धम्मपद्द अपमादवग्गो~११~२ सूत्र- अंक~३३ — आनंद शास्त्री
प्निय मित्रों ! नित्यसत्यचित्त बुद्धमुक्त पदऽस्थित तथागत महात्मा बुद्ध द्वारा उपदेशित-“धम्मपद्द” के भावानुवाद अंतर्गत स्वकृत बाल प्रबोधिनी में अपमादवग्गो के ग्यारहवें पद्द के द्वितीय अंक का पुष्पानुवाद उनके ही श्री चरणों में निवेदित कर रहा हूँ– “अप्पमादरतो भिक्खु पमादे भयदस्सि वा । संयोजनं अण्णुं धूलंडहं अग्गीवगच्छति ।।११।।” पिछले अंक से आगे ! मैं आपसे बुद्ध निर्दिष्ट … Read more