तीन साल में ही टूटने लगा एनएच-27 का बालाछड़ा–हरंगाजाओ हिस्सा, जियोटेक रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे
प्रेरणा ब्यूरो शिलचर: राष्ट्रीय राजमार्ग की समस्याएँ थमने का नाम नहीं ले रही हैं। जिन हिस्सों में अभी काम चल रहा है वहाँ तो दिक्कतें हैं ही, लेकिन हैरानी की बात यह है कि जिन स्थानों पर काम पूरा हो चुका है, वहाँ भी सड़क तेजी से खराब हो रही है।
बालाछड़ा से हरंगाजाओ तक राष्ट्रीय राजमार्ग-27 की स्थिति अत्यंत दयनीय हो चुकी है। इस सड़क का निर्माण कार्य वर्ष 2023 में पूरा हुआ था, लेकिन मात्र तीन वर्षों के भीतर ही कई जगह सड़क टूटने लगी है। इस परियोजना का निर्माण कार्य सुसी इंफ्रा एंड माइनिंग लिमिटेड को सौंपा गया था। नियम के अनुसार निर्माण कंपनी को पाँच वर्षों तक सड़क का रखरखाव करना होता है, लेकिन अब तक मरम्मत की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है। परिणामस्वरूप सड़क की हालत दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है।

हाल ही में शिकायत मिलने के बाद जियो-टैगिंग के माध्यम से विजुअल सर्वे और जियोटेक निरीक्षण किया गया। इस सर्वे में गंभीर अनियमितताएँ सामने आई हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग-27 के 244 किलोमीटर से 269 किलोमीटर के बीच किए गए निरीक्षण में सड़क के कई हिस्सों में गहरी दरारें, धँसी हुई सतह और रिटेनिंग वॉल के ढहने की घटनाएँ सामने आईं। रिपोर्ट के अनुसार कम से कम छह स्थानों पर रिटेनिंग वॉल ध्वस्त हो चुकी है। खासकर 262 से 267 किलोमीटर के बीच सड़क की स्थिति अत्यंत खराब पाई गई है। कई जगहों पर सड़क के बीचों-बीच बड़ी दरारें पड़ गई हैं और वाहन के पहियों के रास्ते में गहरे गड्ढे बन गए हैं।
रिपोर्ट में यह सवाल भी उठाया गया है कि 2023 में निर्माण पूरा होने के बाद इतनी जल्दी सड़क की हालत इतनी खराब कैसे हो गई। नियमानुसार निर्माण एजेंसी को 2028 तक सड़क की देखरेख करनी है, लेकिन तीन साल भी पूरे नहीं हुए और सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो रही है। इसके बावजूद हैदराबाद स्थित निर्माण कंपनी द्वारा मरम्मत का कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यह भी सवाल उठ रहा है कि जब एनएचआईडीसीएल (NHIDCL) के साथ पाँच वर्षों तक रखरखाव का अनुबंध है, तो कंपनी को मरम्मत के लिए बाध्य क्यों नहीं किया जा रहा।

उधर हरंगाजाओ से नमरिंग तक सड़क निर्माण कार्य भी धीमी गति से चल रहा है। कई स्थानों पर अभी भी काम जारी है और लोगों को सबवे के रास्ते गुजरना पड़ रहा है, जिससे समय की काफी बर्बादी हो रही है। पहले निर्माणाधीन एक पुल के गिरने की घटना भी सामने आ चुकी है। मंत्री कौशिक राय ने जनवरी तक सिंगल लाइन यातायात शुरू होने की बात कही थी, लेकिन अभी भी कई हिस्सों में निर्माण कार्य जारी है।
रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि बालाछड़ा से हरंगाजाओ तक राजमार्ग के इस हिस्से की जल्द मरम्मत नहीं की गई, तो पूरी सड़क गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो सकती है। रिपोर्ट में अत्यधिक वाहनों की आवाजाही और जल निकासी के लिए पर्याप्त ड्रेनेज व्यवस्था के अभाव को भी इसके कारणों में शामिल किया गया है। हालांकि सड़क की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब निर्माण कंपनी की जिम्मेदारी अभी भी बाकी है, तो मरम्मत कार्य क्यों नहीं कराया जा रहा और संबंधित एजेंसियाँ इस मामले में कार्रवाई क्यों नहीं कर रही हैं।