संकल्प से सिद्धि के आठ साल

नई दिल्ली:जीवन में जब हम बड़े लक्ष्यों की तरफ आगे बढ़ते हैं, तो कई बार ये देखना भी जरूरी होता है कि हम चले कहां से थे, शुरुआत कहां से की थी। और जब उसको याद करते हैं, तभी तो हिसाब-किताब का पता चलता है कि कहां से निकले और कहां पहुंचे, हमारी गति कैसी … Read more

हिन्दी से दूर जाती कांग्रेस -आर.के. सिन्हा

देश के आठ पूर्वोतर राज्यों के सभी स्कूलों के दसवीं कक्षा तक में पढ़ने वाले बच्चों को हिन्दी अनिवार्य रूप से पढ़ाने पर वहां की राज्य सरकारें राजी हो गईं हैं। २२ हजार हिन्दी अध्यापकों की भर्ती की जा रही है तथा नौ आदिवासी जातियों ने अपनी बोलियों की लिपि देवनागरी को स्वीकार कर लिया … Read more

सतुआन अर्थात सतुआ संक्रांति का महत्व

भारत में संक्रांति का पर्व बड़े ही उल्लास के साथ मनाया जाता है. किसी भी माह की सूर्य संक्रांति के दिन किया गया दान अन्य शुभ दिनों की तुलना में दस गुना पुण्य देता है. इसी श्रृंखला में आती है वैशाख माह की संक्रांति. इस वर्ष वैशाख संक्रांति के समय सूर्य, 14 अप्रैल, 2022, प्रात:काल … Read more

दिवस मनाने से नहीं मातृभाषा का उपयोग करने से होगी मातृभाषा की रक्षा- शशिकांत चौथाईवाले

अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा सुरक्षा दिवस पर विशेष दिवस मनाने से नहीं मातृभाषा का उपयोग करने से होगी मातृभाषा की रक्षा- शशिकांत चौथाईवाले प्रति वर्ष विश्व में २१ फरवरी यह अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा सुरक्षा दिन के रूप में पालन किया जाता है. विश्व के साथ भारत में भी बहुत उत्साह से विविध कार्यक्रमोंका आयोजन होता है. सभा समितियों … Read more

वर्ष 2021 : असम में नए राजनीतिक युग का आगाज़

वर्ष 2021 : असम में नए राजनीतिक युग का आगाज़ गुवाहाटी, 31 दिसंबर (श्रीप्रकाश)। वैसे तो बीते वर्ष 2021 को कोरोना महामारी की चपेट में छटपटाता हुआ वर्ष कहा जा सकता है। लेकिन, इस वर्ष का सकारात्मक पहलू असम के परिपेक्ष में कुछ अलग है। यहां इस वर्ष एक नए राजनीतिक युग का आगाज हुआ … Read more

मतांतरित जनजाति वर्ग को अनुसूचित जनजातियों की सूची से बाहर किया जाए- विहिप

भारत में हिंदू समाज हमेशा से अपनी सुविधा, आवश्यकता व परंपरा के अनुसार नगरों, ग्रामों या वनों में रहता रहा है। भारत की आध्यात्मिक परंपरा के अनुसार सबकी आराधना पद्धति में विविधता रही है परंतु इनमें अंतर्निहित एकता हमेशा से रही है। ज्ञान पर किसी का एकाधिकार नहीं रहा। इसलिए वनों में रहने वालों द्वारा … Read more

काशी यात्रा- ‘कौन सो संकट’ – डाक्टर श्रीधर द्विवेदी

बनारस मेरी बहुत बड़ी दुर्बलता है। मेरा श्रेय – प्रेय , पथ – पाथेय बहुत कुछ है। वहां जाने का कोई भी अवसर मिले और मैं न पहुंचू यह सामान्यतया संभव नहीं। कोरोना महामारी ने अलबत्ता इस मोह पर विराट विराम लगा दिया था। अब जब कोरोना का प्रकोप थमता नजर आ रहा है और … Read more

सज्जन रे झूठ मत बोलो ,खुदा के पास जाना है ( लेख)

वास्तव में पुराने फिल्मी गाने पटकथा तथा विषय पर आधारित होते थे जिसका अर्थ सपष्ट होता था,, सज्जन रे झूठ मत बोलो खुदा के पास जाना है लेकिन खुदा के पास जाने का अर्थ यह नहीं है कि स्वर्ग में ही जाना है वो तो उसके कर्म पर निर्भर है.इस का अर्थ है कि मरना … Read more

-श्रद्धांजलि- समाजसेवी शिक्षक की दिल दहला देने वाली एक कॉल

रत्नज्योति दत्ता बीते नवंबर महीने को लगभग चौंतीस माह पहले सिलचर से आई एक टेलीफोन कॉल याद आयी। टेलिफोन के दूसरे छोर से सज्जन ने बताया कि उन्हें मेरे पिता और असम के जानेमाने सामाजिक कार्यकर्ता राधापद दत्त के निधन के बारे में उत्तर पूर्व के एक लोकप्रिय दैनिक समाचारपत्र के माध्यम से पता चला … Read more

उम्र तेरी बिती जाती है तुने ना लिया प्रभू का नाम ( लेख)

एक बहुत ही पुराना भजन है कि ,उम्र तेरी बिति जाती है तुने ना लिया प्रभू का नाम,,  वास्तव में पुराने गायक लेखक संदेश दिया करते थे कि अमूल्य जीवन का बचपन जवानी एवं बुढापे में अपनी पढाई ग्रहस्थ जीवन जीने के बाद दायित्व से मुक्त होकर ईश्वर भक्ति में मन लगाना चाहिए लेकिन सच … Read more