लेफ्टिनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा

3 मई/पुण्यतिथि लेफ्टिनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा दस दिन की जंग और 93 हजार युद्धबंदी 1962 में चीन का हमला हो या 1965 में भारत-पाकिस्तान का युद्ध, जनरल अरोड़ा का हर जंग में अपूर्व रणकौशल दिखा। 1971 में उन्होंने साबित कर दिखाया कि कठिन लक्ष्य को सूझबूझ और हिम्मत से कैसे हासिल किया जा सकता … Read more

रामभक्त राजनेता व साहित्यकार आचार्य विष्णुकांत शास्त्री

2 मई/जन्म-दिवस रामभक्त राजनेता व साहित्यकार आचार्य विष्णुकांत शास्त्री दो मई, 1929 को कोलकाता में पंडित गांगेय नरोत्तम शास्त्री तथा रूपेश्वरी देवी के घर में जन्मे आचार्य विष्णुकान्त शास्त्री साहित्य, संस्कृति और राजनीति के अद्भुत समन्वयक थे। मूलतः इनका परिवार जम्मू का था। केवल भारत ही नहीं, तो सम्पूर्ण विश्व में हिन्दी के श्रेष्ठ विद्वान … Read more

     सही चुनाव करे।

     सही चुनाव करे। मनुष्य को परिस्थिति के अनुरूप  सही चुनाव करना चाहिए वरना एक गलत चुनाव जीवन भर पछताने पर मजबूर कर देता है। मेरा चुनाव का अर्थ सार्थक जीवन और जीवन के अस्तित्व से संबंधित है। ऐसे मे हमे दूरदर्शी दृष्टि रखते हुए  ऐसा निष्ठावान, दूरदर्शी, हितैषी, मित्र तथा सलाहकार चयन करना … Read more

गरीबी क्या कुछ सिखा देती है?  एक प्रेरणादायक सच्ची घटना

गरीबी क्या कुछ सिखा देती है?  एक प्रेरणादायक सच्ची घटना बिहार के समस्तीपुर जिले के रोसड़ा गाँव में 1998 की बाढ़ वाली रात जब मिट्टी का घर आधा डूब गया था, तब रामसुभग पासवान की झोपड़ी में एक लड़का पैदा हुआ। दाई ने कहा, लड़का है। रामसुभग ने छत से टपकते पानी में ही माथा … Read more

1 मई : श्रमिक दिवस — मेहनतकश हाथों को सम्मान देने का दिन

1 मई : श्रमिक दिवस — मेहनतकश हाथों को सम्मान देने का दिन हर वर्ष 1 मई को पूरी दुनिया में “अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस” या “मई दिवस” मनाया जाता है। यह दिन उन करोड़ों मजदूरों और श्रमिकों को समर्पित है, जिनकी मेहनत से समाज, उद्योग, कृषि, निर्माण और देश की अर्थव्यवस्था चलती है। श्रमिक किसी … Read more

यह कविता नहीं, यह चार्जशीट है…

यह कविता नहीं, यह चार्जशीट है… Sudhir Dhawale बैंक के दरवाज़े पर आज कोई ग्राहक नहीं आया आज एक सवाल आया है उसके हाथ में पासबुक नहीं एक कंकाल है वो फॉर्म नहीं भर सकता वो हस्ताक्षर नहीं कर सकता पर उसने इतिहास पर एक गाढ़ा निशान बना दिया है हड्डियों से कब्र की मिट्टी … Read more

करुणा की देवी श्री श्री मां आनंदमयी

30 अप्रैल/जन्म-दिवस करुणा की देवी श्री श्री मां आनंदमयी भक्ति, प्रेम और करुणा की त्रिवेणी श्री श्री मां आनंदमयी एक महान आध्यात्मिक विभूति थीं। उनका जन्म 30 अप्रैल, 1896 (वैशाख पूर्णिमा) को त्रिपुरा के खेड़ा ग्राम में अपनी ननिहाल में हुआ था। अब यह गांव बांग्लादेश में है। उनका बचपन का नाम निर्मला सुंदरी था। … Read more

दुनिया में सैन्य खर्च बढ़ा, भारत पांचवें स्थान पर(स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिपरी) की ताजा रिपोर्ट-2025)

दुनिया में सैन्य खर्च बढ़ा, भारत पांचवें स्थान पर(स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिपरी) की ताजा रिपोर्ट-2025) -सुनील कुमार महला दुनिया के देश अपने रक्षा बजट या यूं कहें कि सैन्य खर्च में अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी कर रहे हैं। वास्तव में, आज के समय में दुनिया भर में सैन्य खर्च कई कारणों से तेजी से बढ़ रहा … Read more

चीणी ल्यायो

चीणी ल्यायो पच्चीस की जिगां भी तीस घरहाली पकड़ाई घरहाले न रासन ल्याणे की लिष्ट पढ़तांई घरहालो बावलो हुयो चीणी लिखी थी पांच किल्लो की जिंगा पच्चीस । बोलतांई बणियाणी भड़की अर बोली ढ़ाई किलो लांयां भी होसी बस घर मं केरी अर आम मती लाया बदली मांय मतीरो ही खाया । भूल जाया केरी … Read more

समाज  संगठित  हो

समाज  संगठित  हो इकट्ठा होकर एक साथ रहना ही समाज कहलाता है। जबतक हम बिखरे रहेंगे तबतक उत्थान से पिछड़े रहेंगे अर्थात जबतक हम जाति – प्रजाति, भाषा,अमीरी- गरीबी, ऊँच – नीच, स्वार्थी विचार वाले मतभेदों मे बंटे रहेंगे तबतक  समाज मे हमारा उचित महत्व नही मिल पाएगा। पूरी तरह से संगठित होकर एकत्व भाव … Read more