वन्यजीव संरक्षण और मानवीय मूल्यों को शर्मसार करने वाली एक अत्यंत दुखद और निंदनीय घटना लखीमपुर जिले में सामने आई है। जिले के घुनासूती पुलिस चौकी के अंतर्गत बामूनीजान क्षेत्र में बाढ़ के पानी में बहकर आए एक हिरण को बचाने और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के बजाय उसकी बेरहमी से हत्या कर उसका मांस खाने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रसेंजीत तायद और नंदेश्वरी मिली के रूप में हुई है।
बाढ़ से बचाया, फिर कर दी बेरहमी से हत्या
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण जिले की नदियों का जलस्तर काफी बढ़ गया था। सुबनसिरी नदी की तेज धारा में बहकर आया एक असहाय जंगली हिरण किसी तरह जान बचाते हुए बामूनीजान क्षेत्र तक पहुंच गया। स्थानीय लोगों के एक समूह ने उसे जीवित नदी से बाहर निकाला।
लेकिन उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने या वन विभाग को सौंपने के बजाय कुछ लोगों ने अत्यंत अमानवीय व्यवहार करते हुए हिरण की हत्या कर दी। आरोप है कि हत्या के बाद उसके मांस को आपस में बांटकर खाया गया।
घटना की जानकारी सामने आते ही स्थानीय जागरूक नागरिकों और प्रकृति प्रेमी संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया। लोगों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस और वन विभाग को दी।
सूचना मिलते ही लखीमपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हिरण की हत्या और उसका मांस खाने के आरोप में प्रसेंजीत तायद और नंदेश्वरी मिली को गिरफ्तार कर लिया।
वर्तमान में पुलिस और वन विभाग संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रहे हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस घटना में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं। जिले के विभिन्न सामाजिक संगठनों ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है।