बड़खला के मंच से गूंजा संदेश—सुर नहीं थमेंगे, भाषा-संस्कृति की मशाल लेकर आगे बढ़ता रहेगा बराक बंगाल
निहार कांति राय उधारबंद, 5 अक्टूबर। बराक घाटी बंग साहित्य एवं संस्कृति सम्मेलन के स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर रविवार को बड़खला के सेडो सांस्कृतिक प्रेक्षागृह में संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों ने समूचे वातावरण को सुर-ताल से सराबोर कर दिया। सम्मेलन की कछार जिला समिति के तत्वावधान तथा बड़खला आंचलिक समिति के आयोजन … Read more