नंदी ग्राम से संदेशखाली तक ममता बनर्जी की यात्रा— डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री

ममता ने मई 2011 में 34 साल के कम्युनिस्ट शासन को उखाड कर पश्चिमी बंगाल का शासन संभाला था । लेकिन इस सत्ता पलट के  पीछे नंदी ग्राम का वह जन आन्दोलन था जिसने कम्युनिस्टों का जन विरोधी चेहरा नंगा कर दिया था । 2006 के आसपास ही यह आन्दोलन शुरु हुआ था । सरकार … Read more

ऐसी राजनीतिक तस्वीर बदले तो कैसे — अवधेश कुमार

चुनाव ऐसा अवसर होता है जब आपको राजनीति के सारे नकारात्मक चरित्र हमारे सामने घनीभूत होकर उभरते हैं। हालांकि इसमें आज चार्ज का कोई कारण इसलिए नहीं होता क्योंकि इस तरह की घटनाएं राजनीति की बारंबारता का अंग बन चुके हैं। लोकसभा चुनाव के पूर्व दलों और नेताओं के व्यवहारों और वक्तव्यों पर आम लोग … Read more

महाशिवरात्रि/विशेष) महाशिवरात्रि सतयुगी सवेरा लाने का यादगार पर्व — ब्रह्मा कुमारी संगीता

आज भारत पतित और दुःखी है। यही भारत आदिकाल में पावन, सुखी व वैभवशाली था। सृष्टि की आदि काल में सतयुग था। श्री लक्ष्मी व श्री नारायण के दैवीय दुनिया थी। शस्त्रों में है, मनुष्य को देवता बनाने तथा कलयुग को सतयुग में बदलने वाला निराकार परमात्मा है, जो सर्व आत्माओं के रुहानी पिता है। … Read more

माँ – एक अमृत स्रोत, एक प्रेरणास्त्रोत; उनकी यादें  राह की पथ प्रदर्शक – डॉ सुजीत तिवारी

हमारी माँ  विद्या देवी तिवारी सं १९१५ की ६ मार्च को हैद्रावाद के एशियन इंस्टिटूट ऑफ गैस्ट्रो इंटेरोलॉजी (AIG) मे इलाज चलते हालत में ईश्वर के धाम सिधार गयीं। आज नौ वर्ष होगये,पर हर क्षण मुझे उनकी दी गई शिख ही राह दिखाति है। उनका जीवन एक दीप की तरह  स्वयं प्रभा हो सभीको आलोकित … Read more

राम युग से अमृतकाल तक भारतीय नारी — डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

स्त्री सभी स्वरूप में भारतीय ज्ञान परम्परा के अनुसार वन्दनीय, पूजनीय और अनुकरणीय मानी गई है। शास्त्रों में उल्लेखित सभी आधारों पर स्त्री के पूजन या सम्मान को सर्वोपरि रखा गया है, शक्ति स्वरूपा की आराधना को पर्वाधिराज के रूप में स्वीकार किया गया है। उसी स्त्री को दिए वचनों की अनुपालना के लिए राघवेंद्र को भी … Read more

“अबकी बार ! फिर एकबार ! निरंकुश सरकार !”

सम्माननीय मित्रों ! मेरी बाल्यावस्था की एक स्मृति है कुप्रसिद्धि एवं मुस्लिम-ईसाई-“तुष्टिमग्र्यामवाप्नुयात्” अर्थात तुष्टिकरण हेतु इन्दिरा अप्रियदर्शिनी ने गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने हेतु 7 नवम्बर 1966 को नयी दिल्ली में अनशन कर रहे बिल्कुल शांत आंदोलनकारी निहत्थे साधु,वैरागी और संतों पर अंधाधुंध गोलियां चलवाकर जलियाँवाला बाग के सरकार प्रायोजित सामूहिक वीभत्स हत्याकांड की … Read more

“अतृणे पतितो वह्निः स्वयमेवोपशाम्यति” — आनंद शास्त्री

सम्माननीय मित्रों ! हमारे यशस्वी मुख्यमंत्री श्रीमान हेमन्तो बिस्वशर्मा जी,श्री महंत आदित्य नाथ योगी जी,श्रीमान पुष्कर सिंह धामी जी जैसे महापुरुषों ने अपने राज्यों में वर्ग विशेष की गुण्डागर्दी के विरुद्ध चलायी कार्यवाही के अंतर्गत ! हलद्वानी जैसी हिंसा के विरुद्ध बुलडोजर से उनकी सम्पत्ति के साथ-साथ उनके हौसले भक कुचल दिये ! हजारों अवांछित … Read more

धम्मपद्द अपमादवग्गो~ सूत्र-६ अंक~२६ — आनंद शास्त्री

प्निय मित्रों ! नित्यसत्यचित्त बुद्धमुक्त पदऽस्थित तथागत महात्मा बुद्ध द्वारा उपदेशित-“धम्मपद्द” के भावानुवाद अंतर्गत स्वकृत बाल प्रबोधिनी में अपमादवग्गो के छठें पद्द का पुष्पानुवाद उनके ही श्री चरणों में निवेदित कर रहा हूँ— “पमादमनुयुञ्जन्ति बाला दुम्मेधिनो जना । अप्पमादं च मेधावी धनं सेट्ठं व रक्खति।।६।।” अब पुनः आर्य-श्रेष्ठ कहते हैं कि” पमादमनुयुञ्जन्ति बाला” अर्थात जो कुछेक … Read more

धम्मपद्द अपमादवग्गो~ सूत्र-५ अंक~२५ — आनंद शास्त्री

प्निय मित्रों ! नित्यसत्यचित्त बुद्धमुक्त पदऽस्थित तथागत महात्मा बुद्ध द्वारा उपदेशित-“धम्मपद्द” के भावानुवाद अंतर्गत स्वकृत बाल प्रबोधिनी में अपमादवग्गो के पंचम पद्द का पुष्पानुवाद उनके ही श्री चरणों में निवेदित कर रहा हूँ— “उट्टानेनप्पमादेन संयमेन दमेन च । दीपं कायिराथ मेधावी यं ओघो नाभिकीरति।।५।।” पुनः तथागतजी कहते हैं कि-“उट्टानेनप्पमादेन संयमेन दमेन च” मैं आपको स्मरण कराना … Read more

धीरज धर्म मित्र अरु नारी, आपद काल परिखिअहि चारी — मदन सुमित्रा सिंघल

जब राम लक्ष्मण सीता चोदह साल के बनवास में भ्रमण कर रहे थे तो अत्रि मुनि के आश्रम में पहुंचे तो अनुसुइया के सीता ने पांव छुकर प्रणाम किया। अनुसुइया ने खुश होकर सीता को ऐसे गहने भेंट में दिए कि जो कभी भी खराब ना हो। यह प्रसंग रामचरितमानस के अरण्य कांड में मिलेगा। … Read more