17 जुलाई /जन्म दिवस आजीवन समाज व राष्ट्र को समर्पित रहे ओम प्रकाश जी

श्री ओमप्रकाश जी का जन्म हरियाणा के पलवल जिले में 17 जुलाई 1927 ई. को पिता श्री कन्हैया लाल एवं माता श्री मति गेंदी देवी के घर में हुआ। आपकी शिक्षा दीक्षा मथुरा में हुई। स्नात्कोत्तर की शिक्षा आपने लखनऊ में पूर्ण की। सन् 1947 ई. में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक बने। आप अतरौली … Read more

 समाज मे पंचायत! 

अक्सर सुनने को मिलता है कि समाज बदल गया है मेरे ख्याल से समाज बदलता नही है बल्कि समाज मे परिवर्तन आता है। परिवर्तन लाजमी और प्रकृति का नियम भी है परन्तु धन और बल के आधार पर परिवर्तन घातक है। प्रख्यात हिन्दी के साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद जी का कथन है कि यदि धन और … Read more

चढ़ावे की हेराफेरी : पकड़े गए तो चोर, नहीं तो साधु समझो

राधा रमण  एक माह बीत जाने के बावजूद अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला ‘ज्यों-ज्यों दवा की, मर्ज बढ़ता गया’ की मानिन्द लगातार उलझता जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दी गई 15 दिनों की समयसीमा समाप्त हो गई। इस बीच उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) को जांच … Read more

           मेरा नायक

— एक शिक्षक और उसके विद्यार्थी की समानांतर यात्रा “समुद्र की अथाह गहराई और पहाड़ों की शांत ऊँचाई में एक अद्भुत समानता है—दोनों को जीतने के लिए साहस, धैर्य और अटूट विश्वास चाहिए।” आज अरुणाचल प्रदेश की शांत वादियों में स्थित अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य कक्ष में बैठा हूँ। बाहर बच्चों की चहल-पहल है, लेकिन … Read more

हर बेटी के नाम… एक पिता का पत्र!!

प्रिय बेटी, पिछले कुछ दिनों से मन बहुत विचलित है। सोशल मीडिया पर हिमाचल की कुछ बेटियों का एक वीडियो वायरल है जिसमें वे कथित तौर पर नशे, बॉय फ्रेंड, सेक्स जैसे मुद्दों पर गाली-गलौज और मारपीट के बीच परस्पर आरोप प्रत्यारोप लगाते दिखाई दे रही हैं। यही क्यों, आजकल ऐसे वीडियो, किस्से, खबरें हर … Read more

न्यायपालिका के खिलाफ फैल रहा असंतोष स्वस्थ लोकतंत्र के लिए घातक

सौरभ वार्ष्णेयभारतीय लोकतंत्र की सफलता का आधार उसके चार प्रमुख स्तंभ—विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और स्वतंत्र मीडिया—हैं। इनमें न्यायपालिका को संविधान का संरक्षक तथा नागरिकों के मौलिक अधिकारों का अंतिम रक्षक माना जाता है। न्यायपालिका केवल विवादों का निपटारा करने वाली संस्था नहीं, बल्कि संविधान की सर्वोच्चता, विधि के शासन  और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने … Read more

विद्यार्थी परिषद के शिल्पकार मदनदास देवी

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को वैचाारिक और जमीनी स्तर पर राष्ट्रीय बनाने में प्रोफेसर यशवंतरराव केलकर, प्रोफेसर बाल आप्टे तथा मदनदास देवी का विशेष योगदान रहा है। इनमें से प्रचारक के नाते मदनदास जी की विशिष्ट भूमिका रही। उनका जन्म नौ जुलाई, 1942 को महाराष्ट्र में सोलापुर जिले के करमाला गांव में हुआ था। यद्यपि … Read more

दृढ़ निश्चय के धनी संघ के प्रचारक डा. अमरसिंह

किसी भी काम को करते समय अनेक बाधाएं आती हैं। कुछ लोग इनके आगे घुटने टेक देते हैं, जबकि कुछ उन्हें हंसी में उड़ाकर आगे बढ़ जाते हैं। संघ के वरिष्ठ प्रचारक डा. अमरसिंह दूसरे प्रकार के लोगों में से थे।  उनका जन्म 10 जुलाई, 1940 को जिला सुल्तानपुर (उ.प्र.) के ग्राम सिंहौली (कोइरीपुर) में … Read more

इचाबिल चाय बागान के शंभु नारायण कानू

— अशोक वर्मा जीवन एक संघर्ष है। प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में आने वाली प्रतिकूल परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए आगे बढ़ता है। गरीबी मानव जीवन का एक बड़ा अभिशाप कही जा सकती है। किंतु इसी गरीबी में आत्मविश्वासी और दृढ़ संकल्प वाले लोग अपनी मानवीय कमजोरियों पर विजय प्राप्त कर स्वयं को स्थापित करने … Read more

संघ शताब्दी वर्ष पर स्मरणीय व्यक्तित्व

निःस्पृह और निर्मोही विमलताई कृष्णराव देशपांडे  “नाम की चाह नहीं, काम ही पहचान रहा, माँ-सी तपस्विनी का जीवन राष्ट्र को समर्पण रहा।”।” राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर उन अनगिनत तपस्वी कार्यकर्ताओं का स्मरण स्वाभाविक है, जिन्होंने बिना किसी प्रसिद्धि या व्यक्तिगत अपेक्षा के राष्ट्र और समाज के लिए अपना संपूर्ण जीवन … Read more