वैक्सीन लगवाने की लगी है होड़, फिर भी कुछ लोग भयभीत

– मदन सिंघल भारत में दो बङी कंपनियों ने वैक्सीन बनाकर एक रिकॉर्ड बनाया है तथा लगभग तीन कंपनियों की वैक्सीन जल्द ही बाजार में आने वाली है.भारत ने विश्व के अनेक देशों में कोराना वैक्सीन भेजी गयी है वही भारत में फ्रंट लाइन के कर्मियों के साथ पुलिस, सुरक्षा बलों, मिडिया तथा देश के … Read more

मातृ भाषा सुरक्षा -शशिकांत चौथाईवाले

सारे विश्व में दिनांक 21 फरवरी का दिन आंतर राष्ट्रीय मातृ भाषा सुरक्षा दिन के रूपमें मनाया जाता है। भारत तथा असम में भी सर्वत्र यह दिन बड़े उत्साह से पालन करते है। इस साल बराक उपत्यका में सभा , शोभायात्रा, कुछ जगह रक्त दान शिबिर, अस्पताल में मरीजोंको फल आदि वितरण,गरीब वस्ती में वस्त्र … Read more

12 ‘प्र’ से किया जा सकता है राजभाषा हिंदी का समुचित विकास

डॉ. सुमीत जैरश राजभाषाा अर्थात राज-काज की भाषा, अर्थात सरकार द्वारा आम-जन के लिए किए जाने वाले कार्यों की भाषा। राजभाषा के प्रति लगाव और अनुराग राष्‍ट्र प्रेम का ही एक रूप है। संविधान सभा ने 14 सितंबर 1949 को हिंदी को राजभाषा का दर्जा प्रदान किया था। वर्ष 1975 में राजभाषा विभाग की स्‍थापना … Read more

क्षत -विक्षत कपोत- डाक्टर श्रीधर द्विवेदी

सत्ताईस जनवरी दो हजार इक्कीस – , गणतंत्र दिवस के बाद का सबेरा I कल संपन्न हुए गणतंत्र दिवस के प्रभात परेड की भव्यता , शान -शौकत और मान-मर्यादा दोपहर होते होते लाल किले की शर्मनाक घटनाओं के चलते मिटटी में मिल चुकी थी I आज वातावरण में अजीब सी नीरवता है I ठंड और … Read more

इस हिंसा के असली दोषी- अवधेश कुमार

निस्संदेह, गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी दिल्ली में ट्रैक्टर परेड के नाम पर हुई हिंसा के कारण पूरे देश में क्षोभ का माहौल है। लेकिन अगर आप कृषि कानूनों के विरोध के नाम पर आंदोलन कर रहे नेताओं के बयान और तेवर देखिए तो आपका गुस्सा ज्यादा बढ़ जाएगा। इनमें से कोई भी इस … Read more

किसान आंदोलन पर व्यंग लेख, ।।ट्रैक्टर रैली से मोदी मित्रों द्वारा फायदा उठाने की साजिश का हुआ खुलासा।।

विश्वस्त सूत्रों से पता चला है के ट्रैक्टर रैली में सबसे ज्यादा किस कंपनी के ट्रैक्टर शिरकत कर रहे हैं,सारी ट्रैक्टर कंपनियां इस पर नजर रख रही है…इस आधार पर कंपनियां अपना विज्ञापन बनवाएगी और मार्केट में अपनी बिक्री बढ़ाएगी… ‘अडानी-अम्बानी’ सरीखे लोग यहां भी फायदा उठा कर किसानों को ही बाजार बनाने की संभावना … Read more

क्या भारत का लोकतंत्र फर्जी है?

भारत के किसानों ने विपक्षी दलों पर जबर्दस्त मेहरबानी कर दी है। छह साल हो गए और वे हवा में मुक्के चलाते रहे। अब किसानों की कृपा से उनके हाथ में एक बोथरा चाकू आ गया है, उसे वे जितना मोदी सरकार के खिलाफ चलाते हैं, वह उतना ही उनके खिलाफ चलता जाता है। अब … Read more