दुबई तो छोटा-मोटा भारत ही है

डॉ. वेदप्रताप वैदिक परसों शाम जब हम लोग दुबई पहुंचे तो हमने इस बार वह दुबई देखा, जो पहले कभी नहीं देखा। यह कोराना महामारी का कमाल था। यों तो मैं दर्जनों बार दुबई-अबू धाबी आ चुका हूं लेकिन कोरोना का प्रकोप दुबई जैसे राज्य का ऐसा नया रुप ढाल देगा, ऐसी उम्मीद नहीं थी। … Read more

श्रद्धांजलि – एक सच्चे इंसान थे हमारे पिताजी

2 नवंबर 2021 को भोर में 2.15 पर रांची के रिम्स हॉस्पिटल में हमारे पिता श्रद्धेय आत्मा प्रसाद जी का स्वर्गवास हो गया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के गड़वार के निकट छोटा मनियर में स्वर्गीय बैजनाथ प्रसाद और स्वर्गीय इंद्रासनी देवी के घर सन 1940 में उनका जन्म हुआ था। अल्पायु में ही दादा … Read more

वरूण दास गुप्ता – उसूलों के साथ समझौता न करने वाले आदर्शवादी पत्रकार – रत्नज्योति दत्ता

जाने-माने पत्रकार वरुण दास गुप्ता का कोलकाता में हाल ही में हुए निधन के समाचार ने एक बार फिर हमें बिलुप्त होती आदर्शवादी  पत्रकारों की याद दिलाता है जो अपने उसूलों के साथ कभी समझौता नहीं किए । पत्रकारिता के क्षेत्र में वह बिना किसी औपचारिक शिक्षा के ही कूद पड़े थे । इसके बाद सफलता … Read more

सदिया में धोखा हुआ, हिन्दीभाषियों के साथ 

अपने देश में एक पुरानी कहावत प्रचलित है , खरबुजा चाकू पर गिरे या चाकू खरबुजे पर हर हाल में कटना तो खरबुज को ही हैं । यह कहावत असम के हिन्दीभाषियों पर सटीक चरितार्थ होती है । असम में चाहे किसी भी दल या पार्टी की सरकार बने भुक्तभोगी हिन्दीभाषी ही होते है । … Read more

न्यू इंडिया के स्वप्नदृष्टा थे नेताजी सुभाष चंद्र बोस : प्रो. संजय द्विवेदी

”आज जिस मॉर्डन इंडिया को हम देख पा रहे हैं, उसका सपना नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने बहुत पहले देखा था। भारत के लिए उनका जो विजन था, वो अपने समय से बहुत आगे का था।” यह विचार भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने बुधवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रौद्योगिकी … Read more

कितना बदल गया संस्कार

किसी समय में सेम का पौधा घर की सुरक्षा में लगी घास फूस की टटिया पर फैल कर रसोई की महीने 2 महीने का इंतजाम कर देता था! और कभी छप्पर (खपरैल) की छत पर फैली लौकी कद्दू की बेले मिलकर महीने 2 महीने सब्जी का खर्च निकाल देती थी!  खलियान में फैली कद्दू की … Read more

उतरन का व्यापार

सीधे पल्ले की साड़ी पहने,माथे पर बर्तनों की झल्ली (टोकरी) और बगल में कपड़े की गठरी लिए अक्सर गुवाहाटी की गलियों में आपको तीखे नाक-नक्श की महिलाएं दिखेंगी।तपती धूप हो,कड़कड़ाती ठंड या मॉनसून का मौसम हर मौसम में ये गुजराती महिलाएं अपने रोजमर्रा के व्यापार के लिए गुवाहाटी के घर घर जा कर मध्यम वर्ग … Read more

स्वच्छ भारत’ से होगा ‘स्वस्थ भारत’ का निर्माण

– प्रो. संजय द्विवेदी, महानिदेशक, भारतीय जन संचार संस्थान, नई दिल्ली ‘स्वच्छ भारत अभियान’ को जन आंदोलन बनाने में भारत के प्रत्येक व्यक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। समाज और राष्ट्र के निर्माण में स्वच्छता की बुनियादी भूमिका के बारे में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों को भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने … Read more

तपोनिष्‍ठ स्‍वयंसेवक अमीरचंद : जिन्‍होंने पूर्वोत्‍तर भारत की कलासंस्‍कृति से उत्‍तर को कराया परिचित -डॉ. मयंक चतुर्वेदी  

अरुणाचल प्रदेश के इटानगर से खबर आई कि ‘संस्कार भारती’ के अखिल भारतीय महामंत्री अमीरचंद का निधन हो गया है। समाचार सुनने के बाद से जैसे लगा भारत ने संवेदनशील भारतीय कला, साहित्‍य और दर्शन के लिए समर्प‍ित एक व्‍यक्‍ति नहीं खोया बल्‍कि पूर्व की कलाओं को लेकर उत्‍तर, पश्‍चिम और दक्षिण के बीच त्रिकोणीय … Read more

महाराजा अग्रसेन के सिद्धांतों का अनुसरण करने से ही समाजवाद लाना संभव ( लेख)

भारत जैसे महादेश में अनेक दानवीर सम्राट एवं राजा हुए हैं लेकिन द्वापर के अंतिम चरण तथा कलयुग के आगमन के समय में राजा बल्लभ एवं माँ भगवती के जेष्ठ पुत्र के रुप में महाराजा अग्रसेन महाराज ने जन्म लिया तथा समाजवादी महाराजा ने 108 साल राज्य किया. नागवंश की कन्या माधवी तथा सुंदरावती से … Read more