कालाइन में पलटे ट्रक ने खोली कथित कोयला सिंडिकेट की परतें, बिना बीमा और ओवरलोड वाहनों पर उठे सवाल

शिलचर। बराक घाटी में कथित कोयला सिंडिकेट की गतिविधियों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सोमवार सुबह कालाइन चाय बागान क्षेत्र में NL-01 AF-4580 नंबर का 16-चक्का कोयला लदा एक ओवरलोड ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन दुर्घटना के बाद कई अहम तथ्य सामने आने का दावा किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त ट्रक का बीमा वर्ष 2025 में ही समाप्त हो चुका था। ऐसे में बिना वैध बीमा के वाहन का सड़क पर चलना गंभीर चिंता का विषय है। यदि दुर्घटना में किसी राहगीर या स्थानीय निवासी की जान चली जाती, तो मुआवजे और कानूनी जिम्मेदारी को लेकर गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती थी।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि लगभग 80 टन कोयला लदा यह ओवरलोड ट्रक संकरी ग्रामीण सड़क से होकर कालाइन चाय बागान क्षेत्र में प्रवेश कर गया, जिससे हाल ही में निर्मित कालाइन बाजार–कालाइन चाय बागान सीसी ब्लॉक सड़क के क्षतिग्रस्त होने की आशंका बढ़ गई है।

बताया जा रहा है कि घुमरा पुल बंद रहने के कारण ट्रक बड़ाखला टोल गेट के रास्ते बराक घाटी में दाखिल हुआ। जबकि बड़ाखला–कालाइन सड़क की खराब स्थिति को देखते हुए इस मार्ग पर 20 टन से अधिक भार वाले वाहनों के आवागमन पर सरकारी प्रतिबंध लागू है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि विभिन्न चेकपोस्ट और निगरानी व्यवस्था के बावजूद यह ओवरलोड वाहन वहां तक कैसे पहुंच गया।

स्थानीय सूत्रों का दावा है कि कथित सिंडिकेट की मिलीभगत और अवैध लेन-देन के कारण ऐसे वाहन बराक घाटी में प्रवेश कर रहे हैं। कुछ लोगों ने एक प्रभावशाली मंत्री की संलिप्तता के भी आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ओवरलोड मालवाहक ट्रकों के लगातार संचालन से बराक घाटी की राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति पहले ही खराब हो चुकी है और अब ग्रामीण सड़कें भी इसकी चपेट में आ रही हैं। कालाइन बाजार से कालाइन चाय बागान तक की सड़क विधायक कमलाक्ष्य डे पुरकायस्थ की पहल पर निर्मित हुई थी, जिससे क्षेत्रवासियों को लंबे समय बाद बेहतर संपर्क सुविधा मिली थी। लोगों को आशंका है कि यदि इसी मार्ग का उपयोग भारी ओवरलोड वाहनों के लिए जारी रहा, तो यह सड़क भी शीघ्र ही क्षतिग्रस्त हो जाएगी।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, ओवरलोड वाहनों के आवागमन पर प्रभावी रोक लगाने तथा यदि किसी प्रकार की अवैध गतिविधि सामने आती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

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