अनहद बाजत नाद ! बुलावा आया है–आनंद शास्त्री

अब हम अनहद नाद पर आगे चर्चा करते हैं ! हमने आप सभी को बताया है कि जैसे एक पेटी में दूसरी,दूसरी के भीतर तीसरी, तीसरी के भीतर चौथी और उसके भी भीतर पाँचवी पेटी होती है जिसमें अनमोल रत्न होते हैं ! बिलकुल उसी प्रकार स्थूल शरीर में सूक्ष्म शरीर -उसके भीतर कारण ! … Read more

शमा के पास परवान आया है उसे बाती ने बुलाया है — आनंद शास्त्री

प्यारे मित्रो ! विगत जन्मों से आने वाले जन्मों तक एक सच्चे साधक की यही अंतर्कथा होती है कि- “यूँ ही नहीं होती अंधेरों में रौशनी। खुद को जला जलाकर सितारे हुवे हैं हम॥” यह शरीर भी एक दीपक की बाती है जो निरन्तर जलते जलते धीरे-धीरे भष्म हो जाती है ! आज तुम सबसे-“अनहद … Read more

लेख सादर प्रकाशनार्थ… स्मृति शेष .. इसलिए जरूरी है संकठा जी जैसे स्कूल शिक्षक की याद !

संकठा सिंह : आदर्श शिक्षक,संवेदना से भरे मनुष्य -प्रो.संजय द्विवेदी भरोसा नहीं होता कि मेरे पूज्य गुरुदेव श्री संकठा प्रसाद सिंह अब इस दुनिया में नहीं रहे। बस्ती (उप्र) के सरस्वती शिशु मंदिर, रामबाग के प्रधानाचार्य रहे संकठा जी में ऐसा क्या था, जो उन्हें खास बनाता है? क्या कारण है कि वे अपने विद्यार्थियों … Read more

भक्ति मनुष्य के मन के भावों को सँवारने का साधन हो सकती है साध्य नहीं– सीताराम गुप्ता

रामचरितमानस में एक स्थान पर गोस्वामी तुलसीदास जी लिखते हैं – जेहि का जेहि पर सत्य सनेहू, सो तेहि मिलहिं न कछु सन्देहू अर्थात् जिसको जिस चीज़ से सच्चा प्रेम होता है उसको वह चीज़ अवश्य मिल जाती है इसमें संदेह नहीं। कहने का तात्पर्य यही है कि सच्चे मन से चाही गई वस्तु अवश्य … Read more

विश्व के लिए चुनौती बनता मानसिक अवसाद —सीमा अग्रवाल

विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार विश्व में 4 में से 3 लोग मानसिक अवसाद से पीड़ित हैं। मानसिक विकार केवल अमीर देशों तक सीमित नहीं रहे यह बीमारी तेजी से निम्न आयवाले मुल्कों को भी अपनी चपेट में ले रही है। आज जब  भी स्वास्थ्य समस्याओं की चर्चा होती है तो समाज … Read more

इकनॉमिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को दोबारा याद आई भारत की — अशोक भाटिया

इकनॉमिक संकट से जूझ रहा पाकिस्तान इससे उबरने की हर कोशिश कर रहा है । हाल ही में पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने लंदन में कहा है कि पाकिस्तान के बिजनेसमैन चाहते हैं कि भारत के साथ बंद हो चुका व्यापार दोबारा से शुरु किया जाए। इशाक डार के मुताबिक इसे लेकर पाकिस्तान … Read more

सम्वतसर की अंतिम महारात्रि पर विशेष प्रस्तुति — आनंद शास्त्री

होलिका माई के प्यारे दुलारे सभी को मेरा ह्रद्अंतस्थल की गहराइयों से प्यार शुभकामनायें एवं साधना पथ पर निरन्तर चलते रहने की इस परम पावन महारात्रि के शुभ प्रभात पर ढेरों बधाइयाँ ! यह एक अद्वितीय प्रश्न है कि दारुण रात्रि होलिकोत्सव आज की पूर्व रात्रि को क्यों कहते हैं। आज इसी पर तुम सबसे … Read more

फाग में कृष्णराग— डॉ.संगीता पांडेय

फाग आते ही हृदय खिल उठता है, क्यों? दरअसल यह महीना अपने आप में ही अद्भुत है. कृष्ण राग का महीना भी इसे कह सकते हैं.  जिसमे न केवल उल्लास है बल्कि प्रेम और सौहार्द की भावना भी भरी हुई है. इसीलिए भगवान् कृष्ण को फागुन पसंद था या यह कह लें कि फागुन देश … Read more

आसानी से छुड़ाएं त्वचा से होली के रंग — श्वेता गोयल

होली का त्यौहार है ही ऐसा मस्ती भरा कि हर किसी का मन इसके मतवाले रंगों में रंगने को मचल उठता है लेकिन दिनभर की मस्ती के बाद शरीर पर रंग इस कदर रच जाते हैं कि इन्हें छुड़ाना मुश्किल हो जाता है। आपकी इसी परेशानी को दूर करने के लिए हम आपको कुछ ऐसे … Read more

“अहकूटा भयत्रस्तैः कृता त्वं होलि बालिशैः । अतस्वां पूजयिष्यामि भूति-भूति प्रदायिनीम्‌॥— आनंद शास्त्री

सम्माननीय मित्रों ! होलिका पर्व के सन्दर्भ में नरसिंह पुराण में भगवान वेदव्यास जी ने यही कहा है ! देवता अच्छे हो सकते हैं ! किन्तु इसका यह अर्थ नहीं लगाया जाना चाहिए कि सभी -“राक्षस” बुरे होते हैं ! यदि ऐसा होता तो भला राक्षसों को ब्रम्हा,विष्णु,महेश,इन्द्र,सरस्वती,लक्ष्मी, महाकाली आदि ने वरदान क्यों दिया होता ? … Read more