हिंदी_पखवाड़ा’ पर समस्त हिंदी प्रेमियों को हार्दिक शुभकामनायें।

भारत में आजादी के समय से ही अंग्रेजी शिक्षा- दीक्षा को अधिक महत्त्व दिया गया है। इस समय तो अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा देने का भ्रमजाल इतना फैल चुका है कि राज्यों में संचालित परिषदीय विद्यालयों में भी अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा देने का चलन हो गया है। पहले अंग्रेजी माध्यम के विद्यालय शहरों तक … Read more

हिंदी से जुड़ा है आर्थिक सामाजिक विकास

हिंदी  मेरी मातृभाषा है । रोचक बात यह है कि हिंदी भाषी होने के बावजूद मुझे  ऐसे जगह पर काम करने का मौका मिला जहां पर अहिंदी भाषी लोग रहते हैं। और खास बात यह है कि मैं एक स्कूल में शिक्षक हूं , तो गांव के लोगों के साथ, बच्चों के माता-पिता के साथ … Read more

डिजिटल क्रांति से हिंदी को मिली नई पहचान

– प्रो. (डॉ.) संजय द्विवेदी, पूर्व महानिदेशक, भारतीय जन संचार संस्थान, नई दिल्ली मातृभाषा वैयक्तिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि का बोध कराती है। समाज को स्वदेशी भाव-बोध से सम्मिलित कराते हृए वैश्विक धरातल पर राष्ट्रीय स्वाभिमान की विशिष्ट पहचान दिलाती है। किसी भी देश का विकास तभी संभव है, जब उसके पास एक सशक्त भाषा हो। … Read more

विश्व बाज़ार में भारत की प्रतिनिधि ‘हिन्दी’

मानक बदल रहे हैं, इमारतों का क़द बढ़ रहा है, सीमाएँ विस्तारित हो रही हैं, आदमी चाँद पर जा रहा है, भारत चाँद के दक्षिण ध्रुव पर पहुँच रहा है, विश्व की प्रगति इतरा रही है, जनसंख्या बढ़ रही है, भाषाओं का फ़लक बदल रहा है, इन सबके बावजूद किसी भाषा के विस्तारित होते दायरे … Read more

ये ही तो है हिंदी …

वह जो, संस्कृत-पालि-प्राकृत-अपभ्रंश- अवहट्ट जैसे पड़ाव पार करते हुए अपनी आधुनिक, वैज्ञानिक तथा परिष्कृत वेशभूषा में अपनी चमक-दमक एवं धमक लिए विकास के सर्वांगीण आयामों को छू रही है।  वह जो, अपनी अनुभवी किंतु विश्रांति से दूर आंखों से कई भौगोलिक सीमाओं के परिसीमन, समायोजन एवं परिवर्तन की ना सिर्फ साक्षी रही, किंतु उसकी सटीक, … Read more

इंडिया बनेगा भारत हिंदी दिवस पर तोहफा मिलेगा देश को

जब देश आजाद हुआ तो मद्रास के चक्रवर्ती गोपालाचारी ने बहुत सोच विचार के बाद हिंदी को राष्टृभाषा बनाने के लिए पैरवी की वही नेताजी शुभाषचंद्र बोस ने भारत विदेश भ्रमण के दौरान महसूस किया कि इतने बड़े देश में ना तो हर भारतीय के साथ अंग्रेजी में बातचीत कर सकते ना ही अलग अलग … Read more

“भावनाओं में एकता हिन्दी की विशेषता”(५)

मित्रों ! टंकणात्मक सुविधा के अभाव में वेद मंत्रों की उन मुद्राओं को आपके समक्ष प्रस्तुत करने में असमर्थ हूँ तथापि घुंघुर में सम्पन्न हुवे महायज्ञान्तर्गत आपने हमारे विद्वान वेदपाठी पुरोहितों द्वारा वेदों का गान सुना होगा !और उस गान के साथ-साथ उनका हस्त संचालन भी देखा होगा ! इसे मुद्रा कहते हैं, जिस प्रकार … Read more

हिंदी हमारी सनातन संस्कृति एवं संस्कारों की सच्ची संवाहक, संप्रेषक और परिचायक है।

प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस मनाया जाता है। दरअसल भारत में हिंदी को आधिकारिक दर्जा मिलने की खुशी में यह दिवस मनाया जाता है। जानकारी देना चाहूंगा कि हिन्दी को भारत की संविधान सभा ने 14 सितम्बर, 1949 को राजभाषा के रूप में अंगीकार किया था, यही कारण है कि भारतवर्ष में … Read more

“इंडिया” शब्द को हटाना गलत समय पर लिया गया सही निर्णय, नियत पर भी प्रश्न

देश का नाम सच मे सिर्फ भारत होने वाला है या जी20 में शरीक होने वाले राष्ट्राध्यक्षों को राष्ट्रपति द्वारा दिए जाने वाले भोज के निमंत्रण पत्र पर “President Of Bharat” लिखना महज एक पारंपरिकता को दर्शाने की बानगी भर है?? इस प्रश्न का उत्तर तो आने वाले कुछ दिनों में मिलेगा। दरअसल  जबसे संसद … Read more

वायु प्रदूषण के हाईरिस्क जोन में भारत की बड़ी आबादी

भारत में बढ़ता प्रदूषण कितना जानलेवा हो चुका है इसे पिछले साल लेंसेट कमीशन ऑन पॉल्यूशन एंड हेल्थ रिपोर्ट ने साबित कर दिया। लेंसेट रिपोर्ट में कहा गया कि साल 2019 में विश्व में हुई कुल मौतों में से 6.7 मिलियन मौतों का कारण वायु प्रदूषण रहा। जबकि 1.4 मिलियन मौतें जल प्रदूषण से हुई। … Read more