गौतम सरकार, रामकृष्णनगर, 31 अक्टूबर: लंबे इंतजार के बाद आखिरकार पल्लीश्री हाईस्कूल की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में शनिवार को तीन दिवसीय स्वर्ण जयंती समारोह का भव्य शुभारंभ हुआ।
समारोह के पहले दिन सुबह स्कूल के छात्र-छात्राओं, प्रधानाध्यापक, शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसके बाद विद्यालय परिसर में स्कूल का ध्वजारोहण किया गया। विद्यालय के भूमि दाताओं, संस्थापकों तथा स्कूल की स्थापना में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्तियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षक नीलम ज्योति दास, विद्यालय के प्रधानाध्यापक शिवशंकर भट्टाचार्य, रामकृष्ण विद्यापीठ हायर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य विश्वजीत नाथ सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने संस्थापकों की स्मृति में श्रद्धासुमन अर्पित किए। जिला विद्यालय निरीक्षक ने फीता काटकर मंच का उद्घाटन किया तथा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इसके बाद विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं स्वर्ण जयंती समारोह आयोजन समिति के अध्यक्ष हिमांशु देवनाथ ने जिला विद्यालय निरीक्षक नीलम ज्योति दास और रामकृष्ण विद्यापीठ के प्राचार्य विश्वजीत नाथ को सम्मान-पत्र एवं उत्तरीय भेंट कर सम्मानित किया।
स्वागत भाषण में विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने कहा कि आज का दिन विद्यालय के इतिहास में गौरवशाली है। 50 वर्षों की लंबी यात्रा पूरी कर यह शिक्षण संस्थान आज स्वर्ण जयंती समारोह मना रहा है। यह उपलब्धि अनगिनत लोगों के सपनों, त्याग, परिश्रम और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
जिला विद्यालय निरीक्षक नीलम ज्योति दास ने कहा कि किसी शिक्षण संस्थान के लिए 50 वर्ष पूरे करना एक बड़ी उपलब्धि है। पल्लीश्री हाईस्कूल के स्वर्ण जयंती समारोह में उपस्थित होकर वह स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों के शिक्षक पूरी निष्ठा से विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हैं, लेकिन अभिभावकों को भी अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय देना चाहिए। उन्हें इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि उनके बच्चे किस प्रकार पढ़ाई कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की अच्छी शैक्षणिक उपलब्धि से विद्यालय, परिवार और पूरा क्षेत्र गौरवान्वित होता है। सांस्कृतिक गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक हैं, लेकिन इसके साथ ही उन्हें अपना व्यक्तित्व विकसित करने और जीवन में एक लक्ष्य निर्धारित कर समाज में अपनी पहचान बनाने की जरूरत है। समाज के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित एवं कार्यरत लोगों को भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करना चाहिए, ताकि वे गलत गतिविधियों से दूर रहकर उच्च शिक्षा प्राप्त करें और समाज के लिए उपयोगी योगदान दे सकें।
रामकृष्ण विद्यापीठ के प्राचार्य विश्वजीत नाथ ने अपने संबोधन में कहा कि आज से 50 वर्ष पहले इस पिछड़े क्षेत्र के कुछ दूरदर्शी लोगों ने यहां एक विद्यालय की आवश्यकता महसूस की थी और अथक परिश्रम से इस शिक्षण संस्थान की नींव रखी थी। आज विद्यालय का भव्य भवन उन लोगों के श्रम और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि किसी विद्यालय की वास्तविक सफलता तभी मानी जाती है, जब यहां से शिक्षा प्राप्त कर विद्यार्थी समाज के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित हों और सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करें।
समारोह के पहले दिन के अंतिम चरण में विद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ आसपास के अन्य विद्यालयों के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। तीन दिवसीय इस आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।