दुमदुमा प्रेरणा भारती 4 मई :– दुमदुमा में मारवाड़ी परशुराम रेणुका मातृ समिति के सौजन्य से आज भगवान श्री परशुराम जन्म जयंती के साथ समिति अपना तेरहवां वार्षिक महोत्सव मनाया गया। वैसे तो भगवान परशुराम जी की जन्म जयंती अक्षय तृतीया के दिन मनाई जाती है लेकिन दुमदुमा मारवाड़ी परशुराम रेणुका मातृ समिति अपने वार्षिक महोत्सव पर यह जयंती मनाई । प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी जगत के पालनहार भगवान परशुराम जी की पावन जन्म जयंती सहित मारवाड़ी परशुराम रेणुका मातृ समिति का वार्षिक महोत्सव का भव्य आयोजन नगर के मारवाड़ी पंचायती भवन में एक दिवसीय विभिन्न कार्यक्रमों के साथ पालन किया गया । इस कार्यक्रम के लिए भवन को सजाकर भगवान परशुराम जी का भव्य दरबार सजाया गया । आज अपराह्न 3 बजे पंडित चिरंजीलाल सुरोलिया के आचार्यत्व में यजमान राजीव शर्मा ने सपत्नीक भगवान परशुराम जी की पूजा कराई तत्पश्चात ज्योत ली गई । दुमदुमा की मारवाड़ी परशुराम रेणुका मातृ समिति द्वारा रामायण मनका पाठ किया गया। अपराह्न 4 बजे से तिनसुकिया रेणुका मातृ समिति द्वारा भजन कीर्तन किया गया । इसके बाद आचार्य बालकृष्ण शास्त्री के मुखारविंद से भगवान परशुराम जी की जीवनी पर विस्तार से व्याख्यान किया । संध्या 7.30 बजे से डिब्रुगढ़ से आमंत्रित कलाकार अमित सेठी एवं नारायण माहेश्वरी द्वारा भजनों की अमृत धारा बहाई गई । इस दौरान भगवान परशुराम जी की सजीव झांकी प्रस्तुत किया गया व भगवान का खजाना लुटाने के साथ ही छप्पन भोग लगाया गया । भजनों के पश्चात आरती की गई। इस दौरान अमृत भंण्डारे का आयोजन किया गया जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया । इस कार्यक्रम में दुमदुमा अंचल के अलावा तालाप , काकोपथार , तिनसुकिया , बरडुबी चार आली , रूपाई साइडिंग , हांहचरा , आदि स्थानों के विप्र समाजबंधुओं ने भगवान परशुराम जी की पूजा अर्चना की । समिति की अध्यक्षा बिमलेश सुरोलिया , सचिव बिमला शर्मा व कोषाध्यक्ष उमा देवी शर्मा ने उक्त पावन अवसर पर उपस्थित होकर भगवान परशुराम के श्रीचरणों में नमन कर अक्षय पुण्य के भागी बनने व समारोह को साफल्य मण्डित करने के लिए धन्यवाद देकर आभार व्यक्त किया है ।