न्यूजक्लिक का सच क्या हो सकता है

अवधेश कुमार देश के 750 नामचीन लोगों ने न्यूजक्लिक के पक्ष में  बयान जारी कर कहा है कि उसका उत्पीड़न हो रहा है जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है। उनके अनुसार न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में न्यूज़क्लिक के विरुद्ध किसी कानून का उल्लंघन करने की बात नहीं कही गई है। इस बयान पर हस्ताक्षर … Read more

आलेख… वायु प्रदूषण को रोकने के लिए गंभीर प्रयास जरूरी

आलेख… वायु प्रदूषण को रोकने के लिए गंभीर प्रयास जरूरी – कम आय वाले परिवारों को इनडोर वायु प्रदूषण से मृत्यु का खतरा अधिक है, इसलिए खाना पकाने के लिए स्वच्छ ईंधन भारत में वायु प्रदूषण से समय से पहले होने वाली मौतों की संख्या को कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है। अमित बैजनाथ … Read more

भारतीय समाज में वरिष्ठ नागरिकों की स्थिति-एक सिंहावलोकन

सीताराम जाट, भारतीय परिप्रेक्ष्य में वरिष्ठ नागरिकों की दशा अधिक चिन्तनीय है। दादा-दादी, नाना-नानी की यह पीढ़ी एक जमाने में भारतीय परंपरा और परिवेश में अतिरिक्त सम्मान की अधिकारी हुआ करती थी और उसकी छत्रछाया में संपूर्ण पारिवारिक परिवेश निश्चिंत और भरापूरा महसूस करता था। न केवल परिवार में बल्कि समाज में भी इस पीढ़ी … Read more

शिव को दूध क्यों चढ़ाते हैं

भगवान शिव को क्यो दूध चढ़ाया जाता हैं, इसका क्या है धार्मिक और वैज्ञानिक कारण –  डा. बी. के. मल्लिक सावन के महीने को शिव भगवान का प्रिय महिना माना जाता हैं। सावन के महीने में शिवलिंग पर दूध चढ़ाया जाता है। शिवलिंग पर दूध चढ़ाने के पीछे कई धार्मिक मान्यताएं हैं। भगवान शिव अकेले … Read more

” हरियाली तीज का महत्व “

( 19 अगस्त , हरियाली तीज पर विशेष )          संदीप अग्रवाल     दत्ता बागान , डिब्रूगढ़ ( असम )     9706113523 हरियाली तीज उत्तर भारत की विवाहित महिलाएं सावन महीने में मनाती हैं। खासकर बिहार , राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हरियाणा में यह त्योहार बड़ी धूमधाम से … Read more

महिलाओं को मातृत्व सुख से वंचित करती टीबी

आलेख.. सीमा अग्रवाल स्वतंत्र लेखक एवं स्तम्भकार महिलाओं को मातृत्व सुख से वंचित करती टीबी समाज में हमेशा टीबी को फेफड़ों का रोग माना गया। लेकिन 21वीं सदी में टीबी महज़ सांस की बीमारी नहीं बल्कि इंफर्टिलिटी का बड़ा कारण बन चुकी है। महिलाओं में बढ़ती जननांगों की टीबी उन्हें मातृत्व सुख से वंचित कर … Read more

बराक नदी केवल आपकी ही नहीं हमारी भी गंगा है…

प्रिय मित्रों ! ये आप सभी जानते हैं कि-“प्रेस और पत्रकारिता- समाज और सरकार” के मध्य एक सेतु का कार्य करती है और इस सेतु का उत्तरदायित्व प्रेस इन्फार्मेशन ब्यूरो के पास सन् १९१९ से ही सुरक्षित है ! सरकारें आती जाती रहती हैं ! यहाँ तक कि ब्रिटिश सत्ता भी चली गयी किन्तु पीआईबी … Read more

स्वाधीनता के अमृत महोत्सव के निमित्त भारत प्राचीन राष्ट्र, एक राष्ट्र, हिंदु राष्ट्र

– शशिकांत चौथाईवाले गत वर्ष से भारतवासी अपने स्वाधीनता का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। इस अमृत काल में राष्ट्र एवं राष्ट्रवाद शब्दों पर सर्वत्र चर्चा चल रही है। बड़े बड़े लोगों में इस विषय पर भ्रान्त धारणा या संभ्रम है। भारत में अंग्रेजी भाषा प्रचलित कर अंग्रेजों ने भारतीयों के आँखों पर लगाया अंग्रेजी … Read more

क्या आप भी ऐसा कर सकते हैं?

पैंगोंग के रास्ते में बर्फ पर चलते वक्त मुझे किसी का मोबाइल गिरा हुआ मिला था बर्फ पर। तो अब आगे का मजेदार किस्सा है उसके मालिक को ढूंढने की जद्दोजहद का.. पैंगोंग के रास्ते में आगे जाकर दुर्बुक में हम जिस रात रुके थे, वहीं उस मोबाइल को चालू करने की कोशिश की ताकि … Read more

जैन मत के १४ सूत्र– अंक-१

प्रिय मित्रों !जैसी कि मेरी प्रतिज्ञा तथा मान्यता है कि भारतीय ज्ञानमयि संस्कृति के अंतर्गत विश्व के सम्पूर्ण जीवनमुक्त महापुरुषों के शब्दों में भिन्नता होते हुवे भी”मतैक्यता-परमार्थ “ही है !और इसी संदर्भ में मैं”आज से जैन-मत के “कैवल्य प प्राप्ति” विषय पर कुछ निबंध प्रस्तुत कर रहा हूँ ! हमारे जैन बन्धुवों का अत्यंत ही … Read more