साहित्य
नवम नवरात्रा माता सिद्धिदात्री
पावन दिवस नवरात्रा में माँ तेरा अभिनंदन नवम दिवस माँ सिद्धिदात्री को करते हैं वंदन , नवमें नवरात्रा में स्वरूप माँ सिद्धिदात्री का ध्याते सिद्धिदात्री कृपा से भोले अर्द्धनारीश्वर बन जाते , नवरात्रा नवमी को कन्या पूजन होता विधान से सिद्धिदात्री माँ चतुर्भुजी देवी हर्षाती हैं शान से , एक हाथ में फूल कमल का … Read more
अष्टम नवरात्रा माँ महागौरी
पावन दिवस नवरात्रा में माँ तेरा अभिनंदन अष्टम दिवस माँ महागौरी को करते हैं वंदन , अष्टम नवरात्रि को माँ महागौरी को शीश नमायें जय जय माँ गौरी का मिल सब जयकारा लगायें, दुर्गम राक्षस की क्रूरता से मचा तीन लोकों में हाहाकार छोड़ा स्वर्ग देवताओं ने किया कैलाश जाने को विहार, पाया था दुर्गम … Read more
सप्तम दिवस नवरात्रा माँ कालरात्रि
पावन दिवस नवरात्रा में माँ तेरा अभिनंदन सप्तम दिवस माँ कालरात्रि को करते हैं वंदन , गले में तेरे सोहे माला हैं मोती चमकते कालरात्रि रूप को तेरे हम नमन हैं करते , काली, महाकाली, भद्रकाली, रौद्री,भैरवी, धुमोरना ,रुद्रानी, चामुंडा, दुर्गा और माँ चंडी, निशुंभ शुम्भ दो भाई थे दानव बलवान करके तप ब्रह्मा जी … Read more
छठा दिवस नवरात्रा कात्यायनी माँ
पावन दिवस नवरात्रा में माँ तेरा अभिनंदन छठा दिवस माँ कात्यायनी को करते हम वंदन , छटवाँ नवरात्रा माँ कात्यायनी का आया रूप मनोहर माँ का सबको हैं अति भाया, सद्भावना से करते जो माँ की आराधना भक्ति अर्थ, धर्म, काम,मोक्ष की हो जाती सहज प्राप्ति, कात्य गोत्र में जन्मे एक विश्वप्रसिद्ध महर्षि दिल से … Read more
नवरात्रा -चतुर्थ दिवस कूष्मांडा माँ
पावन दिवस नवरात्रा में माँ तेरा अभिनंदन चतुर्थ रूप कूष्मांडा माँ को करते हैं वंदन , अष्टभुजा में अमृतकलश,कमल पुष्प,जपमाला, चक्र,गदा,कमण्डल, धनुष और बाण सोहे निराला, कूष्मांडा माँ ने मंद मुस्कान से किया ब्रह्ममांड का निर्माण आदि स्वरूपा आदि शक्ति माँ कूष्मांडा का करते गुणगान, अस्तित्व नहीं सृष्टि का हर तरफ़ था सिर्फ़ घोर अन्धकार … Read more
कब तक मुझे रुकोगे।
मैं दरिया हूं। मैं बहता हुआ स्रुत हूं। कब तक मुझे रुकोगे। मैं उगता हुआ पौधा हूं। मैं विस्तृत गगन हूं। मुझमें प्राण है। मेरी पण है। मैं कदम बढ़ाते रहूंगी। हर कदम का किस्सा तुझे सुनाऊंगी। काट लोगी मेरी टांग , तो भी मुझे क़फ़स में नहीं रख सकते। मैं अर्श पे चढ़ के … Read more
तृतीय_रूप_चंद्रघंटा
पावन दिवस नवरात्रा में माँ तेरा अभिनन्दन तृतीय दिवस माँ चन्द्रघटा देवी को हैं वंदन , चमक रहा मुख तेरा ,तेरी छवि मनोहारी अर्धचन्द्र शीश सोहे , माँ तू दुष्ट संहारी, स्वर्ग में आतंक बढ़ा जब महिसासुर का हुई प्रकट माँ चंद्रघंटा, सुन कंपन्न देवों का , सब देवों ने मिलकर दिया अपने शस्त्र का … Read more
नवरात्रा द्वितीय दिवस माँ ब्रह्मचारिणी
पावन दिवस नवरात्रा में माँ तेरा अभिनंदन द्वितीय दिवस ब्रह्मचारिणी माँ देवी को वंदन , बायें हाथ सोहे कमण्डल सोहे दाँये में माला, जगततारिणी जगदंबा,रूप ब्रह्मचारिणी निराला , थी पिछले जन्म देवी सती बेटी राजा दक्ष की पति के सम्मान ख़ातिर ,सती ने जान वार दी , पाया जो गुरु नारद मुनि के उपदेश का … Read more
प्रथम दिवस -:शैलपुत्री माँ
पावन दिवस नवरात्रा में माँ तेरा अभिनंदन प्रथम दिवस शैलपुत्री माँ दुर्गा को वंदन , दाएँ हाथ त्रिशूल बाएँ कमल जिसके साजे हम भक्तों के हृदय में माँ तू नित ही विराजे, जगत माता हिमालय पुत्री हैं वृषभवाहिनी, आदि शक्ति अनादि शक्ति माँ दुःख निवारणी, सह ना पायी देवी सती कटु वचनो का अपमान कूद … Read more