मतदाता एवं विजय नेता

छोड़ के अपने सारे काम, सबसे पहले करने जाएंगे मतदान। मतदान पांच साल में आता है, हमें एक दिन में मतदान करना पड़ता है। हम सबसे अच्छा नेता चयन करेंगे, देश को ओर भी तेजी से आगे बढ़ाएंगे। नेता हमारा ऐसा होगा, जो सदन पे हमारा बात रखेगा। करने मे देश का काम, हमारे नेता … Read more

वैश्या भानूमति का त्याग ( लघुकथा)

भानूमति सौंदर्य की जहाँ प्रतिमूर्ति थी वहीं दिल से बहुत ही नर्म थी। कठोर प्रशासक के रूप में उसकी तुती जहनमारा में बजती थी। वृद्ध भानूमति पेशे से तो वैश्या के नाम से बदनाम थी लेकिन अपनी संपन्नता के कारण सभी दलों के राजनेता चुनाव के समय हाजिरी लगाते थे क्योंकि भानूमति के नाम से … Read more

नहीं चाहती हूं मैं बाल दिवस।

  नहीं चाहती हूं मैं बाल दिवस         जब उन्हें समझ में नहीं आता,                हम बच्चे है बाल दिवस नही ,         पहले उन्हें समझा दो, हमारे आबरू न उतरना को।     किया चाहते है हमसे , क्यों हमे ज़िन्दानी सा, … Read more

उठो चिरैया!!!खुले आकाश — डोली शाह

 यशु एयर चीफ मार्शल वी .पी .सिंह की बेटी थी। पिता की सेवा  भावना देख उसे भी देश के लिए कुछ अलग करने की चाह शुरू से ही थी, परंतु मां को शुरू से ही  देश सेवा में कोई दिलचस्पी  नहीं थी, लेकिन पिता की इच्छा और यशु की आकांक्षाओं के बल पर बहुत ही … Read more

बालम छोटो सो ( लघुकथा)

श्रीनाथ बंगाल में एक भूसी माल की छोटी सी दुकान करता था। उनके पांचों बेटे कंवारे थे लेकिन कहीं भी रिश्ता नहीं हो रहा था तो एक दिन एक रिश्तेदार ने गरीब लङकी से शादी करवा दी। ईश्वर की दया से इंद्र चंद एवं रूपा के तीन बच्चे हो गये वहीं तीन देवरों की भी … Read more

मोबाइल नंबर देना है

  जैसे था ही कुछ कहीं ना… था कमाल, हां धमाल, दिल जैसे मालामाल तेरा जिंदगी मे आना ना मलाल , ना सवाल, ना ख्याल तेरा जिंदगी से जाना जैसे वादी में पशमीना, जैसे सागर में सफीना, जैसे पत्थर में नगीना तेरा मेरा खुदा होना जैसे था ही कुछ कहीं ना, जैसे चाहा तुझे कभी … Read more

पाप का दंड भोगना पड़ता है

दुर्योधन ने उस अबला स्त्री को दिखा कर अपनी जंघा ठोकी थी, तो उसकी जंघा तोड़ी गयी। दु:शासन ने छाती ठोकी तो उसकी छाती फाड़ दी गयी। महारथी कर्ण ने एक असहाय स्त्री के अपमान का समर्थन किया, तो श्रीकृष्ण ने असहाय दशा में ही उसका वध कराया।      भीष्म ने यदि प्रतिज्ञा में … Read more

गजल

शायद… रेत पर लिखे ,वो सारे हर्फ ,जो तूने कहे जो मैंने कहे एक ही लहर से बह जाएंगे शायद.. वो सारे सपने ,वो सारे किस्से,  अधूरे अनकहे ही रह जाएंगे शायद..  तकदीर को दरकिनार गर कर भी दूं  पांव में पड़ी जंजीर में फंसे रह जाएंगे शायद..  फिर सारे साजा वो आवाज और ये … Read more

गजल

सुलगते सुलगते हम करार नहीं मिलता मेरी बेचैनियों को, बेशक खाक हो रहे हैं सुलगते सुलगते हम आलम तो देखिए मेरी पेचीदगियों का ,और भी उलझ रहे हैं सुलझते सुलझते हम सुना था बीतेगी बड़ी शान से, बस,अगले मील  के परे उम्र गुजर गई यूं ही , देखा करे मील के पत्थर गुजरते गुजरते हम … Read more

आई लव यू ऑल

  एक छोटे से शहर के प्राथमिक स्कूल में कक्षा 5 की शिक्षिका थीं। उनकी एक आदत थी कि वह कक्षा शुरू करने से पहले हमेशा “आई लव यू ऑल” बोला करतीं। मगर वह जानती थीं कि वह सच नहीं कहती । वह कक्षा के सभी बच्चों से उतना प्यार नहीं करती थीं। कक्षा में … Read more