‘दिल्ली चलो रैली से कितना बदलेगा सियासी परिदृश्य?
सौरभ वार्ष्णेयभारतीय लोकतंत्र में चुनाव केवल सरकार चुनने का माध्यम नहीं, बल्कि जनता के विश्वास, संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता और नागरिक अधिकारों की अभिव्यक्ति का आधार हैं। ऐसे में जब चुनाव प्रक्रिया अथवा मतदाता सूची की शुद्धता पर सवाल उठते हैं, तो उनका महत्व किसी एक राजनीतिक दल या गठबंधन तक सीमित नहीं रहता। यह … Read more