भारत के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के शनिवार, 7 मार्च 2026 को सिलीगुड़ी, पश्चिम बंगाल के अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के दौरान हुई घटना, राज्य सरकार का व्यवहार बहुत ही घोर निंदनीय और भंयकर अपमानजनक है। कार्यक्रम विधाननगर उपमंडल में होना था लेकिन पुलिस ने अनुमति नहीं दी, उसे बागडोगरा के गोशाईपुर में स्थानांतरित कर दिया गया। वहां भी लोगों को भाग लेने से रोका गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी साथ नहीं दिया। यह न केवल सर्वोच्च संवैधानिक पद माननीय राष्ट्रपति का अपमान हुआ है बल्कि भारतीय एवं संपूर्ण जनजाति समाज का अपमान है।
देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है,पर राष्ट्रपति और अन्य उच्च संवैधानिक पदों – उनके ऊपर बैठे लोगों को तुच्छ राजनीति से दूर रखना हम कब सीखेंगे? ऐसी अपमानजनक राजनीति कब तक चलता रहेगा?
सत्येन्द्र सिंह
राष्ट्रीय अध्यक्ष
अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम, जशपुर नगर, छत्तीसगढ़।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री द्वारा राष्ट्रपति का अपमान किए जाने की कल्याण आश्रम ने की कड़ी निंदा
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री द्वारा राष्ट्रपति का अपमान किए जाने की कल्याण आश्रम ने की कड़ी निंदा
प्रेरणा प्रतिवेदन शिलचर, 8 मार्च: