41वीं साकेतवास पुण्यतिथि पर विशेष

*सद्गृहस्थ-सन्त परम्परा के अमर आलोकस्तम्भ : श्री श्री 1008 साकेतवासी श्री मौनी जी महाराज* *नाम-साधना, लोकमंगल और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के अप्रतिम प्रणेता थे श्रीमौनी जी महाराज – डॉ. अभिषेक कुमार उपाध्याय* जम्मू/कठुआ – परम श्रद्धेय प्रातः रमणीय श्री श्री 1008 साकेतवासी श्री मौनी जी महाराज के जीवन लीला के विषय में संक्षिप्त में चर्चा करते … Read more

राष्ट्र चिंतन ईसाई संप्रभुत्ता के केंद्र में पनपती मुस्लिम घृणा      -आचार्य श्रीहरि     

अमेरिका में भारतीय मुस्लिम युवक पर हुए हिंसक, घृणात्मक और जान लेवा हमले का संदेश बहुत ही खतरनाक है, सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि ईसाई संप्रभुत्ता के केंद्र में पनपती मुस्लिम घृणा के प्रदर्शित करता है।  ईसाई और मुस्लिम संप्रभुता के बीच खीची हुई तलवार को भी प्रमाणित करता है। घटना को देखिए फिर सोचिए … Read more

17 जुलाई /जन्म दिवस आजीवन समाज व राष्ट्र को समर्पित रहे ओम प्रकाश जी

श्री ओमप्रकाश जी का जन्म हरियाणा के पलवल जिले में 17 जुलाई 1927 ई. को पिता श्री कन्हैया लाल एवं माता श्री मति गेंदी देवी के घर में हुआ। आपकी शिक्षा दीक्षा मथुरा में हुई। स्नात्कोत्तर की शिक्षा आपने लखनऊ में पूर्ण की। सन् 1947 ई. में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक बने। आप अतरौली … Read more

 समाज मे पंचायत! 

अक्सर सुनने को मिलता है कि समाज बदल गया है मेरे ख्याल से समाज बदलता नही है बल्कि समाज मे परिवर्तन आता है। परिवर्तन लाजमी और प्रकृति का नियम भी है परन्तु धन और बल के आधार पर परिवर्तन घातक है। प्रख्यात हिन्दी के साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद जी का कथन है कि यदि धन और … Read more

चढ़ावे की हेराफेरी : पकड़े गए तो चोर, नहीं तो साधु समझो

राधा रमण  एक माह बीत जाने के बावजूद अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला ‘ज्यों-ज्यों दवा की, मर्ज बढ़ता गया’ की मानिन्द लगातार उलझता जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दी गई 15 दिनों की समयसीमा समाप्त हो गई। इस बीच उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) को जांच … Read more

           मेरा नायक

— एक शिक्षक और उसके विद्यार्थी की समानांतर यात्रा “समुद्र की अथाह गहराई और पहाड़ों की शांत ऊँचाई में एक अद्भुत समानता है—दोनों को जीतने के लिए साहस, धैर्य और अटूट विश्वास चाहिए।” आज अरुणाचल प्रदेश की शांत वादियों में स्थित अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य कक्ष में बैठा हूँ। बाहर बच्चों की चहल-पहल है, लेकिन … Read more

हर बेटी के नाम… एक पिता का पत्र!!

प्रिय बेटी, पिछले कुछ दिनों से मन बहुत विचलित है। सोशल मीडिया पर हिमाचल की कुछ बेटियों का एक वीडियो वायरल है जिसमें वे कथित तौर पर नशे, बॉय फ्रेंड, सेक्स जैसे मुद्दों पर गाली-गलौज और मारपीट के बीच परस्पर आरोप प्रत्यारोप लगाते दिखाई दे रही हैं। यही क्यों, आजकल ऐसे वीडियो, किस्से, खबरें हर … Read more

15 जुलाई/इतिहास-स्मृति 48 वर्ष बाद अन्तिम संस्कार

जो भी व्यक्ति इस संसार में आया है, उसकी मृत्यु होती ही है। मृत्यु के बाद अपने-अपने धर्म एवं परम्परा के अनुसार उसकी अंतिम क्रिया भी होती ही है; पर मृत्यु के 48 साल बाद अपनी जन्मभूमि में किसी की अंत्येष्टि हो, यह सुनकर कुछ अजीब सा लगता है; पर हिमाचल प्रदेश के एक वीर … Read more

14 जुलाई/पुण्यतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सर संघचालक सबके रज्जू भैया

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चतुर्थ सरसंघचालक प्रो0 राजेन्द्र सिंह का जन्म 29 जनवरी, 1922 को ग्राम बनैल (जिला बुलन्दशहर, उत्तर प्रदेश) के एक सम्पन्न एवं शिक्षित परिवार में हुआ था। उनके पिता कुँवर बलबीर सिंह  अंग्रेज शासन में पहली बार बने भारतीय मुख्य अभियन्ता थे। इससे पूर्व इस पद पर सदा अंग्रेज ही नियुक्त होते … Read more

न्यायपालिका के खिलाफ फैल रहा असंतोष स्वस्थ लोकतंत्र के लिए घातक

सौरभ वार्ष्णेयभारतीय लोकतंत्र की सफलता का आधार उसके चार प्रमुख स्तंभ—विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और स्वतंत्र मीडिया—हैं। इनमें न्यायपालिका को संविधान का संरक्षक तथा नागरिकों के मौलिक अधिकारों का अंतिम रक्षक माना जाता है। न्यायपालिका केवल विवादों का निपटारा करने वाली संस्था नहीं, बल्कि संविधान की सर्वोच्चता, विधि के शासन  और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने … Read more