार्थक जीवन और जीवन के अस्तित्व से संबंधित है। ऐसे मे हमे दूरदर्शी दृष्टि रखते हुए ऐसा निष्ठावान, दूरदर्शी, हितैषी, मित्र तथा सलाहकार चयन करना … Read more