सात साल बाद भी नहीं सुलझी फोटो पत्रकार मलिन शर्मा की रहस्यमयी मौत, जाफा ने एसएसपी से की निष्पक्ष जांच की मांग

शिलचर, 29 जुलाई। वर्ष 2019 में 28 जुलाई को तारापुर क्षेत्र में एक रहस्यमयी सड़क दुर्घटना में शिलचर के सुप्रसिद्ध फोटो पत्रकार मलिन शर्मा की मौत हो गई थी। लेकिन घटना के सात वर्ष बीत जाने के बाद भी पुलिस न तो दुर्घटना के जिम्मेदार वाहन का पता लगा सकी है और न ही पीड़ित परिवार को यह जानकारी है कि इस मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज की गई थी या नहीं। यहां तक कि जिस स्कूटी पर सवार होकर मलिन शर्मा चल रहे थे, उसका भी आज तक कोई पता नहीं चल पाया है।

इन्हीं मुद्दों को लेकर मंगलवार को जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन फॉर असम (JAFA) की कछार जिला समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने कछार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को एक ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि मलिन शर्मा ने अपने जीवनकाल में मेहरपुर बोटेरतल निवासी कानुलाल देव के पुत्र शेखर देव से 2 कट्ठा 8 छटाक भूमि खरीदने के लिए ₹3 लाख अग्रिम राशि का भुगतान किया था। यह राशि भारतीय स्टेट बैंक की बाजार शाखा के खाते से चेक के माध्यम से दी गई थी। हालांकि, मलिन शर्मा के निधन के बाद शेखर देव ने चार किश्तों में केवल ₹1.32 लाख ही वापस किए, जबकि शेष राशि पिछले सात वर्षों से अब तक वापस नहीं की गई है।

इसके अतिरिक्त, मलिन शर्मा ने कुछ परिचितों के साथ मिलकर कंचनपुर में एक बीघा भूमि भी खरीदी थी। आरोप है कि उनकी पत्नी और बेटी को आज तक उस भूमि की रजिस्ट्री (दस्तावेज) नहीं मिली है और न ही जमीन का कब्जा प्राप्त हुआ है।

ज्ञापन में यह भी बताया गया कि मलिन शर्मा की पत्नी सीमा शर्मा और पुत्री मीनाक्षी शर्मा वर्तमान में गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रही हैं। सीमा शर्मा स्वयं भी अस्वस्थ हैं और परिवार को विभिन्न कानूनी एवं आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

एसएसपी की अनुपस्थिति में प्रतिनिधिमंडल ने सदर डीएसपी से विस्तृत चर्चा की। डीएसपी ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

प्रतिनिधिमंडल में जाफा कछार जिला समिति के सलाहकार सुजीत चंद, अध्यक्ष सुबीर दत्ता, कार्यकारी अध्यक्ष मिलन उद्दीन लस्कर, सचिव मंजूर अहमद बड़भूइयां, कार्यकारी सदस्य विश्वजीत दत्ता सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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