सवाल, बहस और जवाबदेही के लिए जरूरी है संसद का सुचारू संचालन

– सूरज मोहन झा वरिष्ठ पत्रकार  लोकतंत्र में संसद सिर्फ एक इमारत या सदन नहीं है। यह वह मंच है, जहां देश के करोड़ों लोगों की आवाज उनके चुने हुए प्रतिनिधियों के जरिए उठती है। सरकार की नीतियों पर चर्चा होती है, कानून बनाए जाते हैं, बजट पर विचार होता है और सरकार से सवाल … Read more

1983 की बेतवा की बाढ़ से 2026 की ब्रह्मपुत्र की त्रासदी तक : बाढ़ के बीच मेरी जीवन-यात्रा

प्रो. डॉ. बी. के. एस. संजय पद्मश्री सम्मानित | अध्यक्ष, एम्स गुवाहाटी | गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड धारक | अस्थि एवं मेरुदंड शल्य चिकित्सक जब भी मानसून की बारिश लगातार और भयावह रूप लेने लगती है, मेरा मन अनायास ही वर्ष 1983 में लौट जाता है। उस समय मैं 27 वर्ष का था और नई दिल्ली … Read more

क्या जेन-जी को राहुल गांधी की ‘क्लास भा गई?

सौरभ वार्ष्णेयजिस नेता को वर्षों तक राजनीतिक विरोधियों ने ‘पप्पू कहकर खारिज करने की कोशिश की, उसी नेता की कक्षाओं में आज युवा बैठकर सवाल पूछ रहे हैं। राजनीति में इससे बड़ा व्यंग्य शायद ही कोई हो सकता है। लेकिन इसे केवल राहुल गांधी की व्यक्तिगत लोकप्रियता में अचानक आई वृद्धि मान लेना भी जल्दबाजी … Read more

जैव ईंधन : स्वच्छ ऊर्जा और आत्मनिर्भर भारत की नई राह।(10 अगस्त दिवस विशेष आलेख)

– सुनील कुमार महला हर वर्ष 10 अगस्त को विश्व जैव ईंधन दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य पेट्रोलियम जैसे जीवाश्म ईंधनों के विकल्प के रूप में जैव ईंधन के महत्व तथा स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह दिवस जैव ईंधन के विकास और उपयोग को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ ऊर्जा … Read more

बराक घाटी का चाय समुदाय: दो सौ वर्षों का संघर्ष, अधिकार और पहचान की अधूरी कहानी

असम की पहचान विश्वभर में उसकी उत्कृष्ट चाय से है। इस चाय की सुगंध ने भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई है। लेकिन इस सफलता के पीछे लाखों चाय बागान श्रमिकों का दो सौ वर्षों का अथक परिश्रम, संघर्ष और त्याग छिपा हुआ है। बराक घाटी के कछार, करीमगंज और हैलाकांडी जिलों में … Read more

संसद में गतिरोध और लोकतंत्र : संवाद की संस्कृति कब लौटेगी?

सौरभ वार्ष्णेयभारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति उसकी संसद है। संसद केवल कानून बनाने का मंच नहीं, बल्कि देश की जनता की आकांक्षाओं, समस्याओं और भविष्य की दिशा तय करने वाला सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्थान है। यहां सत्ता और विपक्ष दोनों जनता के प्रतिनिधि के रूप में बैठते हैं। सत्ता पक्ष सरकार चलाने के लिए जनादेश … Read more

सत्य और तर्क! (व्यंग्य) 

सत्य और तर्क मे हुई बहस दोनों मे चली बातें चहस॥  सत्य आखिर सत्य होता है सत्य हमेशा दिखता है॥  तर्क बोला दिखने वाला, सत्य नही भी हो सकता है सत्य को तर्क के कसौटी पर उतरना भी पड़ता है॥  इसी दौरान बुद्धि बीच मे टपका कहीं पढ़ी हुई बात को बीच मे पटका॥  कहा- … Read more

बांकीपुर और दतिया का संदेशभ्रष्ट नौकरशाही-दलबदलू प्रेम,नकारे विधायक-सांसद भाजपा का संहार कर देंगे       

आचार्य श्रीहरि बिहार के बांकीपुर विधान सभा और मध्यप्रदेश के दतिया विधान सभा उपचुनाव के परिणाम ने भारतीय जनता पार्टी को असहनीय आधात दिया है, आईना दिखाया है, जातिवाद और वंशवाद आधारित जीत की गारंटी के अंहकार को जमींदोज कर दिया है। नरेन्द्र मोदी और अमित शाह की टेक्नोलाॅजी और पीआर सोच को भी धसौड … Read more

क्या है मनस्मृति?

– संत समीर आप सबने सुना ही होगा कि दो दिन पहले संसद में #काँग्रेस अध्यक्ष #खड़गे जी ने एक श्लोक की मनु के नाम पर व्याख्या की। श्लोक मनुस्मृति का था ही नहीं, लेकिन देश के नेताओं का क्या किया जाए, जिनका सत्य और तथ्य से लेना-देना नहीं रहा। खड़गे जी को यह तक … Read more

शिव

हर श्वास में है शिव, हर आस में हैं शिव, विश्वास में है शिव, शिव ही है संरक्षक । अंतस प्रेरणा है शिव, प्रेषक तत्व भी है शिव,  फलीभूत संकल्प है शिव, शिव ही हैं मार्गदर्शक । जन्म उत्पत्ति है शिव,  अटल मृत्यु भी है शिव, अनाहत नाद है शिव, शिव ही है मोक्षकारक । … Read more