हाइलाकांदी में बाल श्रम विरोधी अभियान के दौरान १० बाल श्रमिकों का उद्धार, श्रम विभाग का सख्त संदेश

प्रीतम दास हाइलाकांदी, 17 जून:

बाल श्रम उन्मूलन की दिशा में हाइलाकांदी जिला प्रशासन ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिला श्रम एवं श्रमिक कल्याण विभाग द्वारा मंगलवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान १० बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया। जिला टास्क फोर्स समिति की निगरानी तथा चाइल्ड हेल्पलाइन हाइलाकांदी के सहयोग से संचालित इस अभियान ने बाल श्रम के विरुद्ध प्रशासन के कठोर रुख को स्पष्ट कर दिया है।जिला श्रम एवं श्रमिक कल्याण विभाग के निरीक्षक भारत सानोवाल के नेतृत्व में एकादश शहीद सरणी सिराजपट्टी बेसिक चौरंगी तथा नारायणपुर तीन दुकान सहित विभिन्न क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान विभिन्न दुकानों और प्रतिष्ठानों में कार्यरत १० बच्चों को श्रम करते हुए पाया गया और उन्हें मुक्त कराया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार इन बच्चों की आयु १२ से १७ वर्ष के बीच है।जांच में पता चला कि अधिकांश बच्चे बर्तन की दुकानों गैरेजों होटलों चाय की दुकानों तथा किराना दुकानों में कार्यरत थे। उद्धार के बाद सभी बच्चों को जिला बाल संरक्षण इकाई के अंतर्गत बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के कार्यालय में ले जाया गया, जहां उनके बयान दर्ज किए गए। बच्चों ने संबंधित प्रतिष्ठानों में श्रमिक के रूप में कार्य करने की बात स्वीकार की। इसके पश्चात उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया।उद्धार किए गए बच्चों में एक सिलचर के दूधपाटिल क्षेत्र का निवासी है जबकि दूसरा श्रीभूमि जिले के शनबिल कालीबाड़ी क्षेत्र का रहने वाला है। शेष आठ बच्चे हाइलाकांदी शहर एवं उसके आसपास के क्षेत्रों के निवासी बताए गए हैं। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दो बच्चों को उनके अभिभावकों की अभिरक्षा में सौंप दिया गया जबकि अन्य आठ बच्चों को हाइलाकांदी बॉयज़ चिल्ड्रेन होम भेज दिया गया।इस संबंध में निरीक्षक भारत सानोवाल ने कहा कि १८ वर्ष से कम आयु के बच्चों और किशोरों को श्रम में लगाना कानूनन दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद कई स्थानों पर बच्चों को विभिन्न कार्यों में नियोजित किया जा रहा है जो अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि बाल श्रम के विरुद्ध इस प्रकार के अभियान भविष्य में भी नियमित रूप से जारी रहेंगे।बच्चों का सुरक्षित बचपन सुनिश्चित करने तथा हाइलाकांदी को पूर्णत बाल श्रम मुक्त जिला बनाने की दिशा में प्रशासन की यह पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी ऐसा संबंधित लोगों का मानना है। 

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