अनहद बाजत नाद ! बुलावा आया है–आनंद शास्त्री
अब हम अनहद नाद पर आगे चर्चा करते हैं ! हमने आप सभी को बताया है कि जैसे एक पेटी में दूसरी,दूसरी के भीतर तीसरी, तीसरी के भीतर चौथी और उसके भी भीतर पाँचवी पेटी होती है जिसमें अनमोल रत्न होते हैं ! बिलकुल उसी प्रकार स्थूल शरीर में सूक्ष्म शरीर -उसके भीतर कारण ! … Read more