जब रेलगाड़ी की जनरल बोगी में अतीक अहमद की ‘इज़्ज़त’ दांव पर लगी

जब रेलगाड़ी की जनरल बोगी में अतीक अहमद की ‘इज़्ज़त’ दांव पर लगी और एक बात 18 साल बाद सच हुई ! साल था 2005. इलाहाबाद में एक रेलवे स्टेशन है रामबाग. वहां से सुबह एक पैसेंजर ट्रेन चलती है बनारस के मंडुआडीह के लिए. ट्रेन की हालत ये थी कि सुबह साढ़े छह सात … Read more

ज़हर की भी ज़रूरत नहीं पड़ेगी -राजेंद्र सिंह जादौन 

ज़हर की भी ज़रूरत नहीं पड़ेगी  -राजेंद्र सिंह जादौन  ज़हर की भी ज़रूरत नहीं पड़ेगी, पत्रकारिता से मोहब्बत तो करके देखो… हर रोज़ थोड़ा-थोड़ा मरोगे, सच लिखने की हिम्मत तो करके देखो… स्याही में दर्द घोलना पड़ेगा, हर लफ़्ज़ से सवाल उठाना पड़ेगा, यहाँ कलम उठाना आसान नहीं, खुद से पहले ज़माने से लड़ना पड़ेगा… … Read more

 वाह! पनघट। 

 वाह! पनघट।   हां  पनघट सखियों की जमघट मन की बातें करती जहाँ समस्या सुलझाती कमर पर गगरी ना होती शहरी वसंत मे कू कोयल की और छम- छम  गूंज पायल की गगरी छल – छल छलकती बलखाती, संभलती पगडंडी पर चलती सरकती दुपट्टा संभालती शीर्ष पतियों से लालिमा विदा लेती इधर सखियाँ घर लौटती अब … Read more

कर्म और भक्ति से बदलता है भाग्य

लघु कथा कर्म और भक्ति से बदलता है भाग्य कथा बहुत प्राचीन है। एक गृहस्थ किसान एक सिद्धि प्राप्त ऋषि से मानव की ललाट पर विधाता द्वारा लिखी भाग्य को पढ़ने की विधा सीखी। ऋषि मुनि ने यह विधा सिखाने के साथ- साथ यह भी बताया  कि विधाता द्वारा लिखी भाग्य किसी भी सुरत मे … Read more

स्वर सम्राज्ञी लता मंगेशकर

6 फरवरी /पुण्य-तिथि स्वर सम्राज्ञी लता मंगेशकर अपने सुरीले स्वर में 20 से भी अधिक भाषाओं में 50,000 से भी अधिक गीत गाकर ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड’ में नाम लिखा चुकीं स्वर सम्राज्ञी लता मंगेषकर को कौन नहीं जानता ? लता मंगेशकर का जन्म 28 सितम्बर, 1929 को इन्दौर (मध्य प्रदेश) में हुआ था। … Read more

मध्यम वर्ग का “गोल्ड” मेडल

मध्यम वर्ग का “गोल्ड” मेडल बाज़ार में सोने के भाव ने, छुआ है आसमान, पर हमारी गृहणियों का देखो, निराला है स्वैग और शान। तिजोरी भले ही खाली हो, पर घर में ‘गोल्ड’ की खान है, हर मध्यमवर्गीय नारी आज, बनी ‘गोल्ड’ की सुल्तान है! सुबह की शुरुआत होती है, टाटा टी गोल्ड की चुस्की … Read more

कर्म और भक्ति से बदलता है भाग्य

लघु कथा कर्म और भक्ति से बदलता है भाग्य कथा बहुत प्राचीन है। एक गृहस्थ किसान एक सिद्धि प्राप्त ऋषि से मानव की ललाट पर विधाता द्वारा लिखी भाग्य को पढ़ने की विधा सीखी। ऋषि मुनि ने यह विधा सिखाने के साथ- साथ यह भी बताया  कि विधाता द्वारा लिखी भाग्य किसी भी सुरत मे … Read more

दहलीज़ तक आया एक मेहमान

दहलीज़ तक आया एक मेहमान जो चला जाता है, वह चला जाता है— पर जो आदतों में जकड़ा रह जाता है, वही जानता है आदतों को छोड़ने की आदत की पीड़ा। कभी-कभी अधूरे मिलन में ही जीवन की प्राप्ति छिपी होती है। कभी-कभी रिश्तों का नाम न होना ही भविष्य को शांत बना देता है। … Read more

तिरंगा पूछता है!

तिरंगा पूछता है! यह तिरंगा जब लहराता है, तो सिर्फ़ हवा से नहीं लहराता— यह लहू से उठी हुंकार है, जो हर नागरिक से पूछ जाता— बताओ! क्या अब भी देश तुम्हारी आदत है, या सिर्फ़ अवसर की सियासत है? शहीदों ने माँ से वादा तोड़ा, पर वतन से कभी नहीं डोले, हँसते-हँसते प्राण चढ़ा … Read more

हमें शांति चाहिए

हमें शांति चाहिए मै एक रात बड़ा हैरान हुआ सोच – सोच कर बड़ा परेशान हुआ आज मानव, मानव को काट मारने को तैयार है अपने स्वार्थ हेतु मानव के गर्दन पर खींच रखी तलवार है इंसानियत – मानवता बस बेबस लाचार है जिनके पास यश, शक्ति है वे स्वयं मे चूर है अपने शक्ति … Read more