विश्व पर्यावरण दिवस पर हरित क्रांति का संकल्प हाइलाकांदी में १.३०लाख पौधे रोपने का लक्ष्य
प्रीतम दास हाइलाकांदी, ५ जून: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गुरुवार को हाइलाकांदी जिला आयुक्त कार्यालय परिसर में भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन तथा हरित क्षेत्र के विस्तार के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला विकास आयुक्त नरसिंग बे तथा जिला वन अधिकारी अखिल दत्ता उपस्थित रहे। उन्होंने विभिन्न प्रजातियों के फलदार औषधीय एवं वन्य पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और लोगों से अधिकाधिक वृक्ष लगाने के साथ साथ उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।अपने संबोधन में जिला विकास आयुक्त नरसिंग बे ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई और बढ़ता प्रदूषण आज पूरी दुनिया के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं। ऐसे समय में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने तथा भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पृथ्वी सुनिश्चित करने हेतु वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया।जिला वन अधिकारी अखिल दत्ता ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर इस वर्ष पूरे हाइलाकांदी जिले में लगभग १ लाख ३० हजार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों सरकारी कार्यालयों, ग्रामीण क्षेत्रों तथा सार्वजनिक स्थलों पर चरणबद्ध तरीके से वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा।उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं है बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी से ही हरित एवं सतत भविष्य का निर्माण संभव है।वक्ताओं ने विश्व पर्यावरण दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम लोगों में प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वृक्षारोपण न केवल पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में सहायक है बल्कि वायु प्रदूषण को कम करने मिट्टी के कटाव को रोकने तथा जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर हाइलाकांदी को एक हरित स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल जिला बनाने का आह्वान किया।