धार्मिक आस्था और श्रद्धा के साथ शिलचर में मनाई गई भगवान विश्वकर्मा पूजा

शिलचर से रानू दत्त की रिपोर्ट, 19 सितंबर। धार्मिक रीति-रिवाज और श्रद्धा के साथ शुक्रवार को शिलचर में देवशिल्पी भगवान श्रीश्री विश्वकर्मा की पूजा धूमधाम से मनाई गई। पूजा को लेकर सुबह से ही शहर के विभिन्न हिस्सों में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।

विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर कल-कारखानों, विभिन्न वर्कशॉप, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, वाहन संबंधी संस्थानों के अलावा सरकारी एवं निजी कार्यालयों में विशेष आयोजन किए गए। शिलचर के पीएचई डिवीजन-1 के प्रदीप दे और डिवीजन-2 के देवदुलाल दास ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पूजा का आयोजन किया गया तथा उपस्थित लोगों के बीच प्रसाद वितरित किया गया।

शिलचर-उधारबंद के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के कार्यकारी अभियंता अनुरुद्ध नाग ने बताया कि करीब 120 वर्षों के बाद विभाग में विश्वकर्मा पूजा का आयोजन किया गया। विभागीय कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक पूजा में हिस्सा लिया। शाम को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में कलाकार विधान लस्कर और मंजुश्री दे ने संगीत प्रस्तुत किया।

इसी तरह शिलचर जल संसाधन विभाग के सौमेन होम चौधरी ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी विभाग में विश्वकर्मा पूजा का आयोजन किया गया। पूजा के बाद करीब 2,000 श्रद्धालुओं के बीच भोग-प्रसाद वितरित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों ने असम के लोकप्रिय संगीत कलाकार जुबिन गर्ग को भी याद किया।

कार्यक्रम में कार्यकारी अभियंता के. जमां, देवाशीष आचार्य, मिठू नाग, सुखेंदु धर सहित कार्यालय के अन्य कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

शिलचर के विद्युत विभाग सहित विभिन्न सरकारी कार्यालयों और प्रतिष्ठानों में पुरोहितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। कर्मचारियों और श्रद्धालुओं ने भगवान विश्वकर्मा के चरणों में पुष्पांजलि अर्पित कर सुख-समृद्धि एवं सफलता की कामना की।

पूजा के अवसर पर विभिन्न कार्यालयों एवं प्रतिष्ठानों को फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया था। कई स्थानों पर विशेष भोग एवं प्रसाद की व्यवस्था की गई। सुबह से ही पूजा मंडपों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। पूजा के साथ सहकर्मियों और स्थानीय लोगों के बीच शुभकामना आदान-प्रदान से भी उत्सव का माहौल बना रहा।

पूजा के बाद विभिन्न संस्थानों की ओर से कर्मचारियों, श्रद्धालुओं और आम लोगों के बीच महाप्रसाद वितरित किया गया। कई स्थानों पर दोपहर में भोग का भी आयोजन हुआ, जबकि कुछ प्रतिष्ठानों में शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

तकनीक, उद्योग और कारीगरी से जुड़े लोगों के लिए भगवान विश्वकर्मा की पूजा का विशेष महत्व है। इसी परंपरा को कायम रखते हुए शिलचर के विभिन्न संस्थानों और कार्यस्थलों पर इस वर्ष भी श्रद्धा और उत्साह के साथ विश्वकर्मा पूजा का आयोजन किया गया।

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