वीर सावरकर की ऐतिहासिक छलांग

अंग्रेजों के विरुद्ध लड़े गये भारत के स्वाधीनता संग्राम में वीर विनायक दामोदर सावरकर का अद्वितीय योगदान है। उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर देश ही नहीं, तो विदेश में भी क्रांतिकारियों को तैयार किया। इससे अंग्रेजों की नाक में दम हो गया। अतः ब्रिटिश शासन ने उन्हें लंदन में गिरफ्तार कर मोरिया नामक पानी … Read more

इचाबिल चाय बागान के शंभु नारायण कानू

— अशोक वर्मा जीवन एक संघर्ष है। प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में आने वाली प्रतिकूल परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए आगे बढ़ता है। गरीबी मानव जीवन का एक बड़ा अभिशाप कही जा सकती है। किंतु इसी गरीबी में आत्मविश्वासी और दृढ़ संकल्प वाले लोग अपनी मानवीय कमजोरियों पर विजय प्राप्त कर स्वयं को स्थापित करने … Read more

7 जुलाई/जन्म-दिवसविलक्षण संन्यासी  करपात्री जी महाराज

स्वामी करपात्री जी के नाम से प्रसिद्ध संन्यासी का बचपन का नाम हरनारायण था। इनका जन्म सात जुलाई, 1907 ग्राम भटनी, उत्तर प्रदेश में पण्डित रामनिधि तथा श्रीमती शिवरानी के घर में हुआ था। सनातन धर्म के अनुयायी इनके पिता श्रीराम एवं भगवान शंकर के परमभक्त थे। वे प्रतिदिन पार्थिव पूजा एवं रुद्राभिषेक करते थे। … Read more

6 जुलाई / जन्मदिनमानवता के उपासक और सिद्धान्तवादी राजनीतिज्ञ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी

डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी जी का जन्म 6 जुलाई 1901 को कलकत्ता के अत्यन्त प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। उनके पिता सर आशुतोष मुखर्जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे एवं शिक्षाविद् के रूप में विख्यात थे। श्यामा प्रसाद जी ने भी अल्पायु में ही विद्याध्ययन के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलताएँ अर्जित कर ली थीं। डॉ. श्यामाप्रसाद … Read more

          किसमे है दम! 

एक मे दम कहां? जो लूटे हमे मझधारो मे जिसने हमे लूटा, वे लूटेरे थे हजारो मे ॥  कहां है सर कलम करने की ताकत कसाईयों मे जिसने हमे कत्ल किया, वे तलवार थे भाईयों मे॥  साजिश मे दम कहां? जो बांटे हमे औरों मे जिनको हमसे डर था, वे भाई थे गैरो मे॥  तीर … Read more

प्रश्नचिह्नों में रह गई अधूरी बातें

जब तक प्रश्नों के उत्तर नहीं मिलते, मन अशांत ही रहता है। कुछ प्रश्नों के उत्तर पाना सचमुच बहुत कठिन होता है। उससे भी अधिक कठिन होता है उन प्रश्नों को भुला देना, उनके पीछे छिपे दुःख को भूल जाना या मन के भीतर उठती बेचैन लहरों को शांत कर पाना। हर दुःख को आँसुओं … Read more

संघ शताब्दी वर्ष पर स्मरणीय व्यक्तित्व

निःस्पृह और निर्मोही विमलताई कृष्णराव देशपांडे  “नाम की चाह नहीं, काम ही पहचान रहा, माँ-सी तपस्विनी का जीवन राष्ट्र को समर्पण रहा।”।” राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर उन अनगिनत तपस्वी कार्यकर्ताओं का स्मरण स्वाभाविक है, जिन्होंने बिना किसी प्रसिद्धि या व्यक्तिगत अपेक्षा के राष्ट्र और समाज के लिए अपना संपूर्ण जीवन … Read more

1 जुलाई/इतिहास स्मृतिमदनलाल ढींगरा द्वारा कर्जन वायली वध

तेजस्वी तथा लक्ष्यप्रेरित लोग किसी के जीवन को कैसे बदल सकते हैं, मदनलाल ढींगरा इसका उदाहरण है। उनका जन्म 1883 को अमृतसर में हुआ था। उनके पिता तथा भाई वहाँ प्रसिद्ध चिकित्सक थे। बी.ए. करने के बाद मदनलाल को उन्होंने लन्दन भेज दिया। वहाँ उसे क्रान्तिकारी श्यामजी कृष्ण वर्मा द्वारा स्थापित ‘इण्डिया हाउस’ में एक … Read more

गुरुचरण विश्वविद्यालय शिलचर के विद्यार्थियों की कलम से कुछ रोचक खबरें 

1. देवश्री ग्वाला | शिलचर इंपीरियल मॉल स्पा मामला: फरार मालिकों की तलाश तेज, दो और हिरासत में शिलचर के इंपीरियल मॉल स्थित स्पा सेंटरों में कथित अनैतिक गतिविधियों के मामले में कछार पुलिस ने जांच तेज कर दी है। सोमवार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध) रजत कुमार पाल के नेतृत्व में पुलिस ने दोबारा … Read more

30 जून/पुण्यतिथिप्रातःस्मरणीय दादा भाई नौरोजी

दादा भाई नौरोजी का जन्म चार सितम्बर, 1825 को मुम्बई के एक पारसी परिवार में हुआ था। उनके पिता श्री नौरोजी पालनजी दोर्दी तथा माता श्रीमती मानिकबाई थीं। जब वे छोटे ही थे, तो उनके पिता का देहान्त हो गया; पर उनकी माता ने बड़े धैर्य से उनकी देखभाल की। यद्यपि वे शिक्षित नहीं थीं; … Read more