सोनाबाड़ीघाट में मानसिक और स्नायविक रोगों के लिए चिकित्सा शिविर का आयोजन

डॉ. प्रसेंजित घोष ने कहा — इलाज से ठीक हो सकते हैं मानसिक रोगी, लेकिन ज़रूरत है धैर्य और जागरूकता की सोनाबाड़ीघाट, बराक घाटी: महिला ड्राइविंग स्कूल ‘इकरा’ और ‘राज ड्राइविंग स्कूल’ की पहल पर, पंकज घोष फाउंडेशन के प्रबंधन में सोनाबाड़ीघाट में एक दिवसीय मानसिक एवं स्नायविक रोग चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर … Read more

नूर इस्लाम बड़भुइयां ने शिलचर जिला परिषद क्षेत्र के सभी जनता का जताया आभार

शांतिपूर्ण मतदान प्रक्रिया के लिए जनता को धन्यवाद शिलचर, 05 मई: शिलचर जिला परिषद के 17 नंबर सीट से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उम्मीदवार नूर इस्लाम बड़भुइयां ने शनिवार रात रामनगर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शिलचर जिला परिषद क्षेत्र की समस्त जनता का हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि हाल ही … Read more

नीलमणि रोड, श्रीभूमि में प्रेम के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप, गर्भवती युवती समेत युवक हिरासत में

श्रीभूमि जिले के नीलमणि रोड से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ प्रेम संबंध की आड़ में धोखाधड़ी का आरोप लगा है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हाल ही में एक युवक एक गर्भवती हिंदू युवती को लेकर स्त्री रोग विशेषज्ञ के क्लिनिक में इलाज कराने पहुँचा था। क्लिनिक पर उनके व्यवहार को देखकर आसपास … Read more

बेहाल कालाइन-शिलचर सड़क पर फूटा जनाक्रोश, व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने किया सड़क जाम

कालाइन बाजार, काठी घोड़ा, 5 मई: ब्रह्मपुत्र घाटी के व्यस्ततम इलाकों में से एक कालाइन बाजार की सड़क की जर्जर स्थिति को लेकर सोमवार सुबह से ही क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। हल्की बारिश में सड़कों पर जलजमाव और कीचड़, वहीं धूप में धूल-धक्कड़ से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो जाता है। इसी परेशानी … Read more

श्रीभूमि में महिला पुलिसकर्मी की रहस्यमय मौत

श्रीभूमि थाने में तैनात एक महिला कॉन्स्टेबल की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक महिला कॉन्स्टेबल का नाम रानी बरा था, जो लंबे समय से श्रीभूमि थाने के सीमा शाखा में अपनी सेवा दे रही थीं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पंचायत चुनाव की ड्यूटी पूरी कर रानी रात के समय शहर के एक किराए … Read more

ओवैसी ने पाकिस्तान पर साधा निशाना, कहा- वह बेशर्म देश, अब समझाने का नहीं, सबक सिखाने का समय है

पटना. सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार में एक चुनावी रैली में पाकिस्तान पर तीखी टिप्पणियां कीं. उन्होंने पड़ोसी देश को बेशर्म और असफल करार देते हुए कहा कि उसकी हरकतों को अब नकारा नहीं जा सकता. ओवैसी ने कहा, पाकिस्तान को बार-बार समझाने का समय खत्म हो गया है. अब उसे मुंहतोड़ जवाब देकर सबक सिखाना … Read more

न्यूज पोर्टल बलूचिस्तान टाइम्स और बलूचिस्तान पोस्ट का एक्स अकाउंट भारत में बैन

नई दिल्ली. भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने एक और सख्त कदम उठाते हुए दो न्यूज पोर्टल्स बलूचिस्तान टाइम्स और बलूचिस्तान पोस्ट के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स हैंडल पर भारत में प्रतिबंध लगा दिया है. यह कार्रवाई कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से … Read more

दुमदुमा में परशुराम रेणुका मातृ समिति का त्रयोदशी वार्षिक महोत्सव एवं श्री परशुराम जन्म जयंती हर्षोल्लास मनाया गया।

दुमदुमा प्रेरणा भारती  4 मई :– दुमदुमा में मारवाड़ी परशुराम रेणुका मातृ समिति के सौजन्य से आज भगवान श्री परशुराम जन्म जयंती के साथ समिति अपना तेरहवां वार्षिक महोत्सव मनाया गया। वैसे तो भगवान परशुराम जी की जन्म जयंती अक्षय तृतीया के दिन मनाई जाती है लेकिन दुमदुमा मारवाड़ी परशुराम रेणुका मातृ समिति अपने वार्षिक … Read more

वैश्विक संस्थाओं के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन सम्पन्न

पन्ना (मध्य प्रदेश)। हिंदी साहित्य के वैश्विक विस्तार के उद्देश्य से मध्य प्रदेश के पन्ना नगर में एक ऐतिहासिक आयोजन संपन्न हुआ। त्रिपुरा विश्वविद्यालय के साहित्य संकाय द्वारा न्यू मीडिया सृजन संसार ग्लोबल फाउंडेशन, अदम्य ग्लोबल फाउंडेशन, आशा पारस फॉर पीस एंड हार्मनी फाउंडेशन, सृजन ऑस्ट्रेलिया, सृजन मॉरीशस, सृजन मलेशिया तथा मधुराक्षर जैसी प्रतिष्ठित पत्रिकाओं के संयुक्त सहयोग से 4 मई 2025 को पन्ना में पहली बार अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। इस आयोजन में देश-विदेश से अनेक साहित्यकारों ने भौतिक और वर्चुअल माध्यम से भागीदारी निभाई। कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय समयानुसार दोपहर 12:00 बजे हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्रॉउस (भीम राव अंबेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय) महु, इंदौर की पूर्व कुलपति प्रो. आशा शुक्ला ने की, जिन्होंने अपने उद्घाटन भाषण में हिंदी के वैश्विक प्रसार के लिए ऐसे आयोजनों की महत्ता पर बल दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि त्रिपुरा केंद्रीय विश्वविद्यालय के साहित्य संकाय के अधिष्ठाता प्रो. विनोद कुमार मिश्र  रहे, जिन्होंने हिंदी कविता की समृद्ध परंपरा और समकालीन संभावनाओं पर प्रभावी विचार व्यक्त किए। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. हरीश अरोड़ा  (दिल्ली विश्वविद्यालय) ने भी हिंदी साहित्य की समकालीन चुनौतियों और अवसरों पर सारगर्भित वक्तव्य दिए। अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन की मुख्य विशेषता विश्व के विभिन्न देशों से आमंत्रित साहित्यकारों की भागीदारी रही। इस अवसर पर मलेशिया से डॉ. रश्मि चौबे, अमेरिका से श्री अरुण नामदेव, मॉरीशस से श्रीमती कल्पना लालजी और डॉ. शशि दूकन, पन्ना के लक्ष्मीनारायण चिरोलया ‘चिंतक’, रघुवीर तिवारी, और पीयूष मिश्रा, गुरुग्राम हरियाणा से मनोरंजन तिवारी, नेपाल से प्रिया मिश्र, दामोह से डॉ. प्रेमलता ‘नीलम’ विशेष रूप से उल्लेखनीय रहे। उनकी रचनाओं ने स्थानीयता और वैश्विकता के सुंदर समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संयोजन अत्यंत कुशलतापूर्वक किया गया। सह–संयोजक के रूप में जयदीप सिंह सरस ‘गोंडवी’ (गोण्डा) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, वहीं डॉ. सुरेश श्रीवास्तव ‘सौरभ’ (पन्ना) ने अपने प्रभावशाली मंच संचालन से कार्यक्रम में निरंतर ऊर्जा और सजीवता बनाए रखी। आयोजन की सूत्रधार रहीं पूनम चतुर्वेदी शुक्ला, संस्थापक-निदेशक, न्यू मीडिया सृजन संसार ग्लोबल फाउंडेशन एवं अदम्य ग्लोबल फाउंडेशन, जिनके सशक्त नेतृत्व और परिश्रम से यह आयोजन अपनी पूर्णता तक पहुँच सका। मजदूर दिवस के अवसर पर आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन के दौरान विभिन्न रचनाकारों ने जीवन, प्रेम, प्रकृति, शांति और वैश्विक मानवीय मूल्यों जैसे विषयों पर अपनी भावपूर्ण कविताओं का पाठ किया। उनकी रचनाओं में जहाँ एक ओर अपनी जड़ों से जुड़ाव का भाव था, वहीं दूसरी ओर वैश्विक चेतना की सशक्त अभिव्यक्ति भी दिखाई दी। इस अवसर पर वक्ताओं ने हिंदी कविता के निरंतर फैलते वैश्विक प्रभाव पर चर्चा करते हुए कहा कि आज हिंदी भाषा न केवल भारत में, बल्कि विश्व के विभिन्न देशों में साहित्यिक संवाद का एक सशक्त माध्यम बनती जा रही है। ऐसे आयोजनों से हिंदी कविता को अंतरराष्ट्रीय मंच मिलता है और रचनाकारों के बीच एक जीवंत संवाद स्थापित होता है। कार्यक्रम के अंत में संयोजक पूनम चतुर्वेदी शुक्ला ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, श्रोताओं और सहायक संस्थाओं का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने भविष्य में भी हिंदी साहित्य को वैश्विक मंचों पर ले जाने के लिए ऐसे और आयोजनों की निरंतरता की आवश्यकता पर बल दिया। पन्ना जैसे ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक नगर में आयोजित यह प्रथम अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन न केवल एक साहित्यिक उपलब्धि रहा, बल्कि हिंदी साहित्य के वैश्विक भविष्य की ओर बढ़ते कदम का भी सशक्त प्रमाण बना। आयोजन ने साबित किया कि सीमाओं से परे हिंदी कविता का स्वर आज भी उतना ही गूंज रहा है, जितना भारतीय आत्मा में गूंजता रहा है।

उत्तर भारत में बदला मौसम का मिजाज, कई राज्यों में बारिश-आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट जारी

नई दिल्ली, 4 मई: दिल्ली-एनसीआर समेत समूचे उत्तर भारत में मौसम ने करवट ले ली है। बीते दिनों राजधानी दिल्ली और आस-पास के इलाकों में झमाझम बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं, जिससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। रविवार को भी आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही, हालांकि कुछ समय के लिए धूप … Read more