राताबाड़ी में अग्निशमन केंद्र की भूमि पर कब्जे की कोशिश, आक्रोशित लोगों ने हटाया अवैध घेराव
हीरोक बनिक, रामकृष्ण नगर, 24 मई:
एक ओर राज्य सरकार पहाड़ी क्षेत्रों में सरकारी खस जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए व्यापक अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर राताबाड़ी के काजीबाजार क्षेत्र स्थित करोड़ों रुपये मूल्य की लगभग तीन बीघा सरकारी भूमि पर कथित भू-माफियाओं द्वारा कब्जे की कोशिश को लेकर पूरे इलाके में भारी रोष व्याप्त है। इस घटना ने राताबाड़ी क्षेत्र में व्यापक चर्चा और तनाव का माहौल पैदा कर दिया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, काजीबाजार के समीप स्थित उक्त भूमि को लंबे समय पहले अग्निशमन केंद्र स्थापित करने के उद्देश्य से आवंटित किया गया था। दक्षिण करीमगंज के तत्कालीन विधायक एवं मंत्री सिद्दीक अहमद ने राताबाड़ी थाने में अग्निशमन केंद्र की स्थापना कर दो दमकल वाहन भी उपलब्ध कराए थे। बाद में कथित रूप से स्थानाभाव का हवाला देकर उन वाहनों को अन्यत्र स्थानांतरित कर दिया गया। बताया गया है कि आनिपुर जिला परिषद के पूर्व सदस्य हेलाल अहमद खान ने काफी प्रयासों के बाद उक्त भूमि को आधिकारिक रूप से अग्निशमन केंद्र के लिए आवंटित करवाया था। पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल तथा वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा की अनुशंसा के बाद विभागीय स्तर पर भूमि का सर्वेक्षण भी किया गया था। इतना ही नहीं, अग्निशमन केंद्र भवन निर्माण के लिए लगभग चार करोड़ रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई थी।
इसी बीच आरोप है कि मंगलवार रात साकिर अहमद नामक एक कथित भू-माफिया ने कुछ असामाजिक तत्वों की मदद से रात के अंधेरे में अग्निशमन केंद्र के लिए लगाए गए साइनबोर्ड को हटाकर टिन की घेराबंदी कर भूमि पर कब्जे का प्रयास किया। घटना की खबर फैलते ही पूरे राताबाड़ी क्षेत्र में आक्रोश फैल गया।
गुरुवार सुबह सैकड़ों स्थानीय लोग घटनास्थल पर एकत्रित हुए और कथित अवैध कब्जे को हटाकर जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराया। सूचना मिलने पर काजीबाजार विकास समिति के अध्यक्ष हेलाल अहमद खान, सचिव अब्दुल हसीब, कोषाध्यक्ष शंकर देवनाथ, बाजार समिति के अध्यक्ष एनाम उद्दीन अबुल, सचिव खैरुल हसन खान, कोषाध्यक्ष सुहेल अहमद, जीपी एपी सदस्य प्रतिनिधि नजमुद्दीन अहमद, सहकारी समिति के उपाध्यक्ष बहाउद्दीन तथा बाजार समिति के पूर्व अध्यक्ष हाजी सलीम उद्दीन अहमद सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौके पर पहुंचे।
स्थानीय नेताओं एवं नागरिकों ने कहा कि जब सरकार सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए आम लोगों के घर तक तोड़ रही है, तब जनता के आंदोलन से अग्निशमन केंद्र के लिए आरक्षित इस महत्वपूर्ण सरकारी भूखंड पर किसी विशेष व्यक्ति द्वारा कब्जे की कोशिश किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार भविष्य में इस भूमि को अग्निशमन विभाग से वापस लेती है, तो इसे सार्वजनिक हित में उपयोग किया जाना चाहिए, न कि किसी निजी व्यक्ति को सौंपा जाना चाहिए। उधर, राताबाड़ी स्पोर्ट्स एसोसिएशन लंबे समय से क्षेत्र में एक खेल मैदान की मांग करती आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर उक्त भूमि को खेल मैदान के रूप में भी विकसित किया जा सकता है। बताया गया कि विधायक विजय मालाकार ने भी खेल मैदान उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था।
स्थानीय नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया कि कब्जे की कोशिश के दौरान बाहरी क्षेत्रों से कुछ नशे में धुत युवकों को लाकर इलाके में भय और तनाव का वातावरण बनाने का प्रयास किया गया। साथ ही सत्तारूढ़ दल के अल्पसंख्यक मोर्चा के कुछ लोगों पर भी कथित रूप से सहयोग करने के आरोप लगाए गए हैं।
घटना को लेकर बढ़ते जनाक्रोश के बीच शनिवार शाम चार बजे काजीबाजार तेमाथा में एक आपात बैठक बुलाई गई है। बाजार विकास समिति के सचिव अब्दुल हसीब तथा बाजार समिति के अध्यक्ष एनाम उद्दीन अबुल ने क्षेत्र के सभी वर्गों के लोगों से बैठक में उपस्थित रहने की अपील की है।