रामकृष्णनगर में रामकृष्ण सेवाश्रम संघ का भक्ति सम्मेलन आयोजित
शनबिल, 7 मार्च (गौतम सरकार)। रामकृष्णनगर स्थित रामकृष्ण सेवाश्रम संघ के मंदिर प्रांगण में रविवार को भक्ति सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर परिसर में त्रिपुरा तथा श्रीभूमि जिले से पधारे दो पूज्य महराजों का पारंपरिक रूप से उत्तरिय ओढ़ाकर स्वागत करने से हुई। इनमें कैलाशहर रामकृष्ण मिशन के महराज श्रीमंत स्वामी गिरिजानंदजी महाराज तथा करीमगंज रामकृष्ण मिशन के श्रीमंत स्वामी प्रेमघनानंदजी महाराज शामिल थे।
कार्यक्रम के दौरान रामकृष्ण सेवाश्रम संघ की सलाहकार मंडली के सदस्य बुद्ध भट्टाचार्य ने रामकृष्ण कथामृत का पाठ किया। इसके बाद अपने प्रवचन में स्वामी गिरिजानंदजी महाराज ने भगवान श्रीरामकृष्ण के जीवन और उनके आध्यात्मिक आदर्शों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऋषि-मुनियों की साधना से जो दिव्य अनुभूति प्रकट होती है, उसी परंपरा में समय-समय पर भगवान विभिन्न रूपों में अवतरित होकर मानव समाज को सही मार्ग दिखाते हैं। भगवान श्रीरामकृष्ण ने अपने जीवन और साधना के माध्यम से ईश्वर की अनुभूति का मार्ग मानवता के सामने प्रस्तुत किया।
स्वामी प्रेमघनानंदजी महाराज ने अपने संबोधन में श्री श्री सारदा माता के जीवन और उनके त्याग व सेवा के आदर्शों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारत के राष्ट्रीय आदर्श के रूप में त्याग और सेवा को स्थापित किया था, जिसका जीवंत उदाहरण श्रीरामकृष्ण और मां सारदा का जीवन है। उन्होंने कहा कि श्रीरामकृष्ण कोई सामान्य साधक नहीं बल्कि एक अवतार पुरुष थे, जिनका ईश्वरदर्शन युवावस्था में ही हो चुका था।
कार्यक्रम के दौरान भक्त कलाकारों ने श्री श्री सारदा माता के भक्ति गीत प्रस्तुत किए। इसके बाद सेवाश्रम संघ की सदस्य डॉ. माला शर्मा ने सारदा माता के जीवन पर पाठ किया। सम्मेलन में उपस्थित भक्तों ने सामूहिक रूप से पांच मिनट तक जप और ध्यान किया। अंत में “जय जय रामकृष्ण शरणम्” भक्ति गीत के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
कार्यक्रम के पश्चात उपस्थित भक्तों ने दोनों महराजों को प्रणाम कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया और अंत में सभी भक्तों ने महाप्रसाद ग्रहण किया।
इस भक्ति सम्मेलन में रामकृष्णनगर रामकृष्ण सेवाश्रम संघ के अध्यक्ष निर्मल राय, सह-अध्यक्ष समरजीत विश्वास, सचिव बिप्रेश रंजन कर सहित सलाहकार मंडली के सदस्य विकाश रंजन सिंह, सत्यनारायण चौधरी तथा बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित थे।