सी. वी. रमन: प्रकाश और ज्ञान से विश्व को रोशन करनेवाले महान भारतीय डॉ प्रग्नेश परमार

वैज्ञानिक इतिहास के इतिहास में, चन्द्रशेखर वेंकट रमन, जिन्हें आमतौर पर सी. वी. रमन के नाम से जाना जाता है, का नाम प्रतिभा और नवीनता के प्रतीक के रूप में चमकता है। 7 नवंबर, 1888 को भारत के तिरुचिरापल्ली शहर में जन्मे रमन की भौतिकी के क्षेत्र में यात्रा वैज्ञानिक समुदाय पर एक अमिट छाप … Read more

वैश्या भानूमति का त्याग ( लघुकथा)

भानूमति सौंदर्य की जहाँ प्रतिमूर्ति थी वहीं दिल से बहुत ही नर्म थी। कठोर प्रशासक के रूप में उसकी तुती जहनमारा में बजती थी। वृद्ध भानूमति पेशे से तो वैश्या के नाम से बदनाम थी लेकिन अपनी संपन्नता के कारण सभी दलों के राजनेता चुनाव के समय हाजिरी लगाते थे क्योंकि भानूमति के नाम से … Read more

लोक आस्था का महापर्व छठ/आधुनिकता के अंधी दौड़ में नहीं बदली परंपरा  – अनिल मिश्र 

दीपावली के बाद पूरे देश में त्योहारों का अंत हो जाता है, मगर बिहार में दीपावली के बाद छठ महापर्व की तैयारियां शुरु होती है। चार दिनों तक चलने वाले लोक आस्था का महापर्व देश हीं नहीं विदेशों में भी अब काफी जाना जाता हैं। आधुनिकता के इस अंधी दौड़ में शायद हीं कोई पर्व … Read more

आजादी का अमृत उत्सव मना रहा देश के जनता से कुछ सवाल?? पूर्णिमा चौहान शिलचर

पूरे देश में आजादी के अमृत महोत्सव का नारा गुंज रहा हैं | हम आजाद देश है और हमारी आजादी के  ७७ साल हो गए | देश में  अब प्रजातंत्र है।  यह कहते हुए बार-२ मन में  संदेह होता हैं  कि क्या वाकई हम आजाद और प्रजातंत्र है ? हाल ही में  असम में  घटे … Read more

जानिए ब्रह्मांड के न्यायाधीश भगवान चित्रगुप्त कैसे अवतरित हुए – डॉ. बी. के. मल्लिक

जानिए ब्रह्मांड के न्यायाधीश भगवान चित्रगुप्त कैसे अवतरित हुए – डॉ. बी. के. मल्लिक जब ब्रह्मा जी ने सृष्टि का निर्माण किया।  उसके बाद लोगों से कर्मों का लेखा जोखा एवं प्राण लेने का काम सूर्यपुत्र यमदेव को दिया गया था। लोगों के पाप एवं पुण्य के अनुसार उसको फल देने का काम यमराज कर … Read more

नहीं चाहती हूं मैं बाल दिवस।

  नहीं चाहती हूं मैं बाल दिवस         जब उन्हें समझ में नहीं आता,                हम बच्चे है बाल दिवस नही ,         पहले उन्हें समझा दो, हमारे आबरू न उतरना को।     किया चाहते है हमसे , क्यों हमे ज़िन्दानी सा, … Read more

राजा विक्रमादित्य: शानदार सम्राट और उनकी कालजयी उपलब्धियाँ डॉ प्रग्नेश परमार

राजा विक्रमादित्य, एक ऐसा नाम जो भारतीय इतिहास के इतिहास में गूंजता है, वीरता, ज्ञान और परोपकार के प्रतीक के रूप में जाना जाता है। उनका शासनकाल, जो 101 ईसा पूर्व से 19 ईस्वी तक फैला हुआ माना जाता है, भारतीय इतिहास में एक स्वर्ण युग का प्रतीक है। राजा विक्रमादित्य, जिन्हें विक्रमार्क के नाम … Read more

श्री राम दर्शन देंगे             –डोली शाह

“”राम ही आदि है,  राम ही अंत है, राम ही इस जगत के,  असल कंत हैं।””             सदियों से  हम भारत में श्री राम का नाम सुनते आए हैं। नवजात शिशु से लेकर युवा, वृद्ध, यहां तक कि मृत्यु की अंतिम शरसैया पर भी इस नाम का उच्चारण बड़े ही … Read more