गंगा दशहरा पर विशेष

गंगा दशहरा पर विशेष पतित-पावनी माँ गंगा के अवतरण की पौराणिक, ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महागाथा का प्रतीक है ‘गंगा दशहरा’ का महापर्व भारतीय जनमानस के जीवन में पर्व, उत्सव, संस्कार, संस्कृति, सभ्यता एवं परम्पराओं का विशिष्ट महत्त्व रहा है। सनातन संस्कृति में प्रत्येक पर्व केवल उत्सव मात्र नहीं, अपितु लोकजीवन के आध्यात्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक … Read more

धोखा क्या है…. 

धोखा क्या है….  एक रात हैरान हुआ सोच-सोच कर परेशान हुआ॥ आखिर क्या है धोखा किसी ने कहा, यह है नाजायज मौका॥ अपनो के पास होता है ज्यादा इसलिए देता है धोखा, गैरो से ज्यादा॥ धोखा सीधे पीठ की ओर होता है क्योंकि गैरो को कहा पता पीठ कब किस ओर होता है॥ धोखा देने … Read more

मुल्क चलो आंदोलन_1921 एक अनकही दास्तान

मुल्क चलो आंदोलन_1921 एक अनकही दास्तान भारतीय इतिहास में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध यूँ तो अनगिनत बड़े-छोटे आन्दोलन हुए जिसमें कुछ को इतिहास में जगह मिली और कुछ नींव की ईंट बन कर रह गए।ब्रिटिश शासन के विरुद्ध दक्षिण असम (तत्कालीन सिलेट जिला) के चाय श्रमिकों द्वारा किया गया मुल्क चलो आंदोलन भी उनमें से … Read more

दत्तात्रेय होसबोले की नासमझी पर पाकिस्तान की गीदड़ भभकी

राष्ट्र चिंतन ======== दत्तात्रेय होसबोले की नासमझी पर पाकिस्तान की गीदड़ भभकी  ( आचार्य श्रीहरि ) =============== आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले किसकी भाषा बोल रहे हैं, क्या वे पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं, क्या वे पाकिस्तान पोषित मुस्लिम आतंकवादियों की भाषा बोल रहे हैं, क्या वे पाकिस्तान समर्थक हुर्रियत की भाषा बोल रहे … Read more

कैसे बन गए पत्रकार? संजीव शर्मा 

कैसे बन गए पत्रकार? संजीव शर्मा  ये उन दिनों की बात है..!! यह उन दिनों की बात है…90 का दशक था और हम मध्यप्रदेश के संस्कारधानी के नाम से मशहूर जबलपुर शहर के नामी शासकीय मॉडल विज्ञान कॉलेज से फूल-पत्तियों से जुड़े विषय वनस्पति विज्ञान (बॉटनी) में एम.एससी. की अंतिम परीक्षा देकर बनी-बनाई लकीर पर … Read more

  सामाजिक बैठके जरुरी

  सामाजिक बैठके जरुरी जीन्दगी क्या है? सुख, दु:ख मे अपने जीवन पथ पर चलते रहना जीन्दगी है। इस लौकिक दुनिया मे भौतिक सुख के लिए व्यक्ति दिन – रात अपने स्तर पर मेहनत करता रहता है। सच्चे अर्थो मे एक व्यक्ति अपना जीवन स्वयं के साथ- साथ अपने परिवार, समाज, राष्ट्र के लिए जीता … Read more

ज्ञान, विज्ञान और मानवता का प्रकाश : 16 मई अंतरराष्ट्रीय प्रकाश दिवस पर विशेष आलेख।

ज्ञान, विज्ञान और मानवता का प्रकाश : 16 मई अंतरराष्ट्रीय प्रकाश दिवस पर विशेष आलेख। -सुनील कुमार महला हर वर्ष 16 मई को अंतरराष्ट्रीय प्रकाश दिवस मनाया जाता है। पाठकों को बताता चलूं कि यह दिवस विज्ञान, शिक्षा, संस्कृति, ऊर्जा, चिकित्सा, संचार जैसे क्षेत्रों में और देश व समाज के सतत विकास(सस्टेनेबल डेवलपमेंट) के क्रम … Read more

नियति

नियति -प्रो. दिनेश पंड्या किस किस को क्या कहेंगे और क्यों ही वो सुनेंगे प्रारब्ध हो जो रुठा तो कह कर भी क्या करेंगे। है दौर ये अमावस बीती है रात पूनम सूरज हो या दिवाकर बाँटंगे तेज कम कम मूल्यों में परावर्तन हैं संकेत आरोही क्रम का सम‌झो तो बुद्धिमानी मानो तो है निवारण … Read more

माँ का आँचल

माँ का आँचल माँ का आँचल कोई साधारण कपड़ा नहीं होता, वह तो दुनिया का सबसे नरम और सुरक्षित कोना होता है। जहाँ हर डर छिप जाता है, आँसू थम जाते हैं, और नींद भी बिना बुलाए चली आती है। जब मैं हारकर और थककर लौटता हूँ, उस आँचल की छाँव में सुकून मिल जाता … Read more

आखिरी पेन

आखिरी पेन मदुरै, मीनाक्षी मंदिर का प्रवेश द्वार। व्यक्ति: पेरियासामी। उम्र 60 वर्ष। हर रोज सुबह 6 बजे वह मंदिर के प्रवेश द्वार पर बैठते थे। उनके सामने एक छोटा सा कपड़ा बिछा होता, जिस पर पेन, पेंसिल, रबर और कंपास बॉक्स जैसी चीजें सजी होतीं। एक फुटपाथ की दुकान। लेकिन खास कोई धंधा नहीं। … Read more