मनके सुगना कुछ बोलत बा

हरदम बेचैनी उलझन में, पलपल जीवनके चिंतनमें, चंदा, सूरज, जुगनू  तारा, धरती अंबर सब डोलत बा, मनके सुगना कुछ बोलत बा। *** लागल बावे आना-जाना, दुनिया लागेला बेगाना, सब आइल गइल जोड़ेला, अब बैरागी भी मोलत बा, मनके सुगना कुछ बोलत बा। *** आकुल, व्याकुल बा दीवाना, का लेअइनी  का लेजाना, हरदम भटकी मारा मारा, … Read more

तुझे बस तुझे

हां, मैं दूर आसमा, के सफीनों पे , तुझे बस तुझे लिखना चाहता हूं हां , मैं तेरी बस तेरी आंखों की, स्याह गहरी पुतलियों के, दिखना चाहता हूं हां, में दूर आसमा, के सफीनों पे , तुझे बस तुझे लिखना चाहता हूं हां, मैं इन बादलों के तले, आदमों की कतारों से परे बेझिझक, … Read more

दुविधा और चुनाव (ये, वे और जनता)

।।अ।। किसे दोष दूँ किसे सराहूँ किसकी जय जयकार करूँ। दुविधा नहीं मिटाए मिटती कितना ही उपचार करूंँ।।1।। लो चुनाव आ गए कपट की किलकारी कोरों पर है। हर नेता कस उठा कमर फिर तैयारी जोरों पर है।।1।। सबके अपने-अपने मतलब सबके ठिए ठिकाने जी। सब ने अपनी सांँस रोक कर साधे नये निशाने जी।। … Read more

शीर्षक -:अहिंसा

हिंसा से बढ़ती हिंसा, भावना होती ख़राब, जटिल होता जीवन, अहिंसा मात्र जवाब , प्रेम,सौहार्द लोप होते,अपनापन करता विलाप, सुकून ना मिल पाता कदापि,हिंसा देती संताप , अहिंसा मोड़ हैं लम्बा,मिट जाते सारे विकार , ना फिसलन इस राह में ,ना होता है अंधकार , अमोघ साधन हैं सुख का ,एक मात्र अहिंसा , सुसुप्त … Read more

संघर्ष

सौभाग्य जगाना है तो अपना,आत्मबल मजबूत करो। “बिन संघर्ष संसिद्धि नहीं..”,मन में यूक्ति महफूज़ करो।। सुनो कहानी तितली का, वो कैसी कष्ट उठाती है । कठिनाइयों की चार चरण को, पुरा कर के आती है।। निरंतर देढ़ महिने तक, वो खुद ही श्रम में ढलती है। अंडा लार्वा प्युपा क्रम का, तीन दशाएं बदलती है।। … Read more

क्या निदेशक को भी साथ लाये है?’

वर्षों तक एडमिन में घूम-घूम, बाधा-विघ्नों को चूम-चूम, सह धूप-घाम, पानी-पत्थर, Students आये कुछ और निखर। सौभाग्य न सब दिन सोता है, देखें, आगे क्या होता है। मैत्री की राह बताने को, सबको सुमार्ग पर लाने को, एडमिनिस्ट्रेशन को समझाने को, भीषण विध्वंस बचाने को, स्टूडेंट फैकल्टी Quater आये, Koj का संदेशा लाये। ‘दो न्याय … Read more

लघुकथा समय का प्रभाव डोली शाह

रानी के माता-पिता का देहांत बचपन में ही हो गया था, जिससे बड़े भाई ने उसका पालन- पोषण बड़ी कठिनाइयों से किया था। पढ़ाई के दौरान रानी की दोस्ती सिंटू नामक लड़के से हो गई । धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई। दोनों ने शादी के बंधन की योजना बनाई पर परिवार विरोध … Read more

“हिंदी राष्ट्रभाषा”

हिंदी है हम सबकी राष्ट्रभाषा। पूर्ण करती है सबकी अभिलाषा। हिंदी बढ़ाती है देश की शान। बदल देती जीवन की परिभाषा।। मेल-जोल भी आपस में कराये। अपनेपन का एहसास जगाये। हिंदी अपनी आधिकारिक भाषा। वैमनस्य मिटा बस प्यार बढ़ाये।। हिंदी की हम ही करते उपेक्षा। पूरी करती हिंदी ही अपेक्षा। अंग्रेज़ी ने सभी को भरमाया। … Read more

हमारी हिन्दी

सरल सुंदर कोमल नित नई पहचान बनाती हुई अग्रसर होती हुई हमारी हिन्दी। गावों की पगडंडी से गुजर कर राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तरपर अपनी मुकाम हासिल कर निरंतर आगे बढ़ती हुई हमारी हिन्दी। विश्व के एक सौ बीस देशों में करोड़ों लोगों की भाषा मातृभाषा के रूप में फैली हुई हमारी हिन्दी। कबीर, तुलसी,सूरदास, रहीम राजेंद्र, … Read more

कभी ये भी धुनें दिया करता था..

यूं ही बरसों से, धूल और गर्द के, साये में खामोश पड़े, साज के तार, चुपके से हिला के क्यूं तुमने याद दिला दिया कि….. कभी ये भी धुनें दिया करता था, कभी ये भी धुनें दिया करता था… तंज कसते है, मुझपे, दूब के कांटे से जख्मी हुए ये मोम के लोग, कि दर्द … Read more