बेंगलुरु में आयोजित प्रतिनिधि सभा से संदेश — अवधेश कुमार

इस वर्ष विजयादशमी के दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं। शताब्दी वर्ष में संघ की बेंगलुरु में  आयोजित अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा का दो दिवसीय आयोजन अनेक अर्थों में महत्वपूर्ण घटना मानी जाएगी। संघ के सम्पूर्ण नेतृत्व मंडल के अलावा विचार परिवार के सभी 32 संगठनों के शीर्ष 1482 प्रतिनिधियों … Read more

राम नवमी: आध्यात्मिक, सामाजिक एवं नैतिक चेतना का पर्व – डा. रणजीत कुमार तिवारी

डा. रणजीत कुमार तिवारी सहाचार्य एवं अध्यक्ष, सर्वदर्शन विभाग, कुमार भास्कर वर्मा संस्कृत एवं पुरातनाध्ययन विश्वविद्यालय, नलबारी, असम भारतीय संस्कृति में त्योहार केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों को जाग्रत करने वाले जागरण पर्व होते हैं। राम नवमी ऐसा ही एक पर्व है, जो न केवल भगवान श्रीराम के जन्म की स्मृति दिलाता है, … Read more

आदर्श शासन का शाश्वत प्रतिमान : रामराज्य – डॉ. रणजीत कुमार तिवारी

डॉ. रणजीत कुमार तिवारी सहाचार्य एवं अध्यक्ष, सर्वदर्शन विभाग, कुमार भास्कर वर्मा संस्कृत एवं पुरातनाध्ययन विश्वविद्यालय, नलबारी, असम प्रस्तावना भारतीय परंपरा में आदर्श राज्य-व्यवस्था का स्वरूप सदैव से चिंतन और साधना का विषय रहा है। जब सम्राटों की पराकाष्ठा, धर्म का उत्कर्ष और प्रजाजन की समृद्धि एक ही केंद्र पर संगम करते हैं, तब ‘रामराज्य’ … Read more

“समाज को कलंकमुक्त करने में जागरूक नागरिकों की भूमिका अपरिहार्य”

इस रंगीन दुनिया के हर समाज में कुछ भटके हुए लोग होते हैं, जो अपने कुकर्मों के माध्यम से पूरे समाज की गरिमा को कलंकित करते हैं। मुस्लिम समाज भी इससे अछूता नहीं है। लेकिन अगर मुस्लिम समाज के जागरूक और बुद्धिजीवी वर्ग समय रहते इन असभ्यों के खिलाफ खड़ा नहीं होता, तो पूरा समाज … Read more

यहां प्लास्टिक, वहां प्लास्टिक, आखिर कहां नहीं है प्लास्टिक? — सुनील कुमार महला

प्लास्टिक मनुष्य से लेकर धरती के समस्त जीवों, हमारे पर्यावरण और पारिस्थितिकी के लिए एक प्रकार से ज़हर है। आज देश-दुनिया को भले ही प्लास्टिक ने कितनी ही सहूलियतें प्रदान क्यों न की हो, लेकिन यह मनुष्य, जीवों, वनस्पतियों के साथ-साथ संपूर्ण धरती के पर्यावरण के लिए विनाश ला रहा है। ‌पाठकों को जानकारी देना … Read more

“समुदाय नहीं, अपराध पर अंकुश लगाना ही मुख्य लक्ष्य!”

राजू दास, शिलचर: हाल ही में श्रीभूमि ज़िले में हुए एक भयानक अपराध ने हमें फिर से याद दिला दिया कि समाज के हर कोने में अब भी हिंसा और अपराध का ज़हर फैला हुआ है। आरोपों के अनुसार, एक युवती के साथ बलात्कार कर उसे फेंक दिया गया। यह एक भयावह और अमानवीय घटना … Read more

पेड़ काटना मानव हत्या के समान – राकेश दुबे

अब यह समझ लेना जरूरी है कि कोई कानून और पेड़ों को हल्के में न ले। देश में लगातार जारी पेड़ों की अवैध कटाई के खिलाफ सख्त रवैया अख्तियार करते हुए देश की शीर्ष अदालत ने कहा है कि एक पेड़ का कटना इंसान की हत्या से भी बदतर है। कोर्ट ने आरोपी व्यक्ति को … Read more

भू-जल प्रबंधन,कुशल सिंचाई प्रबंधन व वर्षा जल संचयन आवश्यक है। — सुनील कुमार महला

जल मनुष्य ही नहीं इस धरती के समस्त प्राणियों व वनस्पतियों की मूलभूत आवश्यकता है। जल बिना जीवन संभव नहीं है। वास्तव में,पंचतत्व जीवन के लिए आधार माने गए हैं। उसमें से एक तत्व जल भी है। एक शोध के मुताबिक आज जिस रफ्तार से जंगल खत्म हो रहे हैं उससे तीन गुना अधिक रफ्तार से … Read more

शक्ति पूजा का पर्व है नवरात्रि — रमेश सर्राफ धमोरा

नवरात्रि देवी दुर्गा के नौ अवतारों या स्वरूपों की पूजा का प्रसिद्ध त्योहार है। जिसे शक्ति या देवी के रूप में भी जाना जाता है। यह त्योहार एक बार वसंत ऋतु के दौरान चैत्र नवरात्रि और शरद ऋतु के दौरान शरद नवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। शरद नवरात्रि अश्विन के महीने के दौरान … Read more

नेपाल में गणतंत्र के खिलाफ बगावत क्यों ? — आचार्य श्रीहरि

गणतंत्र सबसे सफल और सर्वश्रेष्ठ शासन प्रणाली है। गणतंत्र में गण की प्रधानता होती है। यानी कि जनता ही सर्वश्रेष्ठ होती है, निर्णायक होती है और भाग्यविधाता होती है। जनता की इच्छा गणतंत्र की प्राथमिकता होती है। लेकिन नेपाल में उल्टा हो रहा है। नेपाल में गणतंत्र के खिलाफ बगावत हो रहा है, विद्रोह हो … Read more