राखी का त्योहार ( सरसी छंद )

भाई को कुंकुम तिलक लगा, करें बहन मनुहार, प्रेम डोर से सजी कलाई, राखी का त्योहार । संजोए प्यारी सी स्मृतियॉं, बूॅंदों की बौछार, बचपन की ये प्रीत निराली, खुशियों की झंकार । रिश्तों का रंगीला सावन, त्यौहारों की धूम, राखी लाई ढेरों खुशियॉं, झूला झूलें झूम । भाई और बहन का रिश्ता, बंधन है … Read more

मिठास का कड़वा गणित — चीनी के भावों के उतार-चढ़ाव का असल खेल

 अशोक भाटिया, वसई भारत में चीनी केवल रसोई का एक आवश्यक हिस्सा नहीं है, बल्कि यह देश के आर्थिक और राजनीतिक ताने-बाने को नियंत्रित करने वाली एक बेहद संवेदनशील कमोडिटी भी है। हाल के दिनों में चीनी की कीमतों में आई अचानक उछाल ने एक बार फिर उपभोक्ताओं की जेब पर असर डाला है और नीति-निर्माताओं को … Read more

अठखेलिया नामघर

गंगा, यमुना और सरस्वती नदीयों के संगम-तीरे बसा है ‘प्रयागराज’. असम में बसा है काकोडांगा, मोकरोंग और गिलाधारी नदीयों के संगम- तीरे हमारा असम प्रसिद्ध नामघर ‘अठखेलिया ‘( शहर गोलाघाट के नजदीक) .कभी हरिमंदिर कहलाने वाला पूजा स्थल अब बन गया  है,असम प्रसिद्ध “श्री श्री अठखेलिया नामघर.”।माना जाता है कि “ल’रा राजा” से भयातुर एवं … Read more

कूटनीति के नए मोड़ पर भारत-चीन संबंध

अशोक भाटिया , वसई भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा  पर बीते कुछ वर्षों से जारी अभूतपूर्व सैन्य गतिरोध के बाद अब सीमा पर एक सापेक्षिक शांति दिखाई दे रही है। बीजिंग में आयोजित हुई विशेष प्रतिनिधियों की 25वें दौर की वार्ता ने दोनों देशों के कूटनीतिक गलियारों में एक नई सुगबुगाहट पैदा कर … Read more

राष्ट्रगीत को लेकर विवाद क्यों है?

राधा रमण  जिसको न निज गौरव तथा निज देश का अभिमान है; वह नर नहीं, नर-पशु निरा है और मृतक समान है। जो भरा नहीं है भावों से , बहती जिसमें रसधार नहीं; वह ह्रदय नहीं है पत्थर है, जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं।। राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त ने यह पंक्तियां किसी जाति-धर्म अथवा व्यक्ति विशेष … Read more

दिमागी नक्सली की बहस और लाल किले से निकले शब्दों की चुभन

सौरभ वार्ष्णेयलोकतंत्र में शब्दों की अपनी शक्ति होती है। शब्द कभी भरोसा पैदा करते हैं, कभी चेतावनी देते हैं, कभी उम्मीद जगाते हैं और कभी राजनीतिक बहस को इतना तीखा बना देते हैं कि उनके अर्थ से अधिक उनके इस्तेमाल पर चर्चा होने लगती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को लाल किले … Read more

त्योहारों की मिठास पर महंगाई का साया: चीनी के बढ़ते दामों पर कब लगेगी लगाम?

अशोक भाटिया , वसई भारत में त्योहारों का आगमन केवल सांस्कृतिक उल्लास का प्रतीक नहीं होता, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था, विशेषकर घरेलू उपभोग और खुदरा बाजार के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। रक्षाबंधन से लेकर दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ पूजा तक चलने वाला यह लंबा त्योहारी सीजन देश के आर्थिक चक्र को गति देता है। … Read more

चूड़ियॉं (दोहे)

हाथों में सज चूड़ियॉं, करती मधु झंकार। खन-खन-खन की ताल से, करे प्रेम संचार।।  ये हरी-भरी चूड़ियॉं, सजनी का श्रृंगार।  सजना लाए प्रेम से, प्यारा सा उपहार।।  सजी कलाई चूड़ियॉं, सौभाग्य का प्रतीक। गृहलक्ष्मी के आंतरिक, राजस्व का प्रतीत।।  चम-चम चमके चूड़ियॉं, मन को लेती जीत।  खन-खन की आवाज में, गाती मीठा गीत।।  चूड़ी हर … Read more

सियासी चौराहे पर अखिलेश का ‘PDA’ प्रयोग

अशोक भाटिया  वसई  उत्तर प्रदेश की राजनीति हमेशा से नए नारों, अनूठे सामाजिक गठबंधनों और चौंकाने वाले वैचारिक मोड़ों के लिए जानी जाती रही है। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए समाजवादी पार्टी  के मुखिया अखिलेश यादव ने एक बार फिर अपने चर्चित राजनीतिक सूत्र ‘PDA’ की एक नई और भावनात्मक व्याख्या पेश की है। अगस्त 2026 के इस सियासी … Read more

बंसल परिवार ने 15 जोङों का सामूहिक विवाह करवाया धन्यवाद के पात्र

लोग अपनी शादी की सालगिरह जन्म दिन ऐशोआराम एवं मौजमस्ती के लिए मनाते है जो उचित भी है अपने धन का आनंद लेना चाहिए किंतु इसके साथ कुछ धन गरीब लोगों एवं जरूरत मंद लोगों के लिए भी करना चाहिए। तिनसुकिया के वयोवृद्ध समाजसेवी तथा विभिन्न संस्थानों के पदाधिकारी श्री ओम प्रकाश बंसल जी ने … Read more