समाज सुधारक राजा राममोहन राय

समाज सुधारक राजा राममोहन राय 22 मई/जन्म-दिवस हिन्दू समाज में सीता, सावित्री, अनसूया आदि सती-साध्वी स्त्रियों की सदा से पूजा होती रही है। सती का अर्थ है मन, वचन, कर्म से अपने पतिव्रत को समर्पित नारी; पर जब भारत में विदेशी और विधर्मियों के आक्रमण होने लगे, तो मुख्यतः राजस्थान में क्षत्रिय वीरांगनाओं ने पराजय … Read more

दत्तात्रेय होसबोले की नासमझी पर पाकिस्तान की गीदड़ भभकी

राष्ट्र चिंतन ======== दत्तात्रेय होसबोले की नासमझी पर पाकिस्तान की गीदड़ भभकी  ( आचार्य श्रीहरि ) =============== आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले किसकी भाषा बोल रहे हैं, क्या वे पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं, क्या वे पाकिस्तान पोषित मुस्लिम आतंकवादियों की भाषा बोल रहे हैं, क्या वे पाकिस्तान समर्थक हुर्रियत की भाषा बोल रहे … Read more

कैसे बन गए पत्रकार? संजीव शर्मा 

कैसे बन गए पत्रकार? संजीव शर्मा  ये उन दिनों की बात है..!! यह उन दिनों की बात है…90 का दशक था और हम मध्यप्रदेश के संस्कारधानी के नाम से मशहूर जबलपुर शहर के नामी शासकीय मॉडल विज्ञान कॉलेज से फूल-पत्तियों से जुड़े विषय वनस्पति विज्ञान (बॉटनी) में एम.एससी. की अंतिम परीक्षा देकर बनी-बनाई लकीर पर … Read more

  सामाजिक बैठके जरुरी

  सामाजिक बैठके जरुरी जीन्दगी क्या है? सुख, दु:ख मे अपने जीवन पथ पर चलते रहना जीन्दगी है। इस लौकिक दुनिया मे भौतिक सुख के लिए व्यक्ति दिन – रात अपने स्तर पर मेहनत करता रहता है। सच्चे अर्थो मे एक व्यक्ति अपना जीवन स्वयं के साथ- साथ अपने परिवार, समाज, राष्ट्र के लिए जीता … Read more

ज्ञान, विज्ञान और मानवता का प्रकाश : 16 मई अंतरराष्ट्रीय प्रकाश दिवस पर विशेष आलेख।

ज्ञान, विज्ञान और मानवता का प्रकाश : 16 मई अंतरराष्ट्रीय प्रकाश दिवस पर विशेष आलेख। -सुनील कुमार महला हर वर्ष 16 मई को अंतरराष्ट्रीय प्रकाश दिवस मनाया जाता है। पाठकों को बताता चलूं कि यह दिवस विज्ञान, शिक्षा, संस्कृति, ऊर्जा, चिकित्सा, संचार जैसे क्षेत्रों में और देश व समाज के सतत विकास(सस्टेनेबल डेवलपमेंट) के क्रम … Read more

नियति

नियति -प्रो. दिनेश पंड्या किस किस को क्या कहेंगे और क्यों ही वो सुनेंगे प्रारब्ध हो जो रुठा तो कह कर भी क्या करेंगे। है दौर ये अमावस बीती है रात पूनम सूरज हो या दिवाकर बाँटंगे तेज कम कम मूल्यों में परावर्तन हैं संकेत आरोही क्रम का सम‌झो तो बुद्धिमानी मानो तो है निवारण … Read more

माँ का आँचल

माँ का आँचल माँ का आँचल कोई साधारण कपड़ा नहीं होता, वह तो दुनिया का सबसे नरम और सुरक्षित कोना होता है। जहाँ हर डर छिप जाता है, आँसू थम जाते हैं, और नींद भी बिना बुलाए चली आती है। जब मैं हारकर और थककर लौटता हूँ, उस आँचल की छाँव में सुकून मिल जाता … Read more

आखिरी पेन

आखिरी पेन मदुरै, मीनाक्षी मंदिर का प्रवेश द्वार। व्यक्ति: पेरियासामी। उम्र 60 वर्ष। हर रोज सुबह 6 बजे वह मंदिर के प्रवेश द्वार पर बैठते थे। उनके सामने एक छोटा सा कपड़ा बिछा होता, जिस पर पेन, पेंसिल, रबर और कंपास बॉक्स जैसी चीजें सजी होतीं। एक फुटपाथ की दुकान। लेकिन खास कोई धंधा नहीं। … Read more

भक्तिसूत्र प्रेम-दर्शन देवर्षि नारद विरचित सूत्र~४२

भक्तिसूत्र प्रेम-दर्शन देवर्षि नारद विरचित सूत्र~४२ प्रिय बच्चों ! मैं पुनःआप सबकी सेवामें देवर्षि नारद कृत भक्ति-सूत्र का  सूत्र प्रस्तुत कर रहा हूँ,यहाँ कहते हैं कि- “साध्यतास् तदेव साध्यतास्।।४२।।” इसलिए उसकी ही साधना करो, उसकी ही साधना करो। देवर्षि नारद जी इस सूत्र के माध्यम से पुन:श्च इसी परम सत्य को स्थापित करना चाहते हैं कि — छोड दो नाना प्रकार के विवादों को … Read more

अनकहा अध्याय-पिता(कहानी)

अनकहा अध्याय-पिता(कहानी) रात काफी गहरी हो चली थी।घड़ी की सुइयां साढ़े दस बजा रहीं थीं और अब शहर की सड़कों पर धीरे-धीरे सन्नाटा उतरने लगा था। फैक्टरी की मशीनों की तेज आवाज के बीच आदित्य अपनी दूसरी शिफ्ट पूरी कर रहे थे। पसीने से भीगा उनका चेहरा थकान से भरा था, मैले-कुचैले से कपड़े, लेकिन … Read more