हल्दी रस्म या  फिजूल खर्ची

अमीरों के चक्कर में बेचारा गरीब पिस रहा है  आज कल ग्रामीण परिवेश में होने वाली शादियों में एक नई रस्म का जन्म हुआ है हल्दी रस्म। हल्दी रस्म के दौरान हजारों रूपये खर्च कर के विशेष डेकोरेशन किया जाता है, उस दिन दूल्हा या दुल्हन विशेष पीत (पीले) वस्त्र धारण करते हैं। साल 2020 … Read more

संदेशखाली का सच स्वीकार करें ममता— अवधेश कुमार

पश्चिम बंगाल के संदेशखाली कांड ने पूरे देश को सन्न कर दिया है। जिस तरह की घटनाएं सामने आ रहीं हैं उन पर सहसा विश्वास करना कठिन है। आखिर किसी कानून के शासन वाले राज्य में ऐसा कैसे संभव है कि कोई , कुछ या कुछ लोगों का समूह जब चाहे जितनी संख्या में चाहे … Read more

स्वास्थ्य सेवा एवं कल्याण पर आयुर्वेद और योग का परिवर्तनकारी प्रभाव’

  पिछले 10 वर्षों के दौरान, देश और दुनिया में आयुर्वेद एवं योग ने सभी हितधारकों- उपभोक्ताओं, बीमा क्षेत्र, नीति-निर्माताओं, स्वास्थ्य पेशेवरों आदि- के बीच जागरूकता, स्वीकृति, स्वीकार्यता और विश्वसनीयता के मामले में एक लंबी छलांग लगाई है। यह कोई छोटा-मोटा बदलाव नहीं है क्‍योंकि इस दौरान सरकार ने आयुष चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देते … Read more

क्या इसी दिन के लिए हम लोगों ने इतनी तकलीफ उठाई “मंगल भवन अमंगल कारी-दबहुँ सो दशरथ गजब कहानी”

  सम्माननीय मित्रों ! आज हमारी असमिया सरकार ! केन्द्रीय राष्ट्र वाद का ढिंढोरा पीटने वाली सरकार ! हमारी मातृसंस्था ! हमारे यशस्वी प्रधानमन्त्री जी,मुख्यमंत्री जी ने यह सिद्ध कर दिया है कि वे हमारे स्थानीय  राजनैतिक प्रतिनिधियों को महत्व नहीं देते। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रथम बलिदानी स्वर्गीय श्रीमान मंगल पाण्डेय जी की मूर्ति … Read more

क्या सीट बंटवारे को लेकर अखिलेश यादव के आगे झुकी कांग्रेस, सुनने पड़ रहे है बगावती स्वर ? -अशोक भाटिया

लोकसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन तो हो ही गया है. सपा ने कांग्रेस को यूपी में 17 सीटें दी हैं. जबकि कांग्रेस 22 सीटों की मांग रही थी. सूत्रों के मुताबिक सपा के दबाव के आगे कांग्रेस को झुकना पड़ा, कांग्रेस के अपने बड़े नेताओं के लिए भी सीटें नहीं ले पाई. जिसके बाद अब … Read more

संदेशखाली का संदेश और तृणमूल का ‘शाहजहाँ’ – डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री

पश्चिमी बंगाल के एक ग्राम नंदी ग्राम को उस गाँव के लोगों के सिवा कोई नहीं जानता था । लेकिन सारी दुनिया के वे लोग जो विश्व के सामाजिक आन्दोलनों में रुचि रखते हैं , नंदी ग्राम को जानते हैं । नंदी ग्राम के लोगों ने पश्चिमी बंगाल की कम्युनिस्ट सरकार की तानाशाही का विरोध … Read more

आंदोलन में युद्ध जैसी तैयारी अवधेश कुमार

आंदोलन की यह प्रवृत्ति अत्यंत चिंताजनक है। किसान संगठनों के बैनर से जिस तरह के दृश्य आ रहे हैं वो किसी भी विवेकशील व्यक्ति को भयभीत करेंगे। ऐसा लगता है जैसे छोटे-मोटे युद्ध की तैयारी से कूच किया गया है। ट्रैक्टरों को इस तरह मॉडिफाई किया गया है कि वो हथियार के रूप में प्रयुक्त … Read more

अक्षय उपयोगी बीज — नीति सिंह

“बीज  में  वृक्ष  के सारे गुण हैं छुपे, जानने के लिए थोड़ा मन चाहिए। देखना हो अगर कुदरती खेल तो, खाद माटी व पानी जतन चाहिए।” डॉ अवधेश कुमार अवध जी की ये पंक्तियां रखने का मोह छोड़े बिना यह जानना समीचीन होगा कि बीज न सिर्फ अपने उर में विशाल वृक्ष छुपाए रखता है … Read more

“संगच्छध्वं संवदध्वं सं वो मनांसि जानताम् …” — आनंद शास्त्री

सम्माननीय मित्रों ! आज मुझे अत्यंत ही आंतरिक क्षोभ के साथ ये कहना पड रहा है कि-“मोदी(जी) हैं तो गारंटी है ! यह मोदी की गारंटी है ? आज समूची बराक उपत्यका स्तब्ध और स्तंभित है कि हम हिन्दी भाषी समुदाय के लोगों को कोरे और झूठे मनभावन मनगढ़ंत आश्वासनों के अतिरिक्त भारत गणराज्य की … Read more

धम्मपद यमकवग्गो~ सूत्र-२० अंक~२० — आनंद शास्त्री

प्निय मित्रों ! नित्यसत्यचित्त बुद्धमुक्त पदऽस्थित तथागत महात्मा बुद्ध द्वारा उपदेशित #धम्मपद के भावानुवाद अंतर्गत स्वकृत बाल प्रबोधिनी में यमकवग्गो के 20 वें पद्द का पुष्पानुवाद उनके ही श्री चरणों में निवेदित कर रहा हूँ— “अप्पं पि।चे सहितं।भासमानो।धम्मस्य होति अनुधम्मचारी। रागं च दोसं च पहाय मोहं सम्मप्पजानो सुविमुत्त चित्तो। अनुपादियानो इधवा हुरं वा स भागवा सामञ्ञस … Read more