नये वक्फ कानून से दिक्कत किसे है – राधा रमण

राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद 8 अप्रैल को देशभर में वक्फ संशोधन कानून 2025 लागू हो गया है। केंद्र सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। यह अधिसूचना भारत के राजपत्र में प्रकाशित कर दी गई है। वक्फ संशोधन विधेयक को पिछले सप्ताह संसद के दोनों सदनों से मंजूरी मिल गई थी। हालांकि इस … Read more

डिजिटल दुनिया का मानसिक बोझ: जब स्टेटस छीनने लगे चैन – प्रियंका सौरभ

आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डाल रहा है। स्टेटस, प्रोफाइल और पोस्ट के ज़रिये लोग अपनी ज़िंदगी का चमकदार पक्ष दिखाते हैं, जिससे दूसरों में असंतोष, ईर्ष्या और आत्म-संदेह पैदा होता है। यह तुलना और जिज्ञासा धीरे-धीरे मानसिक अशांति का कारण बन जाती है। सोशल मीडिया के … Read more

बिहार: एक सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और विकासशील राज्य नाम: दीपिका सिंह

नाम: दीपिका सिंह कॉलेज का नाम: गवर्नमेंट फर्स्ट ग्रेड कॉलेज रोल नंबर: U19GZ24A0193 कक्षा: बी.ए. द्वितीय सेमेस्टर (प्रथम वर्ष) बिहार भारत का एक महत्वपूर्ण राज्य है, जो अपनी समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। यह राज्य गंगा नदी के किनारे स्थित है और यहाँ कई प्राचीन मंदिर, ऐतिहासिक स्थल और … Read more

बिहु: असम की सांस्कृतिक चेतना और कृषि जीवन का जीवन्त उत्सव

बिहु: असम की सांस्कृतिक चेतना और कृषि जीवन का जीवन्त उत्सव डा. रणजीत कुमार तिवारी सहाचार्य एवं अध्यक्ष, सर्वदर्शनविभाग कुमार भास्कर वर्मा संस्कृत एवं पुरातन अध्ययन विश्वविद्यालय, नलबारी, असम भारत एक ऐसा राष्ट्र है जिसे यदि ‘त्योहारों की भूमि’ कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति न होगी। यहाँ की मिट्टी में केवल अनाज ही नहीं, बल्कि … Read more

यह भी देश प्रेम है।

हमारे जांबाज सेना के कार्य देश भक्ति व देश प्रेम की सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। इनकी तुलना हम कतई नहीं कर सकते हैं।देश इनका ऋणी रहता है। इसके अतिरिक्त हम कई तरह से देश हित के लिए कार्य कर देश प्रेम की भावना को दर्शा सकते हैं। देश प्रेम एक ऐसी भावना है,जो हमारे अंतर्मन में … Read more

संस्कृत: भारत की सांस्कृतिक एकता की सेतु–भाषा — डॉ. आंबेडकर की दूरदृष्टि में – डा. रणजीत कुमार तिवारी

डा. रणजीत कुमार तिवारी सहाचार्य एवं अध्यक्ष सर्वदर्शन विभाग कुमार भास्कर वर्मा संस्कृत एवं पुरातनाध्ययन विश्वविद्यालय, नलबारी, असम प्रस्तावना संस्कृत भाषा, भारतीय सभ्यता की आत्मा और ऋषियों की वाणी है। यह केवल संप्रेषण का माध्यम नहीं, अपितु उस गूढ़ ज्ञान का संवाहक है जिसने वेदों, उपनिषदों, दर्शनशास्त्र, काव्य, नाटक, गणित, खगोल, और चिकित्सा जैसे विविध … Read more

क्या कृत्रिम तकनीक की आसान उपलब्धता से शिक्षा का भविष्य खतरे में है? – राजू दास

वर्तमान विश्व में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) तीव्र गति से आगे बढ़ रही है। यह हमारे जीवन को अधिक सरल बना रही है, समय और मेहनत की बचत कर रही है, और जटिल तथा विश्लेषणात्मक कार्यों को भी सहजता से पूरा कर रही है। लेकिन इस तकनीकी प्रगति के पीछे एक महत्वपूर्ण प्रश्न … Read more

महाबली हनुमान जी के जन्मोत्सव पर विशेष लेख

दुमदुमा (असम): महाबली हनुमान जी का जन्मोत्सव देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है, विशेष रूप से चैत्र मास में। यह पर्व प्रभु श्रीराम के परम भक्त, अंजनी और केशरी के पुत्र महाबली हनुमान जी के जन्म का प्रतीक है। हनुमान जी का बाल्यकाल नाम ‘मारुति’ था, और वह 108 विभिन्न नामों से प्रसिद्ध हैं, … Read more

ट्रम्प टैरिफ के कहर से दुनिया हलकान — आचार्य श्रीहरि

विश्व में एक और हिटलर की आहट सुनी जा रही है। एक और हिटलर की आहट को अनसुनी करने वाले घोर संकट को आमंत्रण दे रहे हैं। विश्व मंदी के संकट को जन्म देने वाले डोनाल्ड ट्रम्प आगे भी इसी तरह के हिटलरी कारनामे को अंजाम देते रहेंगे, ऐसी आशंका को खारिज करना मुश्किल है। … Read more

“शायद हम एक बार फिर इंसान बन सकें…” – राजू दास

आज भी यह दुनिया युद्ध को रोक नहीं सकी। सभ्यता का इतिहास जितना ज्ञान, तकनीक और विकास का है, उतना ही रक्त, विनाश और मृत्यु का भी इतिहास है। आज जब इस्राइल और फिलिस्तीन की ज़मीन पर बच्चों का खून धूल में मिल रहा है, तब सवाल उठता है—इस युद्ध को कौन चला रहा है? … Read more