क्या है मनस्मृति?

– संत समीर आप सबने सुना ही होगा कि दो दिन पहले संसद में #काँग्रेस अध्यक्ष #खड़गे जी ने एक श्लोक की मनु के नाम पर व्याख्या की। श्लोक मनुस्मृति का था ही नहीं, लेकिन देश के नेताओं का क्या किया जाए, जिनका सत्य और तथ्य से लेना-देना नहीं रहा। खड़गे जी को यह तक … Read more

किशोर कुमार की 97वीं जयंती पर शिवा म्यूजिक एंड हार्मनी चैनल का विशेष संगीत वीडियो एल्बम जारी

महान पार्श्वगायक और भारतीय संगीत जगत के बहुमुखी प्रतिभा के धनी किशोर कुमार की 97वीं जयंती के अवसर पर मंगलवार, 4 अगस्त को शिवा म्यूजिक एंड हार्मनी चैनल की ओर से एक विशेष संगीत वीडियो एल्बम जारी किया गया। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी महान कलाकार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए यह विशेष प्रस्तुति दर्शकों और संगीत … Read more

प्रशांत किशोर की जीत से बिहार में बदलाव की बयार  

राधा रमण  कौन कहता है कि आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों। हिंदी के मशहूर कवि स्व दुष्यंत कुमार के एक गजल की यह पंक्तियां जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर पर फिलहाल तो सटीक लगती हैं। प्रशांत किशोर ने पटना के बांकीपुर विधानसभा उप चुनाव में वह … Read more

गायें गईं, तो रोज़ी-रोटी भी चली गई: असम का शांत बाढ़ संकट

जैसे ही असम इस साल की भयानक बाढ़ से हुए नुकसान का अंदाज़ा लगा रहा है, राज्य के डूबे हुए गांवों में एक और दुखद घटना चुपचाप हो रही है। टूटे हुए घरों, बेघर हुए परिवारों और टूटी सड़कों के अलावा, एक अनदेखा संकट भी है—मवेशियों का नुकसान, जिसने हज़ारों ग्रामीण परिवारों से उनके गुज़ारे … Read more

31 जुलाई/जन्म-दिवस उपन्यास सम्राट   : प्रेमचन्द

उपन्यास सम्राट प्रेमचंद का मूल नाम धनपतराय था। उनका जन्म ग्राम लमही (वाराणसी, उ.प्र.) में 31 जुलाई, 1880 को हुआ था। घर में उन्हें नवाब कहते थे। उत्तर प्रदेश तथा दिल्ली के निकटवर्ती क्षेत्र में मुस्लिम प्रभाव के कारण बोलचाल में प्रायः लोग उर्दू का प्रयोग करते थे। उन दिनों कई स्थानों पर पढ़ाई भी … Read more

आखिर धार्मिक बातों पर संदेह क्यों ?

आर्यिका श्री के मुखारविंद से निकली वाणी का विवेचन सन्तों ने आज की पीढ़ी को हमारे पूर्वजो द्वारा कही गई धार्मिक बातों पर संदेह करने को अनुचित ठहराया है। उन्होंने कहा कि बहुत से लोग मूल आगम या दर्शन पढ़े बिना केवल सुनी सुनाई बातों के आधार पर अपनी राय बना लेते है। जैन परंपरा … Read more

धरती तप रही है : बढ़ती गर्मी और मानव जीवन पर मंडराता खतरा।

-सुनील कुमार महला  आज धरती का तापमान लगातार बढ़ता ही चला जा रहा है। वास्तव में, कहना ग़लत नहीं होगा कि वैश्विक तापमान में लगातार हो रही वृद्धि आज पूरी मानवता के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। जीवाश्म ईंधनों के अत्यधिक उपयोग, वनों की अंधाधुंध कटाई, तेज़ी से बढ़ते औद्योगीकरण, शहरीकरण और कार्बन … Read more

इतिहास-स्मृति त्रिपुरा के बलिदानी स्वयंसेवक

विश्व भर में फैले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के करोड़ों स्वयंसेवकों के लिए 28 जुलाई, 2001 एक काला दिन सिद्ध हुआ। इस दिन भारत सरकार ने संघ के उन चार वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की मृत्यु की विधिवत घोषणा कर दी, जिनका अपहरण छह अगस्त, 1999 को त्रिपुरा राज्य में कंचनपुर स्थित ‘वनवासी कल्याण आश्रम’ के एक छात्रावास … Read more

परिंदे तेरे शहर के

– विश्वास राणा फ़िक्र नहीं जो मुझसे ख़फ़ा हैं, बाशिंदे तेरे शहर के  शुक्र यही मेरी आवारगी पे फिदा हैं, परिंदे तेरे शहर के क़तल सब खुद करें , इलज़ाम हमारे सर धरें  गज़ब जादूगरी करते हैं, नुमाइंदे तेरे शहर के एक ज़रा सी दस्तक क्या दी साफ़दिली ने नगर द्वार पे  बिलों में जाके … Read more

गुरुपूर्णिमा : सद्गुरु-तत्त्व, आत्मजागरण एवं भारतीय ज्ञान-परम्परा का सनातन महापर्व

– डॉ. अभिषेक कुमार उपाध्याय भारतवर्ष की सनातन संस्कृति केवल विविध पर्वों, उत्सवों और अनुष्ठानों की परम्परा नहीं है, अपितु वह मानव-जीवन को लौकिकता से अलौकिकता, सीमितता से अनन्तता तथा अज्ञान से ब्रह्मज्ञान की ओर अग्रसर करने वाली दिव्य जीवन-पद्धति है। यहाँ प्रत्येक पर्व केवल कालगणना का सूचक नहीं, अपितु आत्मपरिष्कार, सांस्कृतिक जागरण और आध्यात्मिक … Read more