नृत्यांगन रत्न रक्तिम दास की स्मृति में सृजनात्मक सांस्कृतिक संध्या आयोजित

शिलचर, 17 जून। प्रख्यात नृत्य कलाकार स्वर्गीय रक्तिम दास की स्मृति को समर्पित एक विशेष सांस्कृतिक संध्या का आयोजन मंगलवार शाम शिलचर संगीत विद्यालय में किया गया। रक्तिम दास द्वारा स्थापित संस्था ‘सृष्टि परम संस्था’ और उनके परिवार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में संगीत, नृत्य और भावपूर्ण स्मृतिचर्चा के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। उपस्थित अतिथियों एवं कलाकारों ने रক্তिम दास के व्यक्तित्व, कला-साधना और सांस्कृतिक योगदान को याद करते हुए अपने विचार व्यक्त किए।

उद्घाटन सत्र में कछार जिले के सांस्कृतिक अधिकारी स्नेहांशु शेखर राय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने रक्तिम दास की स्मृति को नमन करते हुए संस्था की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर सायंतनी पाल, प्रो. रूपराज भट्टाचार्य, चंदन मजूमदार, मधुमिता भट्टाचार्य, दीपंकर घोष, सत्यजीत बसु, कलाकार-संगठक भास्कर दास, सांस्कृतिक व्यक्तित्व जयदीप चक्रवर्ती, शतदल आचार्य तथा दोलनचांपा पाल दास सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत शिलचर संगीत विद्यालय के समूहगान से हुई। इसके बाद नृत्यांजलि अकादमी, नृत्यायन, गौड़ीय नृत्यकला भारती, दूध पातिल नृत्य अकादमी तथा शिलचर संगीत विद्यालय के कलाकारों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

रवीन्द्र संगीत की सुप्रसिद्ध गायिका सुदीप्ता भट्टाचार्य ने एकल गायन प्रस्तुत किया। वाद्य संगीत में विश्वजीत देव और शंकु ने संगत दी। कार्यक्रम के अंत में नाट्यकर्मी शांतनु पाल ने परिवार की ओर से धन्यवाद ज्ञापित किया।

पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन कलाकार-संगठक भास्कर दास ने किया। समापन पर सृष्टि परम संस्था की ओर से उपस्थित सभी अतिथियों एवं कलाकारों को रक्तिम दास की स्मृति में विशेष स्मृति-चिह्न भेंट किए गए।

संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य रक्तिम दास की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना तथा नई पीढ़ी के कलाकारों को प्रेरित करना है। कार्यक्रम में उपस्थित कलाकारों और दर्शकों ने भावुक वातावरण में रक्तिम दास की कलात्मक प्रतिभा और मानवीय गुणों को श्रद्धापूर्वक याद किया।

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