कोकराझार, 25 अक्टूबर: असम के बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र अंतर्गत कोकराझार जिले में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते एक बड़ी तोड़फोड़ और आतंकी साजिश को विफल कर दिया है। गोसाईंगांव थाना क्षेत्र के सुदूरवर्ती मोतीझोरा पार्ट-1 (सिलाईमाथा) वन क्षेत्र में चलाए गए एक विशेष तलाशी अभियान के दौरान जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए शक्तिशाली विस्फोटक, एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी), घातक हथियार और सैन्य सामग्री बरामद की गई है।
खुफिया इनपुट पर की गई सुनियोजित कार्रवाई
पुलिस मुख्यालय से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, खुफिया एजेंसियों को पुख्ता सूचना मिली थी कि कुछ राष्ट्रविरोधी तत्व जिले में शांति व्यवस्था को भंग करने और बड़े पैमाने पर विध्वंसक गतिविधियों को अंजाम देने की तैयारी में जुटे हुए हैं। इसके आधार पर पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई और
सिलाईमाथा के घने वन क्षेत्र की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया।
जमीन खोदकर निकाला गया विस्फोटकों का जखीरा
जंगल के बीहड़ इलाके में तलाशी के दौरान पुलिस को जमीन के भीतर संदिग्ध हलचल और गड्ढे का सुराग मिला। खुदाई करने पर वहां छिपाकर रखा गया गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई। बरामद की गई सामग्री का विवरण निम्नलिखित है:
विस्फोटक एवं आईईडी:
- एक 7.65 मिमी फैक्ट्री-निर्मित पिस्तौल और एक मैगजीन
- 7.65 मिमी का एक जिंदा कारतूस
- लगभग 6.4 किलोग्राम वजनी एक आईईडी (IED)
- लगभग 6.4 किलोग्राम संदिग्ध टीएनटी (उच्च विस्फोटक)
- 10 इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर
- 6 जोड़ी कैमोफ्लाज (सैन्य शैली) यूनिफॉर्म
- 6 कैमोफ्लाज कैप
- एक जोड़ी जंगल बूट
विशेषज्ञों का मानना है कि बरामद टीएनटी और आईईडी की क्षमता अत्यधिक विनाशकारी थी, जिसका इस्तेमाल किसी बड़े बुनियादी ढांचे या सुरक्षाबलों के काफिले को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता था। साथ ही बरामद सैन्य वेशभूषा इस बात की ओर संकेत करती है कि उपद्रवी सुरक्षाबलों के छद्म भेष में किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।
मामला दर्ज, नेटवर्क की तलाश तेज
इस बरामदगी के संबंध में गोसाईंगांव थाने में भारतीय न्याय संहिता और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला (केस संख्या 258/2026) दर्ज कर लिया गया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह खेप किस प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन या असामाजिक गिरोह से जुड़ी है और इसे इलाके में पहुंचाने वाले कौन लोग थे। जंगल के आसपास के क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है और संदिग्ध ठिकानों पर तलाशी अभियान जारी है।