चिंता बढ़ा रही आत्महत्या की बढ़ती दर

– डब्ल्यूएचओ के सुझाव पर हर साल 10 सितंबर को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस मनाया जाता है। वहीं संयुक्त राष्ट्र का लक्ष्य साल 2030 तक दुनिया भर में होने वाली आत्महत्याओं को एक तिहाई तक कम करना है, लेकिन पिछले सालों के मुकाबले आत्महत्या की दर बढ़ रही है। अमित बैजनाथ गर्ग, वरिष्ठ पत्रकार पिछले … Read more

“एक देश एक चुनाव, लोकतंत्र केलिए लाभदायक या हानिकारक??”

इन दिनों देश मे अचानक से “एक देश एक चुनाव” चर्चा का केन्द्रबिन्दु बना हुआ है और हो भी क्यों ना पिछले 31 अगस्त के दोपहर को खबर आती है कि 18 से 22 सितंबर तक संसद का विशेष सत्र आयोजित होना है। अभी इस विषय पर तमाम तरह के कयास लग ही रहे थें … Read more

जुगाड़ से नहीं हारेगा मोदी आचार्य विष्णु हरि

इंडिया गठबंधन की वर्तमान पहचान नेता विहीन, कार्यक्रम विहीन, और दंतविहीन की है। न कोई नेता है, न कोई नीति है, एक जुटता भी बनावटी है। सिर्फ खुशफहमियां हैं। राजनीतिक शोर के बल पर सत्ता प्राप्ति का सपना देखा जा रहा है। हिन्दू विरोध की आत्मघाती राजनीति इनकी बंद नहीं हो रही है। तानाशाही का … Read more

जानिए सूर्यपुत्र कर्ण कैसे बना दानवीर कर्ण – डा.बी. के. मल्लिक

महाभारत की  लड़ाई में कर्ण को एक महान योद्धा के रूप में जाना जाता है। कर्ण एक ऐसा योद्धा था जिसने सत्य को जानते हुए भी अपने दोस्त दुर्योधन को कभी नहीं छोड़ा। वास्तविकता यह है कि उसने महापराक्रमी होते हुए भी गलत का साथ दिया जिसके वजह से उसकी उचित सम्मान नहीं मिला। कर्ण … Read more

मैतेई बनाम कुकी: मूलनिवासी कौन, क्या यह है मणिपुर का बड़ा मसला?

मणिपुर और पूर्वोत्तर के दूसरे राज्यों के ST में क्या अंतर है? इनर लाइन परमिट पर अमित शाह ने क्या कहा था? क्या मैतेई लोगों में धर्म-संस्कृति पर जोर बढ़ा है? क्या कुकी को एसटी स्टेटस देना गलती थी? संजीब बरुआ का आलेख : मणिपुर में हालात नाजुक बने हुए हैं। वहां के सभी कुकी … Read more

शिव शक्ति नाम में भारतीय दर्शन की व्यापक सोच

अवधेश कुमार चंद्रयान-3 के चंद्रमा पर उतरने की जगह का नाम शिव शक्ति हो चुका है। उस स्थान को जहां चंद्रयान-2 ध्वस्त हुआ, तिरंगा नाम दिया गया। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि नरेंद्र मोदी जी ने उसका नाम कैसे रख दिया? क्या वह चांद के मालिक हैं ? यह गलत बात हैआदि आदि। … Read more

रक्षाबंधन क्यों मनाया जाता है और रक्षाबंधन की शुरुआत कैसे हुई? – डा. बी. के. मल्लिक

रक्षाबंधन मनाए जाने के पीछे बहुत सी पौराणिक कथाएं हैं। हिंदू धर्म में इन कथाओं के आधार पर ही भाई-बहन के पवित्र रिश्ते पर आधारित रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है। दरअसल, भाई बहन का यह त्यौहार प्रति वर्ष मनाया जाता हैं जिसे हिन्दू पचांग के अनुसार श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता हैं। … Read more

राष्ट्र चिंतन बिहारियों के अपमान का दोषी कौन ? आचार्य विष्णु हरि

शब्दों में जनभवनाएं और अवधारणाएं निहित होती हैं। जनभावनाओं और अवधारणाओं के अनुसार ही शब्दों की उत्पति होती है और शब्दों का अर्थ होता है। परिस्थितियां शब्दों को नकारात्मक भी बना देती है और सकारात्मक भी बना देती हैं,नायक भी बना देती हैं और खलनायक भी बना देती हैं, आईकॉन भी बना देती हैं और … Read more

पाशुपातास्त्र,नारायणास्त्र,नागास्त्र,शतघ्नि के जनक-“नोनिया”.(१)

आदरणीय मित्रों ! आज आपके समक्ष भगवती शताक्षी अर्थात- “माँ शाकम्भरी देवी” की सन्तान महावीर क्षत्रिय कुल दीपक- “अग्निवंशी” हिन्दू समाज के रक्षक-“लोनिया” अर्थात “नोनिया” समाज के संदर्भ में यह निबंध प्रस्तुत कर रहा हूँ। जनवरी २०२३ में दिलीप कुमार की प्रेरणा से सम्पन्न हुवे श्रीरूद्र महायज्ञ के अंतर्गत शिव की प्रेरणा से जिस शिव … Read more

महाराजा पृथ्वीराज चौहान के वंशज-“नोनिया” अंक-(२)

मित्रों ! अपने शरीर की वृद्धावस्था के कारण अंतःकरण से उठती अपनी साहित्यिक भावना को लेखनी से उकेरने का प्रयास धीरे-धीरे क्षीण होता जा रहा है, चाह कर भी कभी-कभी लिखना कष्टदायक सा लगता है ! लूणकार समाज के प्रति उनकी ऐतिहासिकता आपके समक्ष रखते गर्व का अनुभव करता हूँ। महाराजा सोमेश्वर द्वारा स्थापित अखण्ड … Read more