द फोर्थ जेंडर

-पूजा पारीक   हमारे समाज ने जेंडर की औपचारिक गिनती भले ही थर्ड जेंडर पर रोक रखी हो, मगर सामाजिक व्यवहार ने चुपचाप एक “चौथा जेंडर” गढ़ लिया है—एकल महिला। तलाकशुदा हो, पति से अलग रह रही हो या अपनी इच्छा से अकेले जीवन जी रही हो या विशेष रूप से- विधवा हो, समाज की … Read more

अशोक सिंघल जी—एक कर्मयोगी

दत्तात्रेय होसबाले, सरकार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भारत के लिए यह युग-निर्माण का काल है। पूरा देश एक नए आत्मविश्वास के साथ नए भारत के निर्माण का संकल्प ले रहा है। भारत आत्मग्लानि से बाहर निकलकर आत्मगौरव की ओर बढ़ रहा है और उसका स्वबोध जागृत हो रहा है। इस परिवर्तन को भारत का पुनरुत्थान कहा … Read more

कृषि की अदृश्य रीढ़ को मिली स्वाभिमान और क्रांति की नई पहचान

संदर्भ- अखिल भारतीय महिला किसान कार्यकर्ता सम्मेलन , नई दिल्ली  ‘‘यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमंते तत्र देवता‘‘ जहां नारियों का आदर सम्मान होता है वहां देवताओं का वास होता है। सनातन संस्कृति का यह पावन विचार केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है। बल्कि भारत के खेतों में हर दिन अन्न उपजाती ‘‘महिला किसान शक्ति‘‘ के … Read more

कड़ुआ है पर सच है

 झारखण्ड के मंत्री दीपिका पांडेय  की बेटी तृषा का हस्र और सबक  बच्चों को नशेड़ी और रफ्तार का सौदागर मत बनाइये ( आचार्य श्रीहरि)     =============== झारखंड के मंत्री दीपिका पांडेय की बेटी  तृषा सिंह और उसके तीन दोस्त नशे में थे, उन्हें होश ही नहीं था, कार की स्पीड ज्यादा थी। कार में … Read more

सवाल चुनाव आयोग के इकबाल का है

राधा रमण देश की सबसे भरोसेमंद संवैधानिक संस्थाओं में शुमार चुनाव आयोग की निष्पक्षता आज सवालों के घेरे में है। विपक्षी दल तो लंबे समय से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते रहे हैं, लेकिन मामला तब और गंभीर हो गया, जब अंग्रेजी के एक प्रमुख अखबार ने अपनी एक्सक्लूसिव रिपोर्ट … Read more

जनसुनवाई का चक्रव्यूह: शिकायत ऊपर जाती है, न्याय नीचे ही दम तोड़ देता है

– दिलीप कुमार  लोकतंत्र में आम नागरिक के पास सबसे बड़ा हथियार उसकी आवाज है। जब उसके साथ अन्याय होता है, उसकी संपत्ति पर अवैध कब्जे का आरोप होता है, प्रशासन उसकी बात नहीं सुनता या किसी सरकारी व्यवस्था से उसे शिकायत होती है, तो संविधान और कानून उसे शिकायत करने, न्याय मांगने और संबंधित … Read more

करम पर्व पर विशेष – गोरख नाथ गुप्ता 

_______________  प्रकृति, आस्था और भाई-बहन के स्नेह का लोकपर्व करम पर्व। भारत एक कृषि प्रधान देश है भारत में विभिन्न जन गोष्ठी भाषा के लोग निवास करते हैं। करम पर्व भारत की समृद्ध लोक-संस्कृति, प्रकृति-पूजा और सामुदायिक जीवन का महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व विशेष रूप से झारखंड, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, असम तथा … Read more

भ्रष्टाचार का अंत कब और कैसे होगा?

सवाल यह नहीं है कि भ्रष्टाचार कम क्यों नहीं हो रहा। असली सवाल यह है कि भ्रष्टाचारी शासन, प्रशासन और समाज में प्रभावशाली क्यों बने हुए हैं? भ्रष्टाचार आज केवल रिश्वत लेने-देने की समस्या नहीं रह गया है। यह धीरे-धीरे एक ऐसी व्यवस्था का रूप ले चुका है, जिसमें नियमों को दरकिनार करने वाले, सरकारी … Read more

एक दर्दनाक अंत

डिस्क्लेमर – यह सच्ची घटना आपको विचलित कर सकती है।             अप्रैल 2016 की बात है। एक पुलिस इंस्पेक्टर ने अपने एक कांस्टेबल से कहा— “जाओ, लकड़ी काटने वाली पावर आरी खरीद लाओ।” कुछ ही समय बाद उसने 25 किलो के धातु के वजन भी खरीद लिए। किसी ने नहीं … Read more

पच्चीस वर्ष, एक मिशन: नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र निर्माण

गुजरात के वडनगर में एक छोटी-सी चाय की दुकान है, जहाँ कभी नरेंद्र मोदी जी अपने पिता के साथ यात्रियों को चाय परोसने में मदद किया करते थे। अक्सर ट्रेनें देर से चलती थीं और यात्री वहाँ इंतज़ार करते थे। लेकिन उस दुकान से कहीं अधिक ध्यान उस यात्रा पर दिया जाना चाहिए, जो उसके … Read more