राष्ट्रगीत को लेकर विवाद क्यों है?
राधा रमण जिसको न निज गौरव तथा निज देश का अभिमान है; वह नर नहीं, नर-पशु निरा है और मृतक समान है। जो भरा नहीं है भावों से , बहती जिसमें रसधार नहीं; वह ह्रदय नहीं है पत्थर है, जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं।। राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त ने यह पंक्तियां किसी जाति-धर्म अथवा व्यक्ति विशेष … Read more