विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हाइलाकांदी महिला कॉलेज में चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित, तीन दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ
प्रीतम दास हाइलाकांदी, ३१ मई : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण हेतु कार्यरत स्वैच्छिक संस्था “द ग्रीन्स हाइलाकांदी” तथा असम सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के प्रथम दिन रविवार को हाइलाकांदी महिला कॉलेज परिसर में पर्यावरण विषयक भव्य चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
जिले के विभिन्न विद्यालयों के सौ से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रतियोगिता में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, प्रदूषण नियंत्रण तथा प्राकृतिक सौंदर्य जैसे विषयों पर आकर्षक चित्र बनाकर अपनी रचनात्मकता एवं जागरूकता का परिचय दिया।प्रतियोगिता का आयोजन तीन वर्गों में किया गया। पहली से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए विषय “प्राकृतिक दृश्य”, छठी से नौवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए “वृक्षारोपण एवं संरक्षण” तथा दसवीं से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए “पर्यावरण प्रदूषण एवं उसके समाधान” निर्धारित किया गया था।कार्यक्रम में जिला वन अधिकारी अखिल दत्त द ग्रीन्स के अध्यक्ष शदानंद भट्टाचार्य सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण में नई पीढ़ी की सक्रिय भागीदारी पर विशेष बल दिया।शदानंद भट्टाचार्य ने कहा कि विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उन्हें इस दिशा में सक्रिय रूप से जोड़ने के उद्देश्य से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। वहीं जिला वन अधिकारी अखिल दत्त ने पर्यावरण संरक्षण में बच्चों और किशोरों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि बचपन से ही पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित की जाए तो भविष्य में एक हरित एवं सुंदर समाज का निर्माण संभव है।आयोजकों ने बताया कि आगामी ३ जून को हाइलाकांदी के श्री कृष्ण सरदा महाविद्यालय में उच्च माध्यमिक एवं स्नातक स्तर के विद्यार्थियों के लिए पर्यावरण विषयक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके अतिरिक्त ५ जून विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण, पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रमों तथा सांस्कृतिक आयोजनों का भी आयोजन किया जाएगा।आयोजकों के अनुसार पर्यावरण संरक्षण के लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करना तथा नई पीढ़ी में पर्यावरण अनुकूल सोच विकसित करना इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है।