भक्तिसूत्र प्रेम-दर्शन देवर्षि नारद विरचित सूत्र~४२
भक्तिसूत्र प्रेम-दर्शन देवर्षि नारद विरचित सूत्र~४२ प्रिय बच्चों ! मैं पुनःआप सबकी सेवामें देवर्षि नारद कृत भक्ति-सूत्र का सूत्र प्रस्तुत कर रहा हूँ,यहाँ कहते हैं कि- “साध्यतास् तदेव साध्यतास्।।४२।।” इसलिए उसकी ही साधना करो, उसकी ही साधना करो। देवर्षि नारद जी इस सूत्र के माध्यम से पुन:श्च इसी परम सत्य को स्थापित करना चाहते हैं कि — छोड दो नाना प्रकार के विवादों को … Read more