वर्षों तक एडमिन में घूम-घूम,
बाधा-विघ्नों को चूम-चूम,
सह धूप-घाम, पानी-पत्थर,
Students आये कुछ और निखर।
सौभाग्य न सब दिन सोता है,
देखें, आगे क्या होता है।
मैत्री की राह बताने को,
सबको सुमार्ग पर लाने को,
एडमिनिस्ट्रेशन को समझाने को,
भीषण विध्वंस बचाने को,
स्टूडेंट फैकल्टी Quater आये,
Koj का संदेशा लाये।
‘दो न्याय अगर तो आधा दो,
पर, इसमें भी यदि बाधा हो,
तो दे दो केवल 6 मांग,
रक्खो अपने क्लॉज़ तमाम।
हम Koj को न्याय दिलाएंगे,
Administration पर असि न उठायेंगे!
Administration वह भी दे ना सका,
आशीष Students की ले न सका,
उलटे, Students को बाँधने चला,
जो था असाध्य, साधने चला।
जब अहंकार Admin पर छाता है,
कुर्सी का बल दिखलाता है।
स्टूडेंट ने भीषण हुंकार किया,
अपनी संख्या का विस्तार किया,
डगमग-डगमग Admin डोले,
Students कुपित होकर बोले-
‘W/F लगाकर तोड़ हमें,
हाँ, हाँ Admin! तोड़ हमें।
यह देख, गगन मुझमें लय है,
यह देख, पवन मुझमें लय है,
मुझमें विलीन झंकार सकल,
मुझमें लय है संसार सकल।
Talent फूलता है मुझमें,
Placement गूंजता है मुझमें।
थी सभा सन्न, सब लोग अड़े,
चुप थे या थे बेहोश पड़े।
केवल पांच नर आते थे,
एडमिन का संदेशा लाते थे।
कर जोड़ खड़े प्रमुदित,
निर्भय, दो नर दोनों पुकारते थे-
‘समझाने आप हमें आये है,,
क्या निदेशक को भी साथ लाये है?’
सानिध्य सिन्हा, एन आइ टी शिलचर