एमएसएमई बोर्ड की असम समिति के नवनियुक्त अध्यक्ष नरेंद्र एन. सिन्हा ने जताई पूर्वोत्तर के औद्योगिक विकास की उम्मीद

एमएसएमई बोर्ड की असम समिति के नवनियुक्त अध्यक्ष नरेंद्र एन. सिन्हा ने जताई पूर्वोत्तर के औद्योगिक विकास की उम्मीद

शिलचर/विशेष प्रतिनिधि: भारत के एमएसएमई प्रमोशनल डेवलपमेंट बोर्ड की असम राज्य समिति के नवनियुक्त अध्यक्ष नरेंद्र एन. सिन्हा ने पूर्वोत्तर भारत में औद्योगिक संभावनाओं को नई दिशा देने का संकल्प व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि असम और पूरे उत्तर-पूर्व क्षेत्र में मौजूद संसाधनों और उद्यमशीलता क्षमता को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने के लिए समिति जमीनी स्तर से काम शुरू कर चुकी है।

सिन्हा ने बताया कि हैंडलूम, चाय उत्पादन, हस्तशिल्प और उभरते हुए टेक स्टार्टअप जैसे स्थानीय क्षेत्रों को मजबूत बनाकर उन्हें बड़े बाजार तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है। इसके लिए सूक्ष्म उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और किसानों को नेतृत्व, प्रशिक्षण, संसाधन और डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए जाएंगे।

उन्होंने कहा, “असम के छोटे उद्यमियों, एसएचजी और किसानों को राष्ट्रीय बाजार की प्रतिस्पर्धा में सफल बनाने के लिए हम व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण, संसाधन और डिजिटल कनेक्टिविटी पर काम करेंगे।”

सिन्हा के अनुसार, पिछले फरवरी में दिसपुर प्रेस क्लब में असम यूनिट का औपचारिक परिचय और वर्ष 2026 के लिए रणनीतिक रोडमैप प्रस्तुत किया गया था। इस रोडमैप में डिजिटलाइजेशन, रोजगार उन्मुख एक्सपो तथा ग्रामीण और शहरी उद्यमियों के लिए संसाधन उपलब्ध कराने जैसे कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई है।

उन्होंने कहा कि उत्तर-पूर्व क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा, समृद्ध हस्तशिल्प परंपरा और युवाओं की ऊर्जा का उपयोग कर एमएसएमई क्षेत्र को भारत की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाया जा सकता है। इसके तहत स्थानीय उद्यमियों के लिए नए प्रचार मंच शुरू किए जाएंगे और डिजिटल ढांचे को मजबूत किया जाएगा, जिससे स्वयं सहायता समूहों और छोटे किसानों को राष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था से जोड़ने में मदद मिलेगी।

समिति को उम्मीद है कि इन पहलों से असम की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा परिवर्तन आएगा और हजारों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

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