डॉ. प्रसेंजित घोष ने कहा — इलाज से ठीक हो सकते हैं मानसिक रोगी, लेकिन ज़रूरत है धैर्य और जागरूकता की
सोनाबाड़ीघाट, बराक घाटी: महिला ड्राइविंग स्कूल ‘इकरा’ और ‘राज ड्राइविंग स्कूल’ की पहल पर, पंकज घोष फाउंडेशन के प्रबंधन में सोनाबाड़ीघाट में एक दिवसीय मानसिक एवं स्नायविक रोग चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर रविवार को इकरा ड्राइविंग स्कूल परिसर में आयोजित हुआ, जहाँ सैकड़ों रोगियों ने मुफ्त परामर्श और इलाज का लाभ उठाया। शिविर में मुख्य चिकित्सक के रूप में डॉ. प्रसेंजित घोष उपस्थित थे।
शिविर की शुरुआत एक जागरूकता संगोष्ठी से हुई, जिसकी अध्यक्षता क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिक और पूर्व प्राचार्य अइनुल हक मज़ूमदार ने की। इस अवसर पर डॉ. प्रसेंजित घोष ने सहज भाषा में मानसिक रोगों के कारण, प्रभाव और चिकित्सा के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा, “चिकित्सा विज्ञान की मदद से मानसिक रोगियों को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए धैर्य और पूर्ण इलाज आवश्यक है।”
डॉ. घोष ने चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि “देश में 85% मानसिक रोगियों का कोई इलाज नहीं होता, क्योंकि लोग अभी भी झाड़-फूंक या तंत्र-मंत्र जैसे अंधविश्वास का सहारा लेते हैं।” उन्होंने बताया कि जो 15% मरीज इलाज कराते भी हैं, उनमें से कई थोड़ी सुधार के बाद इलाज अधूरा छोड़ देते हैं, जिससे कुछ समय बाद फिर से रोग उभर आता है।
उन्होंने सभी से इलाज की निरंतरता बनाए रखने और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सामाजिक जागरूकता फैलाने की अपील की। पंकज घोष फाउंडेशन हर महीने बराक घाटी के विभिन्न क्षेत्रों में इसी प्रकार के जागरूकता शिविरों का आयोजन कर रहा है।
फाउंडेशन की स्थापना 2023 में डॉ. घोष ने अपने दिवंगत पिता, वरिष्ठ अधिवक्ता पंकज घोष की स्मृति में की, जो लगातार 15 वर्षों तक हाइलाकांदी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे और कई सामाजिक संस्थाओं से जुड़े रहे।
इस मौके पर मनजूर अहमद मज़ूमदार, अशरफ हुसैन मज़ूमदार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे। स्थानीय लोगों ने इस शिविर की सराहना करते हुए इसे एक सराहनीय पहल बताया, जो मानसिक स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषय पर समाज को जागरूक करने में सहायक सिद्ध होगी।